फिल्म के गीतों के लिए संगीतकार अलग अलग गायकों को क्यूँ चुनता है इसके पीछे काफी सारे कारण होते हैं. एक कारण ये भी है कि संगीतकार की पसंद की जगह किसी और की पसंद काम कर रही होती है.
फिल्म में दो नायक हों तो अलग अलग आवाज़ ली जाती है दोनों के गानों के लिए. इकॉनोमी पैक में एक ही गायक से काम चला लिया जाता है. ज्यादा ही पैसे की तंगी हो तो संगीतकार खुद ही गा लिया करता है.
गीत के बोल:
आज हम तुम ओ सनम मिल के ये वादा करें आज हम तुम ओ सनम मिल के ये वादा करें मैं तेरे दिल में रहूं मैं तेरे दिल में रहूं तू मेरे दिल में रहे आज हम तुम ओ सनम मिल के ये वादा करें आज हम तुम ओ सनम मिल के ये वादा करें मैं तेरे दिल में रहूं मैं तेरे दिल में रहूं तू मेरे दिल में रहे आज हम तुम ओ सनम मिल के ये वादा करें आज हम तुम ओ सनम मिल के ये वादा करें
हम तेरी आँखों में ऐसे खो जायेंगे हो हम तेरी आँखों में ऐसे खो जायेंगे दुनिया वालों को ना हम नज़र आयेंगे दुनिया वालों को ना हम नज़र आयेंगे आज हम तुम ओ सनम मिल के ये वादा करें हो आज हम तुम ओ सनम मिल के ये वादा करें
चाँदनी रातों में जब याद आती है हो चाँदनी रातों में जब याद आती है तेरे दीवाने को कितना तड़पाती है तेरे दीवाने को कितना तड़पाती है
आज हम तुम ओ सनम मिल के ये वादा करें आज हम तुम ओ सनम मिल के ये वादा करें मैं तेरे दिल में रहूं मैं तेरे दिल में रहूं तू मेरे दिल में रहे आज हम तुम ओ सनम मिल के ये वादा करें आज हम तुम ओ सनम मिल के ये वादा करें …………………………………………………………. Aaj ham tum o sanam-Sathi 1991
घंटा घड़ियाल हिट्स के अंतर्गत सुनते हैं एक गीत फिल्म
हनीमून से. ये सन १९९२ वाला हनीमून है. जिस फिल्म में
दो या अधिक नायिकाएं होतीं तो पब्लिक कहती नायक की
पाँचों उँगलियाँ घी में.
सुनते हैं फिल्म से अगला गीत जिसे लिखा है एम् जी हशमत
ने और धुन तैयार की है आनंद मिलिंद ने. सपना मुखर्जी,
जॉली मुखर्जी और सुदेश भोंसले ने इसे गाया है.
गीत के बोल:
घंटी बजाये गुलफ़ाम मेरे होंठों के जाम तेरे नाम
घंटी बजाये गुलफ़ाम मेरे होंठों के जाम तेरे नाम
मैं भी हूँ तुम भी हो तुम भी हो और मैं भी हूँ
मिल के गुजारेंगे शाम
घंटी बजाये गुलफाम मेरे होंठों के जाम तेरे नाम
घंटी बजाये गुलफाम मेरे होंठों के जाम तेरे नाम
आ जा तुझको जन्नत दिखाऊंगी
आ जा आ जा
अरे आ जा तुझको जन्नत दिखाऊंगी
दिल तेरा बहलाऊंगी
नरम नाज़ुक उँगलियों से
तन बदन सहलाऊंगी
शरबत पिलाऊंगी किशमिश खिलाऊँगी
ठुमका लगाऊंगी नाचूंगी गाऊंगी
फूलों पे सुला के दूँगी मैं तुझे आराम
घंटी बजाये गुलफाम मेरे होंठों के जाम तेरे नाम
घंटी बजाये गुलफाम मेरे होंठों के जाम तेरे नाम
आया हूँ मैं महफ़िल में तेरी
आ जा आ जा
अरे आया हूँ मैं महफ़िल में तेरी लौट के ना जाऊँगा
जितने फल हैं पास तेरे सब के सब मैं खाऊंगा
अंगूर भी हैं खजूर भी हैं अनार भी हैं गुलनार भी है
होंठों से चबा ले ये है हुस्न दीवाना
घंटी बजाये गुलफ़ाम मेरे होंठों के जाम तेरे नाम
घंटी बजाये गुलफ़ाम मेरे होंठों के जाम तेरे नाम
मैं जन्नत के बाग में आ कर खाता था अंगूर
कहाँ से आ गया लंगूर
आपका ये अंगूर खाना मुझको नामंजूर
मैं तो रोकूँगा हुज़ूर
मीठा नहीं खट्टा नहीं ज्यादा खाना अच्छा नहीं
अरे रोक मत टोक मत जानता हूँ बच्चा नहीं
मक्खन ना मलाई नहीं कोई चिकनाई नहीं
तेरे नसीब में कोई भी मिठाई नहीं
मुझको तो मीठा चाहिए साथ में नमकीन भी
दौलत के साथ चाहिए दावतें रंगीन भी
तू जी भर के खा ले ये हैं मीठे मीठे आम
घंटी बजाये गुलफ़ाम मेरे होंठों के जाम तेरे नाम
घंटी बजाये गुलफ़ाम मेरे होंठों के जाम तेरे नाम
तुम हो बीबी उस जहाँ की इस जगह क्यों आई हो
तेरा मेरा नाता टूटा लगती मुझे परायी हो
अरे तुम हो बीबी उस जहाँ की इस जगह क्यों आई हो
तेरा मेरा नाता टूटा लगती मुझे परायी हो
डर मत अपनी बीबी से तू ऐश कर खुले आम
फिल्म साहिबां से आपने कुछ गीत सुने. अब सुनते हैं अगला गीत
जिसे कई वेबसाईटों के अनुसार अभिजीत और साधना सरगम ने गाया
है.
इसके बोल आनंद बक्षी के और संगीत शिव हरी का है. माधुरी दीक्षित
और ऋषि कपूर पर इसे फिल्माया गया है. गीत के असल गायकों के
नाम हमने टैग में दे रखे हैं.
गीत के बोल:
इस मेले में लोग आते हैं खो जाते हैं
इस मेले में लोग आते हैं खो जाते हैं
मेरी ऊंगली पकड़ के मेरे साथ चलना
मेरी ऊंगली पकड़ के मेरे साथ चलना
ना ना ना ना ना ना
छोड़ उंगली पकड़ मेरा हाथ सजना
छोड़ उंगली पकड़ मेरा हाथ सजना
धम धमा धम धितंग धितंग धम धमा धम
धम धमा धम धितंग धितंग धम धमा धम
इस मैले में लोग आते हैं खो जाते हैं
आँखें ज़रा देर को मींच ले तू
आँखें ज़रा देर को मींच ले तू
तस्वीर मेरी यहीं खींच ले तू
तस्वीर मेरी यहीं खींच ले तू
पास अपने उसे दिन रात रखना
मेरी ऊंगली पकड़ के मेरे साथ चलना
छोड़ उंगली पकड़ मेरा हाथ सजना
धम धमा धम धितंग धितंग धम धमा धम
धम धमा धम धितंग धितंग धम धमा धम
इस मैले में लोग आते हैं खो जाते हैं
हैं काम कितने मगर वक़्त थोड़ा
हैं काम कितने मगर वक़्त थोड़ा
बनवा ले जल्दी तू शादी का जोड़ा
शादी का जोड़ा
तू भी तैयार अपनी बारात रखना
मेरी ऊंगली
मेरी ऊंगली पकड़ के मेरे साथ चलना
छोड़ उंगली पकड़ मेरा हाथ सजना
धम धमा धम धितंग धितंग धम धमा धम
धम धमा धम धितंग धितंग धम धमा धम
इस मैले में लोग आते हैं खो जाते हैं
ऊपर नीचे आगे पीछे खड़े हैं
ऊपर नीचे आगे पीछे खड़े हैं
इस प्यार के लोग दुश्मन बड़े हैं
इस प्यार के लोग दुश्मन बड़े हैं
दुश्मनों पे नज़र दिन रात रखना
मेरी ऊंगली
मेरी ऊंगली पकड़ के मेरे साथ चलना
छोड़ उंगली पकड़ मेरा हाथ सजना
धम धमा धम धितंग धितंग धम धमा धम
धम धमा धम धितंग धितंग धम धमा धम
इस मैले में लोग आते हैं खो जाते हैं
इस मेले में लोग आते हैं खो जाते हैं
इस मेले में लोग आते हैं खो जाते हैं
इस मेले में लोग आते हैं खो जाते हैं
…………………………………………………………………
Is mele mein log aate hain-Sahibaan 1993
तो श्रीमान, जिन मुखड़ों में शब्द युग्म "ओ हसीना" आता है ऐसे दो
वाकये हम पेश कर चुके हैं इस ब्लॉग पर. आइये लगे हाथ तीसरा
उदाहरण भी प्रस्तुत कर देते हैं. ये कुछ नया नया सा है. वैसे इसे
भी रुपहले परदे पर अवतरित हुए बस २३ साल ही हुए हैं. ये सन
१९९२ का गीत है फिल्म संगीत से. अब आपको ये भी बता दिया जाए,
किस किस का ओ हसीना आपने सुना है अब तक. एक तो पहले
आपने सुना है इधर-तीसरी मंजिल से मजरूह का, दूसरा आपने पिछली पोस्ट में सुना आनंद बक्षी वाला, अब सुनने वाले हैं आप
संतोष आनंद की कलम से निकला 'ओ हसीना ' आप कहेंगे ये तो
बेईमानी है क्यूंकि ये शब्द मुखड़े की जगह तीसरी पंक्ति में आ रहे
हैं. अब क्या करें, ये गीत इन्हीं शब्दों से प्रसिद्ध है. मुझे हमेशा ऐसे
गीतों से दिक्कत रही, जो शुरू कानपुर से होते हैं और सी. डी., कैसेट
वगैरह के विवरण में नागपुर छपा मिलता है. ऐसा अक्सर उन गीतों
के साथ भी होता है जिनके शुरू में एक आध शेर-शेरनी चिपके होते हैं.
जैसे साम्बर के साथ चटनी फ्री मिलती है, वैसे ही कुछ गीतों के
साथ शुरू में शेर फ्री मिला करते हैं हिंदी फिल्म संगीत के खजाने में.
वैसे एक बात तो तय है कुछ शेर गीत की खूबसूरती में इजाफा ही
करते हैं.
गीत फिल्माया गया है जैकी श्रोफऔर माधुरी दीक्षित पर. संगीत
तैयार किया है आनंद-मिलिंद ने. गीत को गा रहे हैं जोली मुखर्जी.
जिनकी आवाज़ बिलकुल अलग हट के है और वे सैकड़ों की भीड़
में अलग पहचाने जाते हैं. फिल्म चांदनी का शीर्षक गीत आपको
याद ही होगा-'चांदनी मेरी चांदनी' इन्हीं का गाया हुआ है.
gगीत के बोल:
ओ उड़ उड़ उड़ता जाऊं मैं पंछी अलबेला कोई सुने या सुने न मुझको अरे गाता जाऊं अकेला
अरे सुन ओ हसीना काजल वाली, अरे सुन ओ हसीना अरे सुन ओ हसीना काजल वाली मेरा पूछो पता न दिलदारा मैं आवारा एक बंजारा मेरा पूछो पता न दिलदारा मैं आवारा एक बंजारा मैं आवारा एक बंजारा, मैं आवारा एक बंजारा मेरा पूछो पता न दिलदारा मैं आवारा एक बंजारा रे, मेरा पूछो पता न दिलदारा मैं आवारा एक बंजारा
तेरी साँसों के झूले में झूला झूलूँ मैं अरे झूला झूलूँ मैं तेरे होंठों के फूलों को हौले से छू लूं, छू लूं मैं. अरे दिल का बजाऊँ मैं इकतारा मैं आवारा एक बंजारा हो, दिल का बजाऊँ मैं इकतारा मैं आवारा एक बंजारा
अरे सुन ओ हसीना काजल वाली, अरे सुन ओ हसीना अरे सुन ओ हसीना काजल वाली मेरा पूछो पता न दिलदार मैं आवारा एक बंजारा मेरा पूछो पता न दिलदार मैं आवारा एक बंजारा
धूप में भी चला, छांव में भी चला अरे मन मेरा मनचला, सबसे प्यार से मिला धूप में भी चला, छांव में भी चला अरे मन मेरा मनचला, सबसे प्यार से मिला पीछे मुड के देखा न दोबारा, मैं आवारा एक बंजारा पीछे मुड के देखा न दोबारा, मैं आवारा एक बंजारा
अरे सुन ओ हसीना काजल वाली, अरे सुन ओ हसीना अरे सुन ओ हसीना काजल वाली मेरा पूछो पता न दिलदार मैं आवारा एक बंजारा रे मेरा पूछो पता न दिलदार मैं आवारा एक बंजारा मैं आवारा एक बंजारा, मैं आवारा एक बंजारा मेरा पूछो पता न दिलदार मैं आवारा एक बंजारा रे मेरा पूछो पता न दिलदार मैं आवारा एक बंजारा मैं आवारा एक बंजारा, मैं आवारा एक बंजारा ...........................................................................
O haseena kaajal wali-Sangeet 1992
ग्लोरिया इस्तेफान के glorious "rhythm's gonna get you" का देसी संस्करण हमने सुना फिल्म-त्रिदेव में। विजू शाह की ये पहली फिल्म थी। विजू कल्याणजी के पुत्र हैं। विलायती आलू बड़े में लाल मिर्ची की जगह काली मिर्च डाल के उसको नए चड्डी बनियान पहनाये गए हैं । दोनों का आनंद उठाइए । ध्वनियाँ अगर थोड़ी अलग प्रकार की हैं तो भाषा कोई भी हो वो सबका ध्यान आकर्षित करती हैं। १९८९-९० के साल में जहाँ देखो यही सुनाई पड़ता था-ओये ओये। इस गीत की तर्ज़ पर दाद खाज खुजली का मलहम बनाने वाली कंपनी Beetex ने एक विज्ञापन भी बनाया था-'खुजली करने वाले, बीटेक्स लगा ले'। त्रिदेव के गीत से शायद सबसे ज्यादा फ़ायदा नसीरूदीन शाह को हुआ। जब भी कोई हिंदी गाना लोकप्रिय होता है तो जिस कलाकार पर फिल्माया गया होता उस कलाकार को प्रसिद्धि अवश्य मिलती है। आम जनता इस अंदाज़ में बात करती है- भिडू , नसीर ने क्या भेरंट गाना गया है फिल्म में । ये गाना अकेला अपने आप में फिल्म को चर्चित करने में सक्षम था।
तिरछी टोपीवाले ओ ओ ओ ओ ओ, ओ बाबू भोले भाले ओ ओ ओ ओ ओ तिरछी टोपीवाले ओ, ओ बाबू भोले भाले ओ तू याद आने लगा हैं दिल मेरा जाने लगा है तू याद आने लगा हैं दिल मेरा जाने लगा है
ओ तिरछे नैनोंवाली ओ ओ ओ ओ ओ ओ बीबी भोली भाली ओ ओ ओ ओ ओ ओ तिरछे नैनोंवाली ओ ओ बीबी भोली भाली ओ तू याद आने लगी हैं जान मेरी जाने लगी है तू याद आने लगी हैं जान मेरी जाने लगी है
ओ अँखियाँ मिला मुझे दिल में बसा पलकों पे बिठा इस बात का मतलब बता तेरी मर्जी है क्या मेरा चैन उदा दे जुल्मी मेरी नींद उदा दे तिरछी टोपीवाले
तिरछी टोपीवाले ओ , ओ बाबू भोले भाले ओ तू याद आने लगा हैं दिल मेरा जाने लगा हैं तू याद आने लगी हैं जान मेरी जाने लगी हैं ओये ओये, ओये ओ वा या यी हो
झूठा सही तेरा वादा मगर मुझे सच्चा लगा झूठा सही तेरा वादा मगर मुझे सच्चा लगा ये तो बता तुझे मुझ में भला क्या अच्छा लगा गोरा गोरा मुखड़ा तेरी आँखें काली काली तिरछे नैनों वाली
ओ तिरछे नैनों वाली, ओ बीबी भोली भाली तू याद आने लगी हैं जान मेरी जाने लगी है तिरछी टोपीवाले ओ ,
ओ बाबू भोले भाले ओ तू याद आने लगा हैं दिल मेरा जाने लगा है तू याद आने लगी है जान मेरी जाने लगी है ....................................... Oye oye-Tridev 1989
फिल्म जोश(२०००) के चार गीत आपको सुनवा दिए हैं। फिल्म के संगीत पर काफी चर्चा हम कर चुके हैं। केवल इस गीत के ऊपर थोड़ी लालटेन चमकाएंगे। नितिन रैकवार के हिंगलिश गीत को गाया है अभिजीत, जोली मुखर्जी और हेमा सरदेसाई ने। इसमें से जोली और हेमा ऊंची पट्टी पर गाने वाले गायक हैं। अभिजीत ने भी कई गीत ऊंची पट्टी पर गाये हैं मगर वे ऊंची पट्टी वालों की जमात में शामिल नहीं किये जाते। एक आवाज़ और है इस गीत में-अलका याग्निक की जो दूसरे अंतरे के समय प्रकट होती हैं।
गोवा की संस्कृति से ओतप्रोत ये गीत पुराने गोवा और आधुनिक गोवा के बदलावों के बीच सेतु का काम सा करता दिखाई देता है। गीत के बोलों पर ज्यादा दिमाग ना खपायें, खाली धुन का आनंद लेकर काम चलाया जा सकता है। रे रे रे री रा रा गाने वाला गायक ऐसी आवाजें निकाल रहा है जैसे उसको कब्जियत की शिकायत हो । कुल मिला के गीत आकर्षक है और देखने में बढ़िया लगता है अपने नृत्य की वजह से। आप अगर आवाज़ बंद करके सुनेंगे इस गीत को तो लगेगा किसी बहुराष्ट्रीय कंपनी के उत्पाद का विज्ञापन देख रहे हों। आपको विभिन्न देशों के जीव इस गीत में थिरकते नज़र आयेंगे। मिस्त्र की सुंदरी सी वेशभूषा में युवती के साथ टावेल लपेटे चश्मा लगाये अपना हिन्दुस्तानी भाई भी नज़र आएगा इस गीत में। गीत काफी महंगे सेट पर फिल्माया गया है और इसका फिल्मांकन उत्तम कोटि का है।
गीत में नायक को पुरानी यादों के साये में घिरा हुआ दिखाया जाता है। उत्सवी माहौल में वो दुखी है और अपने बचपन को याद कर रहा है।
गीत के बोल :
जिंदा है हम तो, तेरे ही लव से, नहीं तो मर जाता डार्लिंग हम कब से दिल ना तोड़ो, मुंह ना मोड़ो , ओ मारिया ओ मारिया
जिंदा है हम तो, तेरे ही लव से, नहीं तो मर जाता डार्लिंग हम कब से दिल ना तोड़ो, मुंह ना मोड़ो , ओ मारिया ओ मारिया
ओ रम्भा... ओ सम्भा... इतना मुस्का नको मारो हमें, ऐसी बातों से डर लगता हमें तुम प्यार कैसे, बोलो करेगा, डरता है क्यूँ मारिया आईला साला हमपे मरता है ये, लगता है लव हमको करता है ये यूँ न डरेगा, हम तो कहेगा, तुम सा नहीं मारिया
जिंदा है हम तो, तेरे ही लव से, नहीं तो मर जाता डार्लिंग हम कब से दिल ना तोड़ो, मुंह ना मोड़ो , ओ मारिया ओ मारिया
रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु ओ साहिबा तुम भुलाना नहीं, दिल में आ के दूर जाना नहीं दिल जो लिया है, दिल भी दिया है, बेवफा हम नहीं ओ दिल जो तोड़ेगा हम कुछ कर जायेगा, लगता है हम तो मर जायेगा तुमसे मोहब्बत, हमको है कितना, कैसे कहें मारिया ओ रम्भा... ओ सम्भा.... रु रु....
जिंदा है हम तो, तेरे ही लव से, नहीं तो मर जाता डार्लिंग हम कब से दिल ना तोड़ो, मुंह ना मोड़ो , ओ मारिया ओ मारिया .............................. Zinda hain hum to-Josh 2000
शिव हरि का नाम लिया है तो उनका एक और मधुर गीत सुन लिया जाए । शिव कुमार शर्मा और हरिप्रसाद चौरसिया दो दिग्गज हस्तियाँ हैं शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में। उनके फ़िल्मी गीतों में भी फिनिशिंग ज़बरदस्त मिलेगी आपको।
संजय दत्त, ऋषि कपूर और माधुरी अभिनीत फिल्म साहिबां सन १९९३ में आई थी। आखिर ऋषि कपूर को भी माधुरी के साथ काम करने का मौका मिल ही गया। उन्होंने ३-४ फिल्मों में साथ काम किया है । ९० के दशक का पूर्वार्ध धक्-धक् गर्ल के नाम है, हर दूसरी फिल्म में वे ही नज़र आतीं। उन्होंने सन १९८७ से सन १९९७ तक सिल्वर स्क्रीन पर राज़ किया।
तो सुनिए आनंद बक्षी का लिखा, अनुराधा पौडवाल और जोली मुखर्जी का गाया गीत । माधुरी की ज़रा ज़रा देर में मुस्कुराने की आदत गुज़रे ज़माने की अभिनेत्री श्यामा की याद दिलाती है। गौर फरमाएं-ये पंक्तियाँ- डूब मरूंगी मैं -इसे मुस्कुरा के गाते आपने किसी अभिनेत्री को नहीं देखा होगा कभी।
गीत के बोल:
कैसे जिऊंगा मैं, हो कैसे जिऊंगा मैं अगर तू न बनी मेरी साहिबां मेरी साहिबां, मेरी साहिबां, हो
डूब मरूंगी मैं अगर मैं न बनी हो तेरी साहिबां तेरी साहिबां, तेरी साहिबां, हो
लाखों हज़ारों में सैयां मैने चुन लिया हो ओ ओ, लाखों हज़ारों में सैयां मैने चुन लिया लाखों हज़ारों ने फ़ैसला ये सुन लिया हो, एक दूजे के वास्ते हम बने मेरे साजना मेरी साहिबां, तेरी साहिबां, हो
कहती है क्या मुझसे पायल तेरे पांव की हो ओ ओ, कहती है क्या मुझसे पायल तेरे पांव की एक सीधी सादी सी लड़की मैं गांव की तेरे होंठों की बांसुरी बन गई मेरे साजना मेरी साहिबां, तेरी साहिबां, हो
जोअंतराविडियोगीतसेगायबहैवोयूँहै
रातें गुज़रती हैं सारी रात जाग के दिल चाहे आ जाऊं घर से मैं भाग के ओ आना मगर डोली में बैठ कर मेरी साहिबां मेरी साहिबां, तेरी साहिबां तेरी साहिबां
'ऊट पटांगो छींको खांसो' श्रेणी के गीतों में अगला प्रस्तुत है। वैसे ये गीत
कर्णप्रिय है और नाना पाटेकर का अभिनय और जूही की मुस्कराहट पैसे वसूल
करवा देती है। जूही चावला उत्तम गुणवत्ता की मुस्कराहट के लिए विख्यात हैं।
फिल्म का नाम है राजू बन गया जेंटलमेन । जी हाँ आपका अनुमान सही है
ये फिल्म मिर्ज़ा बंधुओं की है जिन्हें लम्बे लम्बे नाम पसंद हैं । बहुत अरसे पहले
की बात है एक शब्द का प्रयोग सुनने में आया-'फुलेरिया'। ये उसके लिए प्रयोग किया
जाता जो फूल के कुप्पा हो जाता या फिर जो थोडा ज्यादा ही तंदुरुस्त दीखता हो। इस
गीत ने बहुत सी यादें ताजा करायीं। एक पुराने साथी थे पटेरिया जी। गीत की तुकबंदी
से वे भी याद आ गए। मिर्ज़ा बंधुओं के टैली सीरियल नुक्कड़ की छाप आपको उनकी
काफी फिल्मों में मिल जाएगी। नुक्कड़ के कलाकार भी नज़र आयेंगे।
गीत के बोल:
क्या हुआ ये इसे क्या हुआ
अरे दोस्तों इसे क्या हुआ
क्या हुआ इसे क्या हुआ
दोस्तों इसे क्या हुआ
इसका तो बज गया बाजा
ये क्या हुआ ये क्या हुआ
अरे भाई ये क्या हुआ
सर्दी खांसी ना मलेरिया हुआ
सर्दी खांसी ना मलेरिया हुआ
ये गया यारों इसको
लव लव लव
लवेरिया हुआ
सर्दी खांसी ना मलेरिया हुआ
मैं गया यारों मुझको
लव लव लव
लवेरिया हुआ
लवेरिया हुआ
लवेरिया हुआ
उसके मोहल्ले में जा के
हाय यारों दिल मेरा खो गया
कटती नहीं अब तो रातें
हाय जाने क्या मुझको हो गया
जागूं सोया सोया रहूँ खोया खोया
जागूं सोया सोया रहूँ खोया खोया
काम करती दवा ना दुआ
लवेरिया हुआ
लवेरिया हुआ
लवेरिया हुआ
हाँ सर्दी खांसी ना मलेरिया हुआ
मैं गया यारों मुझको
लवेरिया हुआ
लवेरिया हुआ
लवेरिया हुआ
उठने लगी मेरे भी दिल में अब तो जाने कैसी उमंगें
पगली कहे कोई मुझको दीवानी कैसी हैं ये तरंगें
कभी तारे गिनूं कभी सपने बुनूं
कभी तारे गिनूं कभी सपने बुनूं
अब तो इस दिल का मालिक खुदा
लवेरिया हुआ
लवेरिया हुआ
लवेरिया हुआ
हाँ सर्दी खांसी ना मलेरिया हुआ
मैं गया यारों मुझको
लवेरिया हुआ
लवेरिया हुआ
लवेरिया हुआ
डॉक्टर परेशां हैं सारे
झक हकीमों ने मारी
बढती ही जाती है हर दिन
कैसी है ये बीमारी
मर्ज़ जाता नहीं, चैन आता नहीं
मर्ज़ जाता नहीं, चैन आता नहीं
काम करती दवा ना दुआ
लवेरिया हुआ
लवेरिया हुआ
लवेरिया हुआ
हाँ सर्दी खांसी ना मलेरिया हुआ
मैं गया यारों मुझको
लवेरिया हुआ
लवेरिया हुआ
लवेरिया हुआ
लव लव लव
लवेरिया हुआ
हे, लव लव लव
लवेरिया हुआ
हाय, लव लव लव
लवेरिया हुआ
पिछले गीत में हमने अलग अलग दौर का जिक्र किया था।
नए दौर में ऊंचे सुर और पहाड़ पर चढ़ के गाने का फैशन सा
बन गया है। ये गीत फिल्म आतिश से है जो करिश्मा कपूर और
अतुल अग्निहोत्री पर फिल्माया गया है। फिल्म में संजय दत्त
और आदित्य पंचोली मुख्य भूमिकाओं में हैं। गीत गा रहे हैं
जौली मुखर्जी और अलका याग्निक। फिल्म के निर्माता
जी पी सिप्पी हैं जिन्होंने शोले भी बनाई थी। निर्देशन संजय गुप्ता
ने किया है । ऐसे गीतों को कहा जाता है कैलोरी जलाने वाले गीत।
इस फिल्म के संगीतकार हैं नदीम-श्रवण। हीरो जोश में आ के
पहाड़ पे चढ़ के सेक्सोफ़ोन बजाने लगता है। नायिका उसको
पकड़ लेती है शायद इसलिए की ज्यादा जोश में वो समुद्र में
ना कूद जाए । देखिये ये तमाशा समय ३.२३ पर । गायकों में
जोली मुखर्जी की आवाज़ थोड़ी अलग हट के है जैसे किसी ऑटो
रिक्क्षा के सायलेंसर से फेरबदल के बाद थोड़ी अलग हट के
आवाज़ सुनाई देती है।
गीत के बोल:
दिल दिल दिल दिल मैं तेरे प्यार में खोया
मैं सारी रात ना सोया मैं क्या करूं
लव लव लव लव लव मुझको तुझसे हुआ है
दिल ये तुझपे फ़िदा है मैं क्या करूं
दिल दिल दिल दिल मैं तेरे प्यार में खोया
मैं सारी रात ना सोया मैं क्या करूं
लव लव लव लव लव मुझको तुझसे हुआ है
दिल ये तुझपे फ़िदा है मैं क्या करूं
मैं ख़ुशबू हूँ जान-यादा प्यरा की
मुझे गेसुओं में छुपा ले
मैं धड़कन हूँ तेरे जवान हुस्न की
मुझे अपने दिल में बसा ले
मैं ख़ुशबू हूँ जान-ए-अदा प्यार की
मुझे गेसुओं में छुपा ले
मैं धड़कन हूँ तेरे जवान हुस्न की
मुझे दिल में बसा ले
मेरी जो नज़र हुआ वो असर
कहीं ना मुझे चैन आया
ओ जाने जिगर मेरे हमसफ़र
तुझे मैंने अपना बनाया
दिल दिल दिल दिल मैं तेरे प्यार में खोया
मैं सारी रात ना सोया मैं क्या करूं
प्यार प्यार प्यार प्यार प्यार मुझको तुझसे हुआ है
दिल ये तुझपे फ़िदा है मैं क्या यादा
तेरी आशिकी जब से मुझको मिली
महकने लगी जिंदगानी
लबों से सनम आ जा दिल पे लिखूं
मोहब्बत भरी मैं कहानी
तेरी आशिकी जब से मुझको मिली
महकने लगी जिंदगानी
लबों से सनम आ जा दिल पे लिखूं
मोहब्बत भरी मैं कहानी
ये आवारगी ये दीवानगी ये क्या बेखुदी मुझपे छाई
जहाँ भी गया जहाँ भी रहा मुझको तेरी ही याद आई
प्यार प्यार प्यार प्यार प्यार मुझको तुझसे हुआ है
दिल ये तुझपे फ़िदा है मैं क्या यादा
दिल दिल दिल दिल मैं तेरे प्यार में खोया
मैं सारी रात ना सोया मैं क्या करूं