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Mar 25, 2020

हुस्न की जुल्फें-गोल्डन आईज़ सीक्रेट एजेंट ०७७ १९६८

जैसा कि एक गीत में वर्णन है-तू हुस्न है मैं इश्क हूँ,
उसके अनुसार हुस्न का अभिप्राय यहाँ नायिका से ही
होना चाहिए. गीत में बतलाया गया है –हुस्न की जुल्फें
काली पड़ गईं. अब वो बिना डाई के और बिना खिजाब
के कैसे पड़ीं, गीत के माध्यम से समझते हैं.

शेवान रिज़वी का गीत है जिसे बी एन बाली ने संगीत
में ढाला है. महेंद्र कपूर संग इसे उषा बलसावर ने गाया
है.

शेवान रिज़वी की कल्पनाशीलता इस गीत में फूट फूट
के बाहर आई है. कवियों और शायरों की ह्यूमन एनाटॉमी
की जानकारी और पैरेलल ड्रा करने की कला कभी कभी
दांतों तले उँगलियाँ दबाने पे मजबूर कर देती हैं.

   


गीत के बोल:

हुस्न की जुल्फें काली पड़ गईं
हुस्न की जुल्फें काली पड़ गईं आहों से दिलवालों की
हुस्न की जुल्फें काली पड़ गईं आहों से दिलवालों की
हुस्न की जुल्फें काली पड़ गईं आहों से दिलवालों की
हुस्न की जुल्फें काली पड़ गईं आहों से दिलवालों की
आहों ने तकदीर बना दी काले काले बालों की
हुस्न की जुल्फें काली पड़ गईं आहों से दिलवालों की
हुस्न की जुल्फें काली पड़ गईं आहों से दिलवालों की

इश्क ने तुमको आहें दी हैं आह में दिल का साज़ दिया है
इश्क ने तुमको आहें दी हैं आह में दिल का साज़ दिया है
इश्क ने तुमको आहें दी हैं आह में दिल का साज़ दिया है
हो हमको बनाने वाले ने देखो
नाज़ दिया अंदाज़ दिया है
हमको बनाने वाले ने देखो
नाज़ दिया अंदाज़ दिया है
हमको बनाने वाले ने देखो
नाज़ दिया अंदाज़ दिया है
हो अंदाज़ दिया है अंदाज़ दिया है
ठोकर में हम रखते हैं
ठोकर में हम रखते हैं तकदीर ज़माने वालों की
ठोकर में हम रखते हैं तकदीर ज़माने वालों की
ठोकर में हम रखते हैं तकदीर ज़माने वालों की
ठोकर में हम रखते हैं तकदीर ज़माने वालों की
आहों ने तकदीर बना दी काले काले बालों की
आहों ने तकदीर बना दी काले काले बालों की

तेरे सा अंदाज़ न देखा हुस्न न देखा नाज़ न देखा
तेरे सा अंदाज़ न देखा हुस्न न देखा नाज़ न देखा
तेरे सा अंदाज़ न देखा हुस्न न देखा नाज़ न देखा
कलियाँ खिलती लाखों देखी लेकिन ये आगाज़ ना देखा
कलियाँ खिलती लाखों देखी लेकिन ये आगाज़ ना देखा
हुस्न को तेरे दुआ लगी है
हुस्न को तेरे दुआ लगी है शायद हम दिलवालों की
हुस्न को तेरे दुआ लगी है शायद हम दिलवालों की
अजी हुस्न को तेरे दुआ लगी है शायद हम दिलवालों की
हुस्न को तेरे दुआ लगी है शायद हम दिलवालों की
हुस्न की जुल्फें काली पड़ गईं आहों से दिलवालों की
हुस्न की जुल्फें काली पड़ गईं आहों से दिलवालों की

होश से हम मदहोश हुए हैं अरे मरने पे तैयार हुए हैं
होश से हम मदहोश हुए हैं अरे मरने पे तैयार हुए हैं
होश से हम मदहोश हुए हैं अरे मरने पे तैयार हुए हैं
आँखों में कुर्बान गए हैं क़त्ल बिना तलवार हुए हैं
आँखों में कुर्बान गए हैं क़त्ल बिना तलवार हुए हैं
आँखों में कुर्बान गए हैं क़त्ल बिना तलवार हुए हैं
हो कुर्बान गये हैं कुर्बान गये हैं
खून बन के किस्मत दी है
अरे खून बन के किस्मत दी है लाल गुलाबी गालों की
खून बन के किस्मत दी है लाल गुलाबी गालों की
खून बन के किस्मत दी है लाल गुलाबी गालों की
खून बन के किस्मत दी है लाल गुलाबी गालों की
हुस्न की जुल्फें काली पड़ गईं आहों से दिलवालों की
हुस्न की जुल्फें काली पड़ गईं आहों से दिलवालों की
आहों ने तकदीर बना दी काले काले बालों की
हुस्न की जुल्फें काली पड़ गईं आहों से दिलवालों की
…………………………………………………..
Husn ki zulfen-Golden eyes secret agent 077 1968

Artists: Shailesh Kumar, Mumtaz

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Dec 4, 2019

अंता हबीबी-गोल्डन आईज़ सीक्रेट एजेंट ०७७ १९६८

जेम्स बॉंड की फ़िल्में हमारे देश में बनती तो उसमें गाने
अवश्य होते. बिना ठुमका लगाये कोई मिशन पूरा नहीं होता.
ऐसा नहीं है कि सारी बॉंड फ़िल्में बिना संगीत के बन गयीं.
उन फिल्मों में भी गाने होते हैं, शीर्षक गीत या पार्श्व में
बजने वाला. बॉंड सीरीज़ की कई फिल्मों का संगीत लोकप्रिय
है. ‘डायमंड्स आर फॉरएवर’ सुन के पब्लिक आज भी आहें
भरा करती है.

हिंदी फिल्म जगत में तकरीबन १०० से अधिक जासूसी फ़िल्में
बन चुकी हैं जिनमें से बमुश्किल १५-१६ लोकप्रिय हुईं. जासूसी
फिल्मों को फिल्म समीक्षकों ने जबरन हिट साबित करने के
प्रयास नहीं किये.

एक बार फिर से खुशबूदार, झागवाला डिटरजेन्ट का कमाल.
नहीं नहीं, कमाल तो आप पिछले गीत में देख ही चुके हैं अब
सुनते हैं फिल्म से आशा का ही गाया अगला गीत.

शेवान रिज़वी का लिखा गीत है और बी एन बाली का संगीत.




गीत के बोल:

गुलशन पे घटा छाई बहार आई ज़रा देख
आँखों में मेरे प्यार की गहराई ज़रा देख
ये दिल का धुंआ है या कलेजे का धुआं है
ये दिल का धुंआ है या कलेजे का धुआं है
उल्फत ने कहा आग भडकाएं ज़रा देख

अंता हबीबी अंता रफीकी अंता हबीबी अंता रफीकी
जानेमन जाना ना दिल ये बोले हौले हौले
ना जाना ना जाना हबीबी हो रफीकी हो
अंता हबीबी अंता रफीकी अंता हबीबी अंता रफीकी
जानेमन जाना ना दिल ये बोले हौले हौले

ये रंग ना था ये नूर ना था जब यार ना था महफ़िल में
क्या रंग दिखाती शोख अदा दिलदार ना था महफ़िल में
ये रंग ना था ये नूर ना था जब यार ना था महफ़िल में
क्या रंग दिखाती शोख अदा दिलदार ना था महफ़िल में
ये शमा ना था परवाना ना जाना ना जाना
हबीबी हो रफीकी हो

अंता हबीबी अंता रफीकी जानेमन जाना ना
दिल ये बोले हौले हौले ना जाना ना जाना
हबीबी हो रफीकी हो

क्या किसने कहा क्या किसने सुना ये बात ना दुनिया समझे
एक आँख उठी एक आँख झुकी कह डाल कहानी दिल से
क्या किसने कहा क्या किसने सुना ये बात ना दुनिया समझे
एक आँख उठी एक आँख झुकी कह डाल कहानी दिल से
नज़रों में रहा अफ़साना ना जाना ना जाना
हबीबी हो रफीकी हो

अंता हबीबी अंता रफीकी जानेमन जाना ना
दिल ये बोले हौले हौले ना जाना ना जाना
हबीबी हो रफीकी हो
…………………………………………………..
Ek nazar dekh to lo-Golden eyes secret agent 077 1968

Artists: Shailesh Kumar, Mumtaz

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Nov 8, 2019

दिल में ले के प्यारे-सखी लुटेरा १९६२

६० के दशक में ऐसी काफी फ़िल्में आयीं जिनके
नाम में सखी शब्द जुड़ा होता. १९६२ की फिल्म है
सखी लुटेरा जिसका निर्देशन रुस्तम बी ईरानी ने
किया. इसमें आज़ाद ईरानी, हरक्यूलिस और
शकीला बानो भोपाली संग तबस्सुम प्रमुख कलाकार
हैं.
   
गीत संगीत और इसे गाने वाले सभी कम पहचाने
लोग हैं सिवाय कृष्ण कल्ले के. बी एन बाली इसके
संगीतकार हैं. गीत लिखा है अज़ीज़ गाजी ने और
इसे कृष्ण कल्ले संग उषा बलसावर ने गाया है.
गीत गाने वाली दूसरी चार उषाएं हैं-उषा खन्ना,
उषा टिमोथी, उषा मंगेशकर और उषा उथुप. आपको
और कोई ध्यान आ रही हो तो कमेन्ट बॉक्स में
अवश्य लिखें.

गीत के शुरू में आँख मारो कार्यक्रम बड़ी सहजता
से हो रहा है. इसमें कौन कौन कलाकार हैं आपको
मालूम चले तो हमें भी बतलायें. इसमें आज़ाद और
हरक्यूलिस मौजूद हैं बाकियों को आप पहचानिये.




गीत के बोल:

दिल में ले के प्यारे देख लो नज़र भर के
होय देख लो नज़र भर के
अजी हम तो हैं दिलदार तेरे जाने पहचाने
अजी हम तो हैं दिलदार तेरे जाने पहचाने
देख लो नज़र भर के
हाय देख लो नज़र भर के

ऐ सनम है अभी पहला कदम
राहे उल्फत में सनम है अभी पहला कदम
ऐसे देखो न हमें हो
ऐसे देखो न हमें लागे हमको शरम
लागे है शरम
हाथ में ले लो हाथ करो ना कोई बहन
देख लो नज़र भर के हाय
देख लो नज़र भर के

हमने तो प्यार किया दिल का व्यापार किया
हमने तो प्यार किया दिल का व्यापार किया
हमें ओ ओ ओ ओ
हमें फिर ना ये कहना हमें दिल का दर्द दिया
दर्द दिया
ओए लूट ले जायेंगे तेरा दिल अनजाने
होए लूट ले जायेंगे तेरा दिल अनजाने
देख लो नज़र भर के

आज हंस लो जी दिलवर कल की है किसको खबर
आज हंस लो जी दिलवर कल की है किसको खबर

फिर मिलेंगे हो ओ ओ ओ
फिर मिले ना मिलें आ जा दीवाने
आ जा दीवाने
लिखा हुआ क्या किस्मत में ये कोई ना जाने
ओए लिखा हुआ क्या किस्मत में ये कोई ना जाने
देख लो नज़र भर के
…………………………………………………
Dil mein le ke pyare-Sakhi Lutera 1962

Artists:

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Jan 4, 2019

ये आँखें तेरी हैं कातिल-गोल्डन आईज़ सीक्रेट एजेंट ०७७ १९६८

सुनहरी आँखें और गुप्त प्रतिनिधि फिल्म से अगला गीत
सुनते हैं. जो कि एक युगल गीत है आशा भोंसले और
महेंद्र कपूर का गाया हुआ.

हेलन और शैलेश कुमार पर ये गीत फिल्माया गया है.
जेम्स बाँड की फिल्मों में और देसी फिल्मों में अंतर सिर्फ
इतना है कि बाँड फिल्मों में नायिका अकेले नाचती है,
बल खाती है, समुद्र में डुबकी लगा के मिसाईल की तरह
आसमान को कूच कर जाती है मतलब वो जल थल और
पाताल कहीं भी जा सकती है, वहीँ हिंदी फिल्म में नायिका
केवल थल तक सीमित मिलेगी और उसके साथ नायक
का नाच भी अवश्य होगा. हम ७ ७ हैं वाला फंडा इधर
सभी जगह लागू होगा.

इसी चक्कर में ऐसी फ़िल्में पिट जाती हैं जो निर्माता और
निर्देशक की समझ में नहीं आता. एक और बात ये है बाँड
की फिल्मों का बाजार शहरी दर्शक ज्यादा है और विशेष रूप
से वो जो अंग्रेजी भाषा का जानकार है. ये बात कुछ हद तक
आज भी लागू है. अब तो सब तरफ इन्टरनेट की उपलब्धता
है और गांव का दर्शक भी जेम्स बाँड की फिल्मों को हिंदी
संवादों के साथ देख सकता है.



गीत के बोल:

ये आँखें तेरी हैं कातिल कहीं आ ना जाए तुझपे दिल
झूम झूम के कदम मिला के आओ डांस करें
ये आँखें तेरी हैं कातिल कहीं आ ना जाए तुझपे दिल
झूम झूम के कदम मिला के आओ डांस करें

ये तंग तेरा पजामा उफ़ चाल तेरी हंगामा
और तेरी तीर नज़र का दिल बोला सा रे गा मा
ये तंग तेरा पजामा उफ़ चाल तेरी हंगामा
और तेरी तीर नज़र का दिल बोला सा रे गा मा

बेचैन निगाहें तौबा बलखाती बाहें तौबा
ये इश्क बेचारा तौबा ये लंबी आहें तौबा
बेचैन निगाहें तौबा बलखाती बाहें तौबा
ये इश्क बेचारा तौबा ये लंबी आहें तौबा
ये आँखें तेरी हैं कातिल कहीं आ ना जाए तुझपे दिल
झूम झूम के कदम हिला के आओ डांस करें

तुम पानी की हो मछली या बादल की हो बिजली
अरे कुछ तो होगा हम में जो हो गई दुनिया पगली
तुम पानी की हो मछली या बादल की हो बिजली
अरे कुछ तो होगा हम में जो हो गई दुनिया पगली
ये आँखें तेरी हैं कातिल कहीं आ ना जाए तुझपे दिल
झूम झूम के कदम मिला के आओ डांस करें
………………………………………………………….
Ye aankhen teri hain katil- Golden eyes secret agent 077

Artists: Helen, Shailesh Kumar

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Jul 26, 2018

हाय मैं मर जाऊं-गोल्डन आईज़ सीक्रेट एजेंट ०७७ १९६८

मुमताज़ और शैलेश कुमार अभिनीत इस फिल्म से आप
कुछ गीत सुन चुके हैं. अगला क्लासिक गीत सुनते हैं
आशा और महेंद्र कपूर की आवाजों में.

शेवान रिज़वी के बोल हैं और बलदेव नाथ बाली की धुन.





गीत के बोल:

हाय हाय हाय हाय हाय
हाय हाय मैं मर जाऊं
हाय मैं मर जाऊं
हाय हाय हाय हाय हाय
हाय मैं मर जाऊं

तेरे हुस्न का ये नज़ारा
तेरे हुस्न का ये नज़ारा
जैसे पानी पे अंगारा
कहता है दिल आवारा
हाय मैं मर जाऊं
हाय मैं मर जाऊं
क्या मौसम है मस्ताना
हुआ देख के दिल दीवाना
और दिल से दिल का टकराना
हाय मैं मर जाऊं
हाय मैं मर जाऊं

ये तेरी तेज निगाहें तलवारें हैं के बाहें
दिल भूल गया है मंजिल
दिल भूल गया है मंजिल हम भूल गए हैं राहें
तेरे इश्क ने मुझको मारा
हाय मैं मर जाऊं
हाय मैं मर जाऊं

क्या मौसम है मस्ताना
हुआ देख के दिल दीवाना
और दिल से दिल का टकराना
हाय मैं मर जाऊं
हाय मैं मर जाऊं

हर बात तेरी मस्तानी जज़्बात तेरे तूफानी
जब प्यार से तूने देखा
जब प्यार से तूने देखा मैं शर्म से हो गई पानी
ज़रा देख ना फिर दुबारा
हाय मैं मर जाऊं
हाय मैं मर जाऊं

क्या मौसम है मस्ताना
हुआ देख के दिल दीवाना
और दिल से दिल का टकराना
हाय मैं मर जाऊं
ओये होये होये मैं मर जाऊं

दुनिया में कभी ना देखा दिलदार कोई तुम जैसा
हमने भी कहीं ना देखा
हमने भी कहीं ना देखा दिल फ़ेंक कोई तुम जैसा
तेरा मुखडा प्यार प्यारा
हाय मैं मर जाऊं
ज़रा कह दे फिर दोबारा
हाय मैं मर जाऊं
हाय मैं मर जाऊं

क्या मौसम है मस्ताना
हुआ देख के दिल दीवाना
और दिल से दिल का टकराना
हाय मैं मर जाऊं
हाय मैं मर जाऊं
……………………………………..
Haye main mar jaoon- Golden eyes secret agent 077 1968

Artists: Mumtaz, Shailesh Kumar

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Jun 16, 2018

उल्फत की निशानी दे के-गोल्डन आईज़ सीक्रेट एजेंट ०७७ १९६८

जी हाँ आप सही सोच रहे हैं. हमने इसे उल्फत हिट्स
श्रेणी में शामिल कर रखा है. वैसे भी हमें ऊ से शुरू
होने वाली श्रेणियों से काफी लगाव है. उत्तपम, उई उई,
उदबिलाव इत्यादि.

अच्छे से बोलों वाला ये गीत आशा भोंसले और कमाल बारोट
ने गाया है. मुमताज़ और हेलन पर शायद इसे फिल्माया गया
है.




गीत के बोल:

उल्फत की निशानी दे के चले वो छल्ला
उल्फत की निशानी दे के चले वो छल्ला
वे मैं तो लुट गई लुट गई मैं तो मेरे अल्ला
वे मैं तो लुट गई लुट गई मैं तो मेरे अल्ला
उल्फत की निशानी दे के चले वो छल्ला
उल्फत की निशानी दे के चले वो छल्ला
वे मैं तो लुट गई लुट गई मैं तो मेरे अल्ला
वे मैं तो लुट गई लुट गई मैं तो मेरे अल्ला

वो शोख अदाओं वाला दिलदार निगाहों वाला
जो प्यार से मेरे हो के चला बिस्मिल्ला
वे मैं तो लुट गई लुट गई मैं तो मेरे अल्ला
वे मैं तो लुट गई लुट गई मैं तो मेरे अल्ला

दो नैन मिले रस्ते में
दो नैन मिले रस्ते में दिल ले के चले सस्ते में
हाय शर्म के मारे मर न सकी अल्लाह
वे मैं तो लुट गई लुट गई मैं तो मेरे अल्ला
वे मैं तो लुट गई लुट गई मैं तो मेरे अल्ला


मेरे पीछे पीछे आ के
मेरे पीछे पीछे आ के मुझको आँखों में उलझा के
मेरे दिल को चुराया खींच के मेरा पल्ला
वे मैं तो लुट गई लुट गई मैं तो मेरे अल्ला
वे मैं तो लुट गई लुट गई मैं तो मेरे अल्ला

उल्फत की निशानी दे के चले वो छल्ला
उल्फत की निशानी दे के चले वो छल्ला
वे मैं तो लुट गई लुट गई मैं तो मेरे अल्ला
वे मैं तो लुट गई लुट गई मैं तो मेरे अल्ला
……………………………………………….
Ulfat ki nishani de ke chale- Golden Eyes Secret Agent 077 1968

Artists: Mumtaz, Helen

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Dec 20, 2017

एक नज़र देख तो लो-गोल्डन आईज सीक्रेट एजेंट ०७७ १९६८

एक अनजाना सा और नहीं के बराबर सुना हुआ गीत सुनते
और देखते हैं आज. आशा भोंसले ने इसे गाया है और इसे
मुमताज़ पर फिल्माया गया है.

एक नज़र देख तो लो कि ये शैम्पू का झाग है या साबुन का.
बाथरूम के वोल्यूम के २० प्रतिशत में झाग ही झाग है मानो
झाग के बादल ज़मीन पर इतर आये हों. इसे कहते हैं झाग
स्नान. झाग स्नान के बाद सौंदर्य और निखर के आया है मानो
किसी खास साबुन के विज्ञापन की शूटिंग हो रही हो.

फिल्म का नाम है गोल्डन आईज सीक्रेट एजेंट ०७७ जिसे देख
के शायद जेम्स बॉंड भी बोंडा खाने लग जाए या बेहोश हो जाए.
जेम्स बॉंड की फिल्मों में एक दृश्यावली ज़रूर हुआ करती थी
जिसमें नायिका की उछल-कूद और जिम्नास्टिक्स के साथ पार्श्व
में एक नामचीन महिला गायिका का गीत बजता मिलता था.

गीत में नायक शैलेश कुमार भी नज़र आ रहे हैं. शेवान रिज़वी
का गीत है और बी एन बाली का संगीत.




गीत के बोल:

एक नज़र देख तो लो एक नज़र देख तो लो
एक नज़र देख तो लो एक नज़र देख तो लो
एक छलका हुआ सागर मेरी अंगडाई है
एक नज़र देख तो लो एक नज़र देख तो लो

सामने एक हसीं गुलबदन माहज़बीं
सामने एक हसीं गुलबदन माहज़बीं
जिसकी जुल्फों को घटा देख के शरमाई है
एक नज़र देख तो लो एक नज़र देख तो लो

मोतियों की सी लड़ी सुर्ख गालों पे जड़ी
मोतियों की सी लड़ी सुर्ख गालों पे जड़ी
हुस्न कलियों का तो शबनम अदाओं की पाई है
एक नज़र देख तो लो एक नज़र देख तो लो

नाज़ अपने पे न कर नाज़ तकदीर पे कर
नाज़ अपने पे न कर नाज़ तकदीर पे कर
दिल चुराने को तेरा एक पारी आई है

एक नज़र देख तो लो एक नज़र देख तो लो
एक छलका हुआ सागर मेरी अंगडाई है
एक नज़र देख तो लो एक नज़र देख तो लो
…………………………………………………
Ek nazar dekh to lo-Golden eyes secret agent 077 1968

Artists: Mumtaz, Shailesh Kumar

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May 13, 2016

आ तुझे पलकों में छुपा लूं-पाताल नगरी १९६३

पुराने गीत सुनते सुनते मुकेश का एक गीत सामने आया जो
एक अनजान सी फिल्म पाताल नगरी में है. फिल्म का नाम
ही पाताल में पहुँच चुका हो तो उसका विवरण मिलना कठिन
हो जाता है. लगे हाथ गीत सुन भी लीजिए आज.

पाताल नगरी फिल्म का निर्माण मदन चित्रा नमक संस्था ने
किया था जिसने कुछ और फ़िल्में जैसे तिकडमबाज़, हावड़ा
एक्प्रेस, गोल्डन आइज़, बगदाद का चोर जैसी फ़िल्में बनाईं.
सन १९६१ में बनी हावड़ा एक्प्रेस में जो कलाकार थे- रंजन,
चित्रा, बी एम् व्यास, राम कुमार, जीवन कला इत्यादि उनमें
से एक राम कुमार ने पाताल नगरी का निर्देशन किया.

पाताल नगरी की स्टारकास्ट गौरतलब है- आज़ाद, चित्रा, हेलन,
बी एम व्यास, केसरी, किंग कोंग, राम कुमार इत्यादि. राम
कुमार बतौर कलाकार भी मौजूद हैं फिल्म में. बी ग्रेड फिल्मों
और पहलवानों का पुराना सम्बन्ध रहा है. वैसे उपयुक्त तो
ये होता पहलवानी वाली फिल्मों को “पी” ग्रेड का दर्ज़ा दे दिया
जाता. इस फिल्म में आज़ाद नाम के पहलवान मौजूद हैं.

मदन चित्रा की ज़्यादातर फिल्मों में बी एन बाली नाम के
संगीतकार का संगीत पाया जाता. बी एन बाली के संगीत
वाली वे फ़िल्में जिनका निर्देशन नानूभाई वकील ने किया था
शायद दर्शकों और फिल्म प्रेमियों को याद हों, बाकी मुझे नहीं
लगता आम संगीत प्रेमियों ने उनकी धुनें कभी सुनी भी होंगी.

गीत साजन बिहारी ने लिखा है जिनका नाम भी फिल्म के
नाम की तरह आपने शायद ही कभी सुना हो. गीत अलबत्ता
कर्णप्रिय है और बोल भी इसके टोटल फ़िल्मी हैं. गीत आज़ाद
और चित्रा पर फिल्माया गया है.
 



गीत के बोल:


आ तुझे पलकों में छुपा लूं
देखें ना सारा ज़माना एक मैं देखूं
हो जी बस मैं देखूं
आ तुझे पलकों में छुपा लूं
देखें ना सारा ज़माना एक मैं देखूं
ओ जी बस मैं देखूं

फूलों सी बाहें चाँद सा चेहरा
हुस्न ये तेरा ख्वाब सुनहरा
फूलों सी बाहें चाँद सा चेहरा
हुस्न ये तेरा ख्वाब सुनहरा
सामने अपने तुझको बिठा के
दिल ये कहे दीवाना एक मैं देखूं
ओ जी बस मैं देखूं

आ तुझे पलकों में छुपा लूं
देखें ना सारा ज़माना एक मैं देखूं
ओ जी बस मैं देखूं

ऑंखें नशीली बहकी अदाएं
तेरे इशारे जादू जगाएं
ऑंखें नशीली बहकी अदाएं
तेरे इशारे जादू जगाएं
शोख नज़र आँचल में छुपा कर
बिजली तेरा गिराना एक मैं देखूं
ओ जी बस मैं देखूं

आ तुझे पलकों में छुपा लूं
देखें ना सारा ज़माना एक मैं देखूं
ओ जी बस मैं देखूं
.........................................................................................
Aa tujhe palkon mein chhupa loon-Patal Nagri 1963

Artists-Azaad, Chitra

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