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Aug 9, 2015

इट हैप्पंस ओनली इन इण्डिया- परदेसी बाबू १९९८

‘परदेसी’ शब्द गीतों में बेहद सफल रहा है. इस शब्द वाली
कुछ फ़िल्में भी हैं. आपने कभी गौर किया परदेसी शब्द में
“देसी” शब्द छुपा हुआ है. कहीं इसकी प्रसिद्धि के पीछे देसी
का हाथ तो नहीं ? गोविंदा की एक फिल्म है परदेसी बाबू.
सन १९९८ की, इस फिल्म में उनके साथ दो हीरोईनें हैं,
शिल्पा शेट्टी और रवीना टंडन. गोविंदा ऐसी २-३ फिल्मों
में और अभिनय कर चुके हैं जिसमें उनके साथ २ हीरोईनें हैं.
गोविंदा हैं तो फिल्म में हास्य होना अनिवार्य है. इसमें भी
है, मगर कम.

आज आपको इस फिल्म से बहुसितारा गीत सुनवाते हैं जिसका
चर्चा काफी हुआ अपने समय में. गीत सुधाकर शर्मा का लिखा
हुआ है और इसकी धुन बनाने के साथ गायन किया है संगीत
देने वाले आनंद राज आनंद ने. इसमें सावन के झूलों का जिक्र
है अन्य त्योहारों के साथ. हमारी संस्कृति की विशेषता बतलाने
वाला ये गीत देश भक्ति पूर्ण है और इसे हर नागरिक को एक न
एक बार अवश्य सुनना चाहिए.





गीत के बोल:

जहाँ पांव में पायल हाथ में कंगन
हो माथे पे बिंदिया
जहाँ पांव में पायल हाथ में कंगन
जहाँ पांव में पायल हाथ में कंगन
जहाँ पांव में पायल हाथ में कंगन
हो माथे पे बिंदिया
इट हैप्पंस ओनली इन इण्डिया,
इट हैप्पंस ओनली इन इण्डिया
जहाँ पांव में पायल हाथ में कंगन
हो माथे पे बिंदिया
इट हैप्पंस ओनली इन इण्डिया,
इट हैप्पंस ओनली इन इण्डिया

जहाँ जंग पे जाए सिपाही तो खुद सजनी तिलक लगाये
जहाँ जंग पे जाए सिपाही तो खुद सजनी तिलक लगाये
मुंह से तो कुछ न बोले चुपके चुपके नीर बहाए
जहाँ जंग पे जाए सिपाही तो खुद सजनी तिलक लगाये
मुंह से तो कुछ न बोले चुपके चुपके नीर बहाए
और अश्कों से अपने लिख कर भेजे प्यार की चिट्ठियाँ
इट हैप्पंस ओनली इन इण्डिया,
इट हैप्पंस ओनली इन इण्डिया

जहाँ दिन निकले सुन कर श्लोक गुरबानी और अजान,
अल्लाह ओ अल्लाह
जहाँ दिन निकले सुन कर श्लोक गुरबानी और अजान
जहाँ मज़हब से ऊंचा है इंसान सारे एक सामान
अरे आंच नहीं है सांच को चाहे देख ले सारी दुनिया
इट हैप्पंस ओनली इन इण्डिया,
इट हैप्पंस ओनली इन इण्डिया

शबरी के खा के बेर राम ने प्रेम की प्रथा चलाई
शबरी के खा के बेर राम ने प्रेम की प्रथा चलाई
मीरा ने पी कर ज़हर का प्याला प्रीत की रीत निभाई
जहाँ प्रेम की धुन पर गोपियों संग नाचे कृष्ण कन्हैया
कहीं होता है रे भैया ?
इट हैप्पंस ओनली इन इण्डिया, इट हैप्पंस ओनली इन इण्डिया

सावन के झूले कहीं बैसाखी के मेले
अरे सावन के झूले कहीं बैसाखी के मेले
लगता है खुद कुदरत इस धरती पर आ कर खेले
जहाँ माँ से लोरी सुने बिना बच्चों को न आये निंदिया
इट हैप्पंस ओनली इन इण्डिया, इट हैप्पंस ओनली इन इण्डिया

प्रेम कहानी मेरे देश की एक से एक निराली
जहाँ सोहनी ने महीवाल की खातिर अपनी जान गवाई
जहाँ रांझे ने हीर की एक पल ना सही जुदाई
जहाँ सोहनी ने महिवाल की खातिर अपनी जान गवाई
जहाँ रांझे ने हीर की एक पल ना सही जुदाई
जहाँ शीरीं और फरहाद के इश्क में बही दूध की नदियाँ
इट हैप्पंस ओनली इन इण्डिया,
इट हैप्पंस ओनली इन इण्डिया
इट हैप्पंस ओनली इन इण्डिया,
 इट हैप्पंस ओनली इन इण्डिया
इट हैप्पंस ओनली इन इण्डिया,
 इट हैप्पंस ओनली इन इण्डिया
इट हैप्पंस ओनली इन इण्डिया,
इट हैप्पंस ओनली इन इण्डिया
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It happens only in India-Pardesi babu 1998

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May 1, 2015

दिल एक मंदिर प्यार है पूजा-जीना मरना तेरे संग १९९२

आज आपको सुनवाते हैं सन १९९२ की फिल्म से एक लोकप्रिय गीत.
फिल्म का नाम है जीना मरना तेरे संग. फिल्म में संजय दत्त और
रवीना टंडन की प्रमुख भूमिकाएं हैं. फिल्म कॉलेज की पृष्ठभूमि पर
बनी है और फिल्म के काफी हिस्से में कॉलेज दिखाई देता है. ९०
के दशक की शुरुआत में ऐसी काफी फ़िल्में आयीं. इस दौर की
शुरुआत क़यामत से क़यामत से शुरू हुई, फूल और कांटे और खिलाडी
जैसी फिल्म से आगे बढ़ी. गौरतलब है खिलाडी भी १९९२ की फिल्म
है जिसमें अक्षय कुमार नायक हैं. जो जीता वही सिकंदर जो शुरू से
अंत तक कॉलेज में ही चलती है-ये फिल्म भी सन १९९२ में आई .

प्रस्तुत गीत की धुन काफी लोकप्रिय है और इसका श्रेय इस धुन पर
बने कुछ भाजों को जाता है जो टी सीरीज़ के सौजन्य से हमें सुनने
को मिले. अनुराधा पौडवाल ने इस गीत को और इस धुन पर बनने
वाले भजनों को भी गाया है.

गीत इब्राहिम अश्क का लिखा हुआ है और इसकी धुन बनाई है
दिलीप सेन-समीर सेन ने.




गीत के बोल:


दिल एक मंदिर प्यार है पूजा
दिल एक मंदिर प्यार है पूजा
प्यार से बढ़ के कोई न दूजा
ऐ मेरे हमसफ़र है ये सबको खबर
इस से प्यारा ज़माने में कोई नहीं

दिल एक मंदिर प्यार है पूजा
प्यार से बढ़ के कोई न दूजा
ऐ मेरे हमसफ़र है ये सबको खबर
इस से प्यारा ज़माने में कोई नहीं

दिल एक मंदिर प्यार है पूजा

जग के सारे बंधन छूटे
सच्ची है एक प्रीत की डोरी
जग के सारे बंधन छूटे
सच्ची है एक प्रीत की डोरी
जिसने की हो प्रीत वो जाने
क्यूँ चन्दा को चाहे चकोरी
प्रेम किया तो सब कुछ सूझा
प्यार से बढ़ के कोई न दूजा
ऐ मेरे हमसफ़र है ये सबको खबर
इस से प्यारा ज़माने में कोई नहीं

दिल एक मंदिर प्यार है पूजा
प्यार से बढ़ के कोई न दूजा
ऐ मेरे हमसफ़र है ये सबको खबर
इस से प्यारा ज़माने में कोई नहीं
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Dil ek mandir pyar hai pooja-Jeena marna tere sang 1992

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Dec 19, 2014

मेरा दिल ले गयी ओए-जिद्दी १९९७

पप्पू-गुड्डू जैसे  नाम केवल घरों में ही नहीं वरन हिंदी फिल्म उद्योग
में भी पाए जाते हैं. के. पप्पू की एक फिल्म से आपको गान सुनवा चुके
हैं और एक गुड्डू धनोवा की फिल्म से. आज गुडू धनोवा की ही एक
फिल्म से ही गाना सुनेंगे. गुड्डू की कुछ प्रमुख फ़िल्में हैं -

दीवाना  २०००
गुंडाराज  १९९५
तू चोर मैं सिपाही १९९६
जिद्दी १९९७
बिच्छू २००० 
सिसकियाँ २००५

तरह तरह की फिल्म बना चुके धनोवा एक स्थापित निर्देशक हो चुके हैं नयी
पीढ़ी के निर्देशकों में. वैसे अनुराग कश्यप , अनुराग बासु वगैरह की पीढ़ी
इसके बाद वाली है.

आज गाना सुनिए १९९७ की फिल्म जिद्दी से जिसमें सनी देवल की प्रमुख
भूमिका है. Quality का मतलब अगर गुणवत्ता है तो   Kwality नाम एक
आइसक्रीम का है. बहुत सारे समीर और बहुत सारे सेन इस गीत से जुड़े
हैं. गीत समीर ने लिखा, गाया ललित सेन ने औए संगीतकार हैं दिलीप सेन
समीर सेन.



गीत के बोल: 

तैयार हो रहे हैं जी....................

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Jul 25, 2011

कल मैने खुली आँख से इक-जीना मरना तेरे संग १९९२

गीत क्यूँ सुने जाते हैं ? ये विचार कई बार दिमाग में कौंधता है.
इसका जवाब सही सटीक अभी तक नहीं मिल पाया, हाँ, कारण बहुत
से आपको गिनवा दिए जायेंगे. शायद सामान्य बोलचाल से हट कर जो
कुछ होता है उसकी तरफ दिमाग आकर्षित होता है. सामान्य से हटकर
शोरगुल भी होता है जिसकी तरफ न चाहते हुए भी ध्यान चला जाता है.

गीत मनोरंजन का जरिया तो हैं ही. आइये इसी बात पर एक गीत सुन
लिया जाए फिल्म जीना मरना तेरे संग से जिसमें खुली आँख सीक सपना
देखा जा रहा है. सपना लिखा है समीर ने और उसमें ध्वनियों के बल दिए
हैं अभिजीत और अनुराधा पौडवाल ने संगीतकार दिलीप सेन समीर सेन के
निर्देशन पर.





कल मैने खुली आँख से इक सपना देखा
भोला प्यारा चाँद सा एक मुखड़ा देखा
है वो लाखों में एक हसीना दिल मेरा जिसने है छीना
कहते हैं सब उसको प्यार से आशा
आशा आई लव यू

मैने भी इक प्यारा प्यारा सपना देखा
पर सपने में अलबेला एक लड़का देखा
जादू किया है उसने दिल छीन लिया है उसने
कहते हैं सब उसको प्यार से जानम
जानम आई लव यू

इस दिल की तुम धड़कन हो धड़कन में छुपा प्यार हो
इक अरमान हो मेरे दिल की आस हो मेरी साँसों की झंकार हो
इस दिल की तुम चाहत हो चाहत में छुपा राज़ हो
सरगम हो तुम मेरी इक नगमा हो तुम मेरे दिल की आवाज़ हो
जानम आई लव यू

प्यारा समां ये दिल है जवां आज चुप हैं ज़मीं आसमां
नज़रें जो मिलीं ये कलियां खिलीं बन गई इक नई दास्तां
हो, ये मस्तियां यारा ये शोखियां मुझे लगने लगी हैं
अब तुम जो मिले मुझे ऐसा लगा जैसे बहार आ गई
आशा आई लव यू
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Kal maine khuli ankh se-Jeena marna tere sang 1992

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Jul 18, 2011

चाहा है तुझे चाहेंगे-जीना मरना तेरे संग १९९२

वर्ष वही रखते हैं- १९९२ लेकिन गायक गायिका, संगीतकार बदल देते हैं.
नायक नायिका भी बदल गए हैं इस गीत में. इसमें भी संगीतकार जोड़ी है
मगर अलग.

गीत है फिल्म 'जीना मरना तेरे संग' से जो फिल्माया गया है संजय दत्त और
रवीना टंडन पर. गीत लिखा है समीर ने और धुन बनाई है संगीतकार जोड़ी
दिलीप सेन-समीर सेन ने. इसे गा रहे हैं कुमार सानू और अनुराधा पौडवाल.
गीत मधुर है और थोड़ी तेज गति वाला है मगर इसे आप गुनगुना सकते हैं.




गीत के बोल:

चाहा है तुझे चाहेंगे
साँसों में बस जायेंगे
तुझे अपना खुदा हम बनायेंगे
अब दिलवर यार तुझसे हो के जुदा
एक पल भी न हम जी पाएंगे

चाहा है तुझे चाहेंगे
साँसों में बस जायेंगे
तुम्हें अपना खुदा हम बनायेंगे
अब दिलवर यार तुझसे हो के जुदा
एक पल भी न हम जी पाएंगे

चाहा है तुझे चाहेंगे
साँसों में बस जायेंगे

सा रे ग सा सा सा, नि सा रे नि नि नि
ध नि सा ध ध ध,ध रे नि ध
सा रे ग सा सा सा, नि सा रे नि नि नि
ध नि ध नि सा रे सा रे रे ग माँ ग रे सा

बदलेंगे लोग रुत बदलेगी बदलेगा ये ज़माना
दुनिया न भूल पायेगी ये तेरा मेरा फ़साना
हो, नज़रों के सामने रहना कभी मुझसे न दूर जाना
रब को भुलाना आसान है मुश्किल है तुम्हें भुलाना
तेरे लिए ओ मेरे सनम हम लेंगे सौ सौ जनम
हो, तेरे लिए ओ मेरे सनम हम लेंगे सौ सौ जनम
सदियों तलाक हवाओं में गूंजेगा यही तराना
अब दिलवर यार तुझसे हो के जुदा
एक पल भी न हम जी पाएंगे

चाहा है चाहा है तुझे चाहेंगे, चाहेंगे
साँसों में बस जायेंगे, बस जायेंगे

खुशियाँ सभी ज़माने की मैं तुमपे सनम लुटा दूं
तेरे लिए ऐ जान-ए-वफ़ा मैं दोनों जहाँ भुला दूं
महकी हुई बहारों को जुल्फों में तेरी सजा दूं
कांटे चुभे न पांव में राहों में फूल बिछा दूं
आएगा कोई भी गम तोड़ेंगे न ये कसम
आएगा कोई भी गम तोड़ेंगे न ये कसम
आ दिल के आईने में तुझे तेरी तस्वीर दिखा दूं
अब दिलवर यार तुझसे हो के जुदा
एक पल भी न हम जी पाएंगे

चाहा है चाहा है तुझे चाहेंगे, चाहेंगे
साँसों में साँसों में बस जायेंगे, बस जायेंगे
.........................................
Chaha hai tujhe chahenge-Jeena Marna Tere Sang 1992

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Nov 30, 2010

इस तरह आशिक़ी का असर-इम्तिहान १९९४

पहले सोचा आपको पुरानी ७० के दशक वाली इम्तिहान
का गीत सुनवाऊं फिर विचार बदला, सोचा सुनने वालों का
भी एक इम्तिहान लेना चाहिए। अरे भाई बहुत से दर्शक इस
फिल्म को देख कर इम्तिहान दे चुके हैं आप एक गीत नहीं
सुन सकते ?

ये उस दौर की फिल्म है जब शर्मिला टैगोर पुत्र उर्फ़ नायक
सैफ अली खान "सेफ" माने जाते थे। वो इसलिए कि एक्टिंग
आये या ना आये, फिल्म पिटे चाहे हिट हो उनको फ़िल्में मिलती
रहेंगी, ऐसा कई लोगों का मानना था। इस मामले में बच्चन पुत्र
उतना भाग्यशाली नहीं रहे। खैर एक्टिंग ना इस फिल्म की
नायिका से बनी ना नायक से, अलबत्ता गीत ने ही हिट होकर
कुछ फिल्म में कमाल दिखाया। गीत फायज़ अनवर का है और
धुन अनु मालिक की। ये अनु के भी उस दौर का संगीत है जिस
दौर में वो हर दूसरी फिल्म के संगीत में बाज़ीगर के संगीत की
झलक दिखलाने की कोशिश करते। गीत गाया है कुमार सानू ने।

गीत फिल्माया गया है सनी देवल पर। ये एक चमत्कारी गीत भी है।
जैसे ही हीरो गिटार बजाता है उसमें से प्यानो की आवाज़ निकलती है।
ऐसा करने के बाद वो टार्ज़न की माफिक खिड़की से कूदकर फर्श पर
आ जाता हैं। या कौनसा गिटार है भाई जो पूरे गीत में प्यानो की
आवाज़ निकाल रहा है। विचित्र वीणा के अविष्कारक विश्व मोहन
भट्ट ने शायद ये गीत नहीं देखा है।



चलते चलते आपको इस गीत के फ़्रांसिसी भाई से भी मिलवा देते हैं:
Yves Montand - Les Feuilles Mortes
ये भाई हालाँकि उम्र में बड़ा है और इसकी पैदाइश san १९५१ की है।






गीत के बोल:

इस तरह आशिक़ी का असर छोड़ जाऊँगा
इस तरह आशिक़ी का असर छोड़ जाऊँगा
इस तरह आशिक़ी का असर छोड़ जाऊँगा
तेरे चेहरे पे अपनी नज़र छोड़ जाऊँगा
तेरे चेहरे पे अपनी नज़र छोड़ जाऊँगा

इस तरह आशिक़ी का असर छोड़ जाऊँगा
तेरे चेहरे पे अपनी नज़र छोड़ जाऊँगा

मैं दीवाना बन गया हूँ कैसी ये मुहब्बत है
ज़िन्दगी से बढ़कर अब तेरी ज़रूरत है
मुझको तू चाहिए तेरा प्यार चाहिए
एक बार नहीं सौ बार चाहिए
हर साँस मैं अपनी तुझपे लुटाऊँगा
दिल के लहू से तेरी माँग सजाऊँगा
तेरे चेहरे पे अपनी नज़र छोड़ जाऊँगा

इस तरह आशिक़ी का असर छोड़ जाऊँगा
तेरे चेहरे पे अपनी नज़र छोड़ जाऊँगा

प्यार क्या है दर्द क्या है दीवाने समझते हैं
इश्क़ में जलने का मतलब आशिक़ ही समझते हैं
मैं तड़पता हूँ तुझसे कुछ न कहूँ
बिन कहे भी मगर मैं तो रह न सकूँ
इस बेखुदी में आखिर कहाँ चैन पाऊँगा
मर के भी मैं तुझसे जुदा हो न पाऊँगा
तेरे चेहरे पे अपनी नज़र छोड़ जाऊँगा

इस तरह आशिक़ी का असर छोड़ जाऊँगा
तेरे चेहरे पे अपनी नज़र छोड़ जाऊँगा
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Is tarah se ashiqui ka-Imtihaan 1994

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