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Jun 9, 2017

अब जो मिले हैं तो-कारवाँ १९७१

कारवां फिल्म से अगला गीत सुनते हैं. फिल्म कारवां के
गीत काफी लोकप्रिय हुए और इसी के साथ फिल्म भी चर्चा
का विषय बनी. कारवां शब्द के अर्थ कैसे कैसे सुनने को
मिले उसके उदाहरण देखिये. कोई कहे carry करने वाली
van है इसमें इसलिए कारवां. कोई कहे car-a-van. नाम में
कार और वैन दोनों हैं. कोई फिल्म का नाम लेते ही फिल्म
नयी उम्र की नयी फसल का गीत याद करने लगता-कारवां
गुज़र गया गुबार देखते रहे.




गीत के बोल:

अब जो मिले हैं तो
बाहों को बाहों में रहने दे ए साजना
सच्चे के झूठे हैं
होंठों को होंठों से कहने दे ए साजना

यूँ ही नशा चढ़ता रहे
के तेरा प्यार बढ़ता रहे
ये झूमता साया तेरा
तन पे मेरे पड़ता रहे
तू आ गया जो होश में
क्या होगा फिर  ये भूल जा
अब जो मिले हैं तो
बाहों को बाहों में रहने दे ए साजना

तू है हवा  शोला हूँ मैं
मिल के भी जो मिल ना सके
बुझ ना सके तेरे बिना
तेरे बिना जल ना सके
मजबूर हूँ तेरी क़सम
झूठी नहीं मेरी वफ़ा

अब जो मिले हैं तो
मुझको निगाहों में रहने दे ए साजना
सच्चे के झूठे हैं
नैनों को नैनों से कहने दे ए साजना
अब जो मिले हैं तो
बाहों को बाहों में रहने दे ए साजना
...................................................................................
Ab jo mile hain to-caravan 1971

Artists: Jeetendra, Atuna Irani

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Apr 10, 2017

चढ़ती जवानी मेरी चाल मस्तानी-कारवाँ १९७१

आम तौर पर हिंदी फिल्मों के गीतों में नायक ही नायिका
के पीछे लार टपकाता घूमता मिलता है. इधर कहानी कुछ
अलग है. नायिका अपनी खूबियां गिनवा रही है मगर
नायक शहर की लड़की का हवाला दे के उसके सारे दावे
ख़ारिज करता सुनाई दे रहा है.

ये नोक-झोंक वाला गीत है फिल्म कारवां से जीतेंद्र और
अरुणा ईरानी पर फिल्माया गया. मजरूह के बोल हैं जिसकी
धुन बनाई है पंचम ने. इस गीत के तरह तरह के रीमिक्स
बन चुके हैं-बोर मिक्स, शोर मिक्स, मोर मिक्स, ढोर मिक्स
इत्यादि.



गीत के बोल:

हुई चढ़ती जवानी मेरी चाल मस्तानी
तूने कदर न जानी रामा
चढ़ती जवानी मेरी चाल मस्तानी
तूने कदर न जानी रामा
होए चढ़ती जवानी मेरी चाल मस्तानी
तूने कदर न जानी रामा
हाय रामा  होय रामा  हाय रामा

उलझे काहे रे  मैं हूँ सूरत में  तुझसे बढ़ के कहीं
ए री तू है जवां तो  मैं भी सजीला कुछ कम नहीं
हो ओ ओ ओ
उलझे काहे रे  मैं हूँ सूरत में  तुझसे बढ़ के कहीं
ए री तू है जवां तो  मैं भी सजीला कुछ कम नहीं
हाय  दुनिया हुई रे मेरे प्यार में दीवानी
लाखों की मैं दिलजानी राम
चढ़ती जवानी मेरी चाल मस्तानी
तूने कदर न जानी रामा

वो कौन ऐसी है  जिसका है रूप  ऐसा जादू भरा
आ रे मैं भी तो देखूं  तू जिसकी धुन में है बावरा
हो ओ ओ
वो कौन ऐसी है  जिसका है रूप  ऐसा जादू भरा
आ रे मैं भी तो देखूं  तू जिसकी धुन में है बावरा
होय  उसके कदम चूमे तेरी जवानी
वो है सहर की रानी रामा

चढ़ती जवानी मेरी चाल मस्तानी
तूने कदर न जानी रामा

अब तो तोहे बताना होगा रे  कैसी छबि है मेरी
वो तो मैंने कहाँ कब  दिखने में तू है  ऐसी बुरी
अब तो तोहे बताना होगा रे  कैसी छबि है मेरी
वो तो मैंने कहाँ कब  दिखने में तू है  ऐसी बुरी
हाय देखे जो मोहे तेरे प्यार की वो रानी
हो जाए सरम से पानी रामा

चढ़ती जवानी मेरी चाल मस्तानी
तूने कदर न जानी रामा
चढ़ती जवानी मेरी चाल मस्तानी
तूने कदर न जानी रामा
हो रामा  हो रामा  हो रामा

……………………………………………………
Chadhti jawani-Caravan 1971

Artists: Jeetendra, Aruna Irani

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Sep 15, 2016

पिया तू अब तो आ जा-कारवाँ १९७१

ये है फिल्म कारवां का गीत जो ऐसे गीतों में शामिल है जो
सबसे ज्यादा पॉपुलर गीत है हिंदी फिल्म संगीत के और जिन
गीतों के बारे में सबसे ज्यादा लिखा गया है आज तक.

हेलन पर फिल्माया ये गीत गाया है आशा भोंसले संग पंचम
ने. ‘मोनिका’ शब्द/नाम को लोकप्रिय करने में इस गीत का
बड़ा योगदान है. गीत के बोल मजरूह सुल्तानपुरी के हैं. इससे
ज्यादा विवरण आवश्यक नहीं है इस गीत के लिए मेरे ख्याल
में.





गीत के बोल:

पिया तू अब तो आ  जा
मोनिका
वो आ गया देखो देखो वो आ गया
मोनिका मोनिका

पिया तू अब तो आ जा
शोला सा मन दहके आ के बुझा जा
तन की ज्वाला ठंडी हो जाए
ऐसे गले लगा जा
मोनिका माई डार्लिंग

प्यासे प्यासे इन मेरे लबों के लिये
तेरे होठों ने हज़ार वादे किये
भूलने वाले कोई जिये तो कैसे जिये
अरे हाँ अरे हाँ अरे हाँ हाँ

पिया तू अब तो आ जा
शोला सा मन दहके आ के बुझा जा
तन की ज्वाला ठंडी हो जाए
ऐसे गले लगा जा
मोनिका ओ माई डार्लिंग

मेरी हालत पे रहे जो तेरा करम
वो बात भी मुझको क़ुबूल है ओ सनम
जिसकी खातिर रुक लिये थे मेरे कदम
अरे हाँ अरे हाँ अरे हाँ हाँ

पिया तू अब तो आ जा
शोला सा मन दहके आ के बुझा जा
तन की ज्वाला ठंडी हो जाए
ऐसे गले लगा जा
मोनिका ओ माई डार्लिंग
...............................................................................
Piya too ab to aa ja-Caravan 1971

Artist: Helen

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Jan 2, 2016

दिलबर दिल से प्यारे-कारवाँ १९७१

फिर से एक बार जीतेंद्र की फिल्म का गाना लेकर हाज़िर हैं
आपके लिए. ये गीत अरुणा ईरानी के ऊपर फिल्माया गया
है जो बॉलीवुड के एसेन्शियल एलेमेन्ट जैसे कलाकारों में से
एक रही हैं. कुछ दिन पहले ही आपको जीतेंद्र की फिल्म का
एक गीत सुनवाया था जिसका संगीत भी राहुल देव बर्मन ने
तैयार किया था इस गीत की तरह.

इस गीत के गीतकार अलग हैं और वे हैं-मजरूह सुल्तानपुरी
जिन्होंने बड़े और छोटे दोनों बर्मन के लिए काफी गीत लिखे.
प्रस्तुत गीत की एक विशेषता है-ओवरलैपिंग. उस समय के
संसाधनों में ही संगीतकार ने दो बार रेकोर्डिंग करके गायिका
की आवाज़ को इस तरह से प्रस्तुत किया कि लगता है दो
गायिकाएं एक साथ गा रही हों. इस फेनोमेना की दास्तान
विस्तृत रूप से उपलब्ध है नेट पर, आप चाहें तो खोज कर
पढ़ सकते हैं.



गीत के बोल:

दिलबर दिल से प्यारे
दिल की सुनता जा रे
सारी दुनिया हारी हमसे
हम तुझपे दिल हारे
दिलबर दिल से प्यारे
गहरी नैनों वाले, लहरी-लहरी नैनों वाले

अरे, हाँ हाँ, यक यक दिन गिनती रहूँ सदा
जबसे मैं तुझपे हुई फ़िदा
ओ सुनता है रे बबुआ, तू ही मेरा न हुआ
नहीं जग में क्या नहीं होता रे, हे हे
दिलबर दिल से प्यारे
दिल की सुनता जा रे
सारी दुनिया हारी हमसे
हम तुझपे दिल हारे
दिलबर दिल से प्यारे

ओ तक-तक रहूँ चुनरी हरी-हरी
ओ दिखलाऊँ बैईयाँ भरी-भरी
ओ मोहे छू ले सजना, गुस्सा है क्यों इतना
जो मर रही उसको क्यों मारे
दिलबर दिल से प्यारे
दिल की सुनता जा रे
सारी दुनिया हारी हमसे
हम तुझपे दिल हारे
दिलबर दिल से प्यारे

ओ नस-नस मेरी सुलगे ऐसे पिया
ओ जली बनके लकड़ी जैसे पिया
ओ क्यों सुलगाए मुझको, मेरी लग जाए तुझको
रहे तू भी जलता बुझता रे
दिलबर दिल से प्यारे
दिल की सुनता जा रे
सारी दुनिया हारी हमसे
हम तुझपे दिल हारे
दिलबर दिल से प्यारे
गहरी नैनों वाले, लहरी-लहरी नैनों वाले
दिलबर दिल से प्यारे, दिलबर
………………………………………………
Dilvar dil se pyare-Caravan 1971

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Nov 4, 2015

हम तो हैं राही दिल के–कारवाँ १९७१

हिंदी फिल्मों में ऐसे गीत भी हैं जिनका प्रेमी-प्रेमिका से
कोई लेना देना नहीं होता. आज एक टी वी चैनल पर
लगभग गुत्थम गुत्था से दिखाई दे रहे ६ वक्ताओं के
प्रलाप सुन के मुझे ये गीत याद आ गया जो सर्वधर्म
सद्भाव का सन्देश भी देता है.

सन १९७१ की फिल्म कारवां में ये गीत जीतेंद्र परदे पर
गा रहे हैं. गायक कलाकार हैं किशोर कुमार जिन्होंने इसे
अनूठा बना दिया है. काफी उर्जावान गीत है और इसे सुन
के स्फूर्ति सी आ जाती है.

फिल्म से आपको दो गीत पूर्व में सुनवाए जा चुके हैं. इस
गीत को लिखा है मजरूह सुल्तानपुरी ने और इसका संगीत
तैयार किया है आर डी बर्मन ने.  



गीत के बोल:

हम तो हैं राही दिल के पहुंचेंगे रुकते-चलते
मंज़िल है किसको प्यारी हो
अरे हम तो हैं मन के राजा राजा की चली सवारी
अरे हो सुनो ज़रा
हम तो हैं राही दिल के

हम वो अलबेले हैं सारी दुनिया झेले हैं
अपने तो सब लाखों बस कहने को अकेले हैं
अरे सबका बोझा लई के चलती है अपनी लारी
अरे हो सुनो ज़रा
हम तो हैं राही दिल के

जब तक चलते जाएँ सबका ही दिल अपनाएँ
जब रोए कोई दूजा नैना अपने छलक आएँ
प्यारे काम आएगी सुनता जा बात हमारी
अरे हो सुनो ज़रा

हम तो हैं राही दिल के

हरे हरे शंकर जय शिव शंकर भूषण वल्लभ जय महेश्वर
अल्लाह हु अकबर, अल्लाह हु अकबर.....................
.............................................................

पंडित मुल्ला डाँटें पर हम सबका दुख बाँटें
सारे हैं अपने प्यारे बोलो किसका गला काटें
रामू या रमजानी अपनी तो सबसे यारी
अरे ओ सुनो ज़रा
हम तो हैं राही दिल के पहुंचेंगे रुकते-चलते
मंज़िल है किसको प्यारी हो
अरे हम तो हैं मन के राजा राजा की चली सवारी
अरे हो सुनो ज़रा
हम तो हैं राही दिल के पहुंचेंगे रुकते-चलते
……………………………………………….
Ham to hain rahi dil ke-Caravan 1971

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Oct 23, 2009

कितना प्यारा वादा है-कारवां १९७१

ये उन गानों में से एक है जिनको सुन सुन कर हमलोग बड़े हुए
यानी कि हमारी पीड़ी के लोग। गाना है -कितना प्यारा वादा है
इन मतवाली आँखों का " फ़िल्म कारवां का। ये गीत रेडियो
पर दिन में २-३ बार बजा करता और इसके बोल लगभग रट
से गए थे। उन दिनों में हम लोगों को मतवाली आँखों का मतलब
नहीं पता होता था। मस्ती शब्द का अर्थ भी बहुत बाद में मालूम
पड़ा। गीत मजरूह ने लिखा है ये गीत को पांचवी बार सुनने पर
ही याद हो गया था।



गाने के बोल:

ओह सोणिये, मार सुट्टेया…

कितना प्यारा वादा…

कितना प्यारा वादा है, इन मतवाली आंखों का
इस मस्ती में सूझे न, क्या कर डालूं हाल
मोहे संभाल…
ओ साथिया, ओ बेलिया

कितना प्यारा वादा है. इन मतवाली आंखों का
इस मस्ती में सूझे न, क्या कर डालूं हाल
मोहे संभाल…

हो उजाला, या अँधेरा…
कहीं न छूटे, हाथ मेरा…
कोई मेरा न, तेरे बिन…
पिया निभाना, साथ मेरा…

अरे, कोरा कोरा, गोरा गोरा, ये अंग तोरा, हाय
पागल, मोहे, बना, दिया

कितना प्यारा वादा है, इन मतवाली आंखों का
इस मस्ती में सूझे न, क्या कर डालूं हाल
मोहे संभाल

बरसों मैंने, मन् जलाया
मिली पलकों की, तब ये छाया
कांटे मेरे, तन् में टूटे
गले से तुने, तब लगाया
हो सैयां प्यारे, चलता जा रे, बैयाँ डारे, हाय
गरवा तोहे, लगा लिया

कितना प्यारा वादा है, इन मतवाली आंखों का
इस मस्ती में सूझे न, क्या कर डालूं हाल
मोहे संभाल

रोज़ उठाके, ये नयनवा
छुआ करुँगी, तोरा मनवा
जैसे पहली बार चाहा
सदा चाहूंगी मैं सजनवा
हाय तेरे नैना मेरे नैना फ़िर क्या कहना, हाय
क्या क्या न मैंने, पा लिया

कितना प्यारा वादा है, इन मतवाली आंखों का
इस मस्ती में सूझे न, क्या कर डालूं है
मोहे संभाल

ओ साथिया, ओ बेलिया

कितना प्यारा वादा है, इन मतवाली आंखों का
इस मस्ती में सूझे न, क्या कर डालूं है
मोहे संभाल

ओ साथिया, ओ बलिया…

ओ साथिया, ओ बलिया…

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Jul 7, 2009

अरे हो, गोरिया कहाँ तेरा देस रे-कारवां १९७१

कारवां फ़िल्म के दोनों युगल गीत एक पुकार से शुरू
होते हैं । एक में सोणिये को पुकारा जा रहा है और
इसमे गोरिया को । दोनों ही श्रोताओं द्वारा सराहे गए और
बहुत सुने गए। इस युगल गीत में गायिका बदल गई है।
ये आशा भोंसले रफ़ी का साथ दे रही हैं। बोल मजरूह के हैं
और धुन आर डी बर्मन की।




गाने के बोल:

हे गोरिया जल्दी आ रे ...

अरे हो, गोरिया कहाँ तेरा देस रे, गोरिया कहाँ तेरा देस
अरे हो, तोहे देखूँ तो लागे ठेस रे, गोरिया कहाँ तेरा देस

ह्म्म्म... लाल लाल लाल चुनर ओढ़े, बन में फिरे बहार
है गाल गाल सुलगे रे तेरा, जिया जले हमार
हो ओ ... छैयां पड़े जहाँ तोरी रे
हो ... डगर वहीं साजन मोरी रे
ह्म्म्म... आहिं ह्म्म्म... आहिं
या या या या या या आहिं

अरे हो बदला कैसे तूने भेस रे, गोरिया कहाँ तेरा देस
हुर्र आ हा, तकधिन
ओय, ओय, ओय, ओय, ओय, ओय, ओय, ओय

घूम घूम के गली गली, जाना पिया के द्वार
ओ मोड़ मोड़ पे गोरी तेरी, पायल करे पुकार
हो ... राह में पायल मोरी बाजेगी
ओ ... धरती गगन तले नाचेगी
ह्म्म्म... आहिं ह्म्म्म... आहिं
या या या या या या आहिं
अरे हो मुख पे उड़े काले केस रे, गोरिया कहाँ तेरा देस
नैन नैन में काजल डाले, ढूंढूं पिया का हाथ
ओ देख देख रे उड़ता बादल, ना दिन रुके न रात
ओ ... उजियारा है, कहीं अंधेरा
आ ... साँझ कहीं, कहीं सवेरा
हूँ ... आहिं हूँ ... आहिं
या या या या या या आहिं

अरे हो बंजारों का नहीं देस रे, गोरिया कहाँ तेरा देस

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