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Dec 5, 2019

मैं क्या जानूँ क्या जादू है-जिंदगी १९४०

तुम क्या जानो क्या जादू है. तुम गाते हो इसलिए
तुम्हें पता नहीं चलता मगर सुनने वाले पर तो जादू
हो ही जाता है. कहाँ से लाये थे तुम ये आवाज़ कि
दूसरा तुम्हारे जैसा इस सदी में भी नहीं मिला अभी
तक.

केदार शर्मा का लिखा ये सर्वकालिक लोकप्रिय गीत
सुनते हैं जिसका संगीत तैयार कर के और सहगल से
गवा कर पंकज मलिक ने इसे अमर कर दिया.




गीत के बोल:

मैं क्या जानूँ क्या जादू है
जादू है जादू है
मैं क्या जानूँ क्या जादू है
इन दो मतवाले नैनों में जादू है
जादू है जादू है
मैं क्या जानूँ क्या जादू है

एक एक अथाह सागर सा है
एक एक अथाह सागर सा है
इन दो मतवाले नैनों में जादू है
जादू है जादू है
मैं क्या जानूँ क्या जादू है

मन पूछ रहा है अब मुझसे
नैनों ने कहा है क्या तुझसे
मन पूछ रहा है अब मुझसे
नैनों ने कहा है क्या तुझसे
जब नैन मिले नैनों ने कहा
नैनों ने कहा
जब नैन मिले नैनों ने कहा
अब नैन बसे के नैनों में
मैं क्या जानूँ क्या जादू है
जादू है जादू है
इन दो मतवाले नैनों में जादू है
जादू है जादू है
मैं क्या जानूँ क्या जादू है
…………………………………………………
Main kya janoon kya-Zindagi 1940

Artist: KL Saigal

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Aug 13, 2017

पहले मिले थे सपनों में-जिंदगी १९६४

सुनते हैं सन ६४ की फिल्म जिंदगी से रफ़ी का गाया हुआ एक
रोमांटिक गीत. हसरत जयपुरी की रचना है और शंकर जयकिशन
का संगीत.

सांवली हसीनाओं पर कम गीत हैं फिल्म संगीत के खजाने में.
दुनिया में गोरी हसीनाओं का बोलबाला रहा है, है और आगे भी
रहेगा. अजीब दस्तूर है, मगर दर्शक भी गोरी सुंदरियों को ही
देखना पसंद करते हैं. फिल्म लाइन में सांवली नायिकाओं को
भी मेकअप के ज़रिये गोरा बना के प्रस्तुत किया जाता है.



   
गीत के बोल:

पहले मिले थे सपनों में और आज सामने पाया
हाय क़ुर्बान जाऊँ
पहले मिले थे सपनों में और आज सामने पाया
हाय क़ुर्बान जाऊँ
तुम संग जीवन ऐसे कटेगा जैसे धूप संग छाया
हाय क़ुर्बान जाऊँ

ऐ साँवली हसीना दिल मेरा तूने छीना
मदहोश मंज़िलों पर तूने सिखाया जीना
ऐ साँवली हसीना दिल मेरा तूने छीना
मदहोश मंज़िलों पर तूने सिखाया जीना
एक झलक से मेरा मुक़द्दर तूने आज चमकाया
हाय क़ुर्बान जाऊँ

पहले मिले थे सपनों में और आज सामने पाया
हाय क़ुर्बान जाऊँ

ज़ुल्फ़ें जो मुँह पे डालो तो दिन में शाम कर दो
और बेनक़ाब निकलो तो कत्ले आम कर दो
ज़ुल्फ़ें जो मुँह पे डालो तो दिन में शाम कर दो
और बेनक़ाब निकलो तो कत्ले आम कर दो
वो ही बचेगा जिसको मिलेगा तेरे प्यार का साया
हाय क़ुर्बान जाऊँ

पहले मिले थे सपनों में और आज सामने पाया
हाय क़ुर्बान जाऊँ

गर झूम के चलो तुम ओ जाने जिंदगानी
पत्थर का भी कलेजा हो जाए पानी पानी
गर झूम के चलो तुम ओ जाने जिंदगानी
पत्थर का भी कलेजा हो जाए पानी पानी
गोरे बदन पर काला आँचल और रंग ले आया
हाय क़ुर्बान जाऊँ

पहले मिले थे सपनों में और आज सामने पाया
हाय क़ुर्बान जाऊँ
तुम संग जीवन ऐसे कटेगा जैसे धूप संग छाया
हाय क़ुर्बान जाऊँ
........................................................................
Pehle mile the sapnon mein-Zindagi 1964

Artists: Rajendra Kumar, Vaijayantimala

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Jul 11, 2017

छूने न दूँगी हाथ रे-जिंदगी १९६४

लता मंगेशकर और आशा भोंसले ने तकरीबन ८८-९० के लगभग
गीत साथ गाये हैं. कुछ ऐसे भी हैं जिनमें तीसरी आवाज़ की भी
मिलावट है.

आज सुनते हैं सन १९६४ की फिल्म जिंदगी से एक गीत. फिल्म के
अधिकाँश गीत लोकप्रिय हैं. संगीत निर्देशकों के पास बढ़िया विकल्प
होता था लता और आशा का जब दो नायिकाओं वाले गीत बनाने होते
मगर ऐसा हर स्तिथि में नहीं हो पाता था. गायिकाओं का चयन
बहुत से फेक्टर्स पर निर्भर करता था.

छोटे साइज़ के इस गीत को लिखा है हसरत ने और संगीत तैयार किया
है शंकर जयकिशन ने.



गीत के बोल:

छूने न दूँगी हाथ रे नजरियों से दिल भर दूँगी
छूने न दूँगी हाथ रे नजरियों से दिल भर दूँगी
बैठी रहूँगी सारी रात रे नजरियों से दिल भर दूँगी

दिल की हसरत न कभी दिल से निकलने दूँगी
प्यार का कोई भी जादू न चलने दूँगी
इश्क़ की आग बड़ी तेज़ है हमने माना
दिल के मोती को हरगिज़ न पिघलने दूँगी
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ
होती रहेगी मुलाकात रे नजरियों से दिल भर दूँगी

छूने न दूँगी हाथ रे नजरियों से दिल भर दूँगी
बैठी रहूँगी सारी रात रे नजरियों से दिल भर दूँगी
………………………………………………………………
Chhoone ne doongi-Zindagi 1964

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Jul 8, 2017

हम ने जफ़ा न सीखी-जिंदगी १९६४

हिंदी फिल्मों में दो ऐसे कलाकार हैं जिनके हिस्से
रफ़ी के दर्द भर गीत सबसे ज्यादा आये हैं. एक तो
हैं दिलीप कुमार दूसरे राजेंद्र कुमार. इन्हें ट्रेजेडी वाली
फ़िल्में भी बहुत मिलीं. अपने कैरियर के उत्तरार्ध में
हालांकि दोनों सुखद फिल्मों की तरफ बढते दिखाई
दिए.

फिल्म जिंदगी से एक गीत सुनते हैं शैलेन्द्र का लिखा
हुआ. शंकर जयकिशन के ६० के दशक के दुःख वाले
गीतों में भी थोड़ी गति बढ़ गयी थी ५० के दशक की
तुलना में. 



गीत के बोल:

हम ने जफ़ा न सीखी  उनको वफ़ा न आई
पत्थर से दिल लगाया  और दिल ने चोट खाई

अपने ही दिल के हाथों  बरबाद हो गए हम
किससे करें शिकायत  अब किसको दें दुहाई

दुनिया बनाने वाले  मैं तुझसे पूछता हुँ
क्या प्यार का जहाँ में  बदला है बेवफ़ाई
…………………………………………………..
Hamne jafa na seekhi-Zindagi 1964

Artist: Rajendra Kumar

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Apr 18, 2017

घूंघरवा मोरा छम छम बाजे-जिंदगी १९६४

एक और ऐसा युगल गीत सुनते हैं जो महमूद और हेलन
पर फिल्माया गया है. ये है सन १९६४ की फिल्म जिंदगी
से. गीत में तरह तरह की ध्वनियों का प्रयोग हुआ है.
शुरू के संगीत से अनुमान लगा पाना कठिन है कि आगे
कैसा गीत आएगा. शंकर जयकिशन के संगीत में आपको
ऐसे अजूबे खूब मिलेंगे.

हसरत जयपुरी का लिखा गीत है जिसे रफ़ी और आशा ने
गाया है.




गीत के बोल:

घूंघरवा मोरा छम छम बाजे
घूंघरवा मोरा छम छम बाजे
छम छम की धुन पर जिया मोरा नाचे
छम छम की धुन पर जिया मोरा नाचे
घूंघरवा मोरा छम छम बाजे
घूंघरवा मोरा छम छम बाजे

आँखों ने आँखों से मस्ती चुराई
आँखों ने आँखों से मस्ती चुराई
बहके कदम और नज़र लडखडाई
बहके कदम और नज़र लडखडाई
मन के सिंहासन पर तू ही विराजे हो तू ही विराजे
घूंघरवा मोरा छम छम बाजे
घूंघरवा मोरा छम छम बाजे
छम छम की धुन पर जिया मोरा नाचे
छम छम की धुन पर जिया मोरा नाचे
घूंघरवा मोरा छम छम बाजे
घूंघरवा मोरा छम छम बाजे

चाहत बिना जिंदगी है अधूरी
चाहत बिना जिंदगी है अधूरी
तू नहीं समझे गवालन की छोरी
तू नहीं समझे गवालन की छोरी
राधा को साजे तो मोहन ही साजे हो मोहन ही साजे
घूंघरवा मोरा छम छम बाजे
घूंघरवा मोरा छम छम बाजे
छम छम की धुन पर जिया मोरा नाचे
छम छम की धुन पर जिया मोरा नाचे
घूंघरवा मोरा छम छम बाजे
.................................................................
Ghoongharwa mora chham chham baaje-Zindagi 1964

Artists: Helen, Mehmood

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Apr 6, 2017

हम दिल का कँवल देंगे-जिंदगी १९६४

सन १९६४ की फिल्म जिंदगी से अगला गीत पेश
है. शैलेन्द्र का गीत है और शंकर जयकिशन का
संगीत. इसे लता मंगेशकर और मन्ना डे ने गाया
है.

फिल्म जिंदगी में दो ऐसे गीत हैं जिनमें तुरही की
आवाज़ सुनाई देती है, एक तो यही है दूसरा आपको
फिर कभी सुनवायेंगे. 



गीत के बोल:

हम दिल का कँवल देंगे जिसको
होगा कोई एक हज़ारों में
हम दिल का कँवल देंगे जिसको
होगा कोई एक हज़ारों में

हम दिल का कँवल देंगे जिसको
होगा कोई एक हज़ारों में
सागर में कहीं ज्यों एक मोती
जैसे चंदा कई सितारों में
हम दिल का कँवल देंगे जिसको
होगा कोई एक हज़ारों में

ये रूप-रंग की फुलवारी
उसके ही लिए ये फूल खिले
सब कुछ देना है सौंप उसे
जिस दिन जिस पल वो आन मिले
बागों में उसी के चर्चे हैं
है उसकी बात बहारों में

हम दिल का कँवल देंगे जिसको
होगा कोई एक हज़ारों में

किसने दिल जीता ताक़त से
चाहत कब आग से डरती है
नादान शिकारी क्‌या जाने
हिरनी किस राग पे मरती है
तलवार का ज़ोर नहीं चलता
हो जाती है बात इशारों में
तलवार का ज़ोर नहीं चलता
हो जाती है बात इशारों में

हम दिल का कँवल देंगे जिसको
होगा कोई एक हज़ारों में
सागर में कहीं ज्यों एक मोती
जैसे चंदा कई सितारों में
...........................................................................
Ham dil ka kanwal denge-Zindagi 1964

Artists: Raj Kumar, Vaijayantimala

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Sep 25, 2009

मुस्कुरा लाडले-ज़िन्दगी १९६४

फिल्मों में लोरियां और बच्चों वाले गाने समय समय पर शामिल किए
जाते रहे हैं। बिना इसके हम शायद फिल्मों को पूर्ण रूप से पारिवारिक
नहीं मान सकते। एक परिवार का ध्यान का केन्द्र अधिकतर समय बच्चे
हुआ करते हैं। फ़िल्म ज़िन्दगी में एक मधुर गीत है जो मन्ना डे का गाया
हुआ है । ये अनूठा है क्यूंकि हम लोगों की आदत पड़ चुकी है रफी की
आवाज़ राजेंद्र कुमार के साथ जोड़ कर देखने की। फ़िल्म में मुख्य भूमिकाएं
राजेंद्र कुमार, राजकुमार और वैजयंतीमाला की हैं। फ़िल्म में राजेंद्र कुमार
इस बात से अनजान कि वो उसी का बच्चा है, उसके साथ लाड लड़ते हुए
एक गाना गा रहा है-मुस्कुरा लाडले मुस्कुरा । गाना सुखद शुरुआत के बाद
अंत में थोड़ा ग़मगीन हो जाता है इसलिए इसको लोरी नहीं कहा जा सकता।




गाने के बोल:

मुस्कुरा लाडले मुस्कुरा
मुस्कुरा लाडले मुस्कुरा

कोई भी फूल इतना नहीं खूबसूरत
है जितना ये मुखड़ा तेरा

मुस्कुरा लाडले मुस्कुरा
मुस्कुरा लाडले मुस्कुरा

तेरी ये मुस्कान कोई न छीने कभी
और फूल की सेज सोये जवानी तेरी
मालिक से है ये दुआ
है ये दुआ

कोई भी फूल इतना नहीं खूबसूरत
है जितना ये मुखड़ा तेरा

मुस्कुरा लाडले मुस्कुरा.....

तुझको जो देखा वो दिन याद आने लगे
आँखों के बुझते दिए झिलमिलाने लगे

मैं तेरे जैसा ही था
ऐसा ही था

कोई भी फूल इतना नहीं खूबसूरत
है जितना ये मुखड़ा तेरा

मुस्कुरा लाडले मुस्कुरा.....

बचके तू चलना लाडले है बुरा ये जहाँ
बन सांप डसता है अपना ही साया यहाँ
बन सांप डसता है अपना ही साया यहाँ

हर कोई है बेवफा
है बेवफा

कोई भी फूल इतना नहीं खूबसूरत
है जितना ये मुखड़ा तेरा

मुस्कुरा लाडले मुस्कुरा
मुस्कुरा लाडले मुस्कुरा

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