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Nov 7, 2019

प्रभु द्वार चली प्रभु की दासी-शेरू १९५७

कैफ इरफानी का लिखा और मदन मोहन के संगीत
से सजा गीत सुनते हैं फिल्म शेरू से जिसे मन्ना डे
ने गाया है.

शास्त्रीय और उपशास्त्रीय संगीत का सम्बन्ध देसी हिंदी
सिनेमा से काफ़ी पुराना है और समय समय पर हमें
कुछ उम्दा सामान सुनने को उपलब्ध हो जाता है.

यू ट्यूब के आगमन के पूर्व मन्ना डे के दुर्लभ गाने
सुन पाना एक दुर्लभ अनुभव सरीखा ही होता था. जब
मुकेश, रफ़ी और किशोर के दुर्लभ गीत ही सुनने को
नहीं मिला करते थे तो मन्ना डे के कहाँ मिलते?



गीत के बोल:

प्रभु द्वार चली प्रभु की दासी
एक आस लिए एक प्यास लिए
प्रभु द्वार चली प्रभु की दासी
एक आस लिए एक प्यास लिए
प्रभु द्वार चली

मुस्कान के फूल सजाये हुए
नैनों के दीप जलाये हुए
मुस्कान के फूल सजाये हुए
नैनों के दीप जलाये हुए
निकली थी ???? ????? को
मन में अपना विश्वास लिए

प्रभु द्वार चली प्रभु की दासी
एक आस लिए एक प्यास लिए
प्रभु द्वार चली

तराना........

तेरो नाम ओमकार गावत सब बार बार
तेरो नाम ओमकार गावत सब बार बार
लाज मेरी तेरे हाथ जगत के खिवैया

तराना........
...........................................................
Prabhu dwar chali-Sheroo 1957

Artist:

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Oct 16, 2018

ये कैसी अदाएं-राग रंग १९५२

सन बावन की फिल्म रागरंग से अगला गाना सुनते हैं.
प्रस्तुत गीत के गीतकार कैफ इरफ़ानी हैं. गाने के शुरू
में jazz की कोई राग है और उसके बाद देसी राग.

कवियों और गीतकारों की पंक्तियाँ डिकोड करना कोई
बच्चों का खेल नहीं. अब पिछले गीत को ही लीजिए जो
कह रहा है-दिल की लगी और दिल लगाना अलग अलग
आइटम हैं जैसे आग लगी और आग लगाना दो अलग
बातें हैं.

और भी सरल शब्दों में पुंगी बजना और पुंगी बजाना
अलग अलग पहलू हैं. ये हिंदी में पढ़ने में अटपटा लग
रहा है. मानिए, कसम से, जब इसी बात को आप किसी
जगह अंग्रेजी में लीपा हुआ पायेंगे तो आपको पढ़ने में
आनंद आएगा.

पहले तो हवा में तारीफ करो, टायर से हवा निकलवाओ
फ़िर शिकवे-शिकायत करो. ऐसा करो ही क्यों. जब प्यार
की ओखली में सर दे ही दिया है तो मूसल से क्यूँ घबराना



गीत के बोल:

ये कैसी अदाएं हैं उनकी अदाएं
के दिल को भी तोड़ें नज़र भी न आएं
ये कैसी अदाएं हैं उनकी अदाएं
के दिल को भी तोड़ें नज़र भी न आएं
ये कैसी अदाएं

ये दिल जो लगाया बड़ी चोट खाई
ये दिल जो लगाया बड़ी चोट खाई
जफ़ा तुमने की और मुझे शर्म आई
मुझे ले न डूबे ये मेरी खतायें
ये कैसी अदाएं हैं उनकी अदाएं
के दिल को भी तोड़ें नज़र भी न आएं
ये कैसी अदाएं

वही आसमाँ है वही चाँद तारे
वही आसमाँ है वही चाँद तारे
मगर तुम नहीं वो न वादे तुम्हारे
ये किस जुर्म की मिल रही हैं सज़ायें

ये कैसी अदाएं हैं उनकी अदाएं
के दिल को भी तोड़ें नज़र भी न आएं
ये कैसी अदाएं
…………………………………………..
Ye kaisi adayen-Raag rang 1952

Artists:

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Jan 29, 2018

और है दिल की लगी-राग रंग १९५२

जिंदगी क्या है रागा सागा और धागा का संगम. ये सागा शब्द
सुन कर मुझे सरसों दा सागा याद आ जाता है, सर्दी का मौसम
जो है. राग शब्द को विलायती अंदाज़ में रागा बोला जाता है.
धागा तो शुद्ध देसी शब्द है जो जीवन की कड़ियों को पिरो के
रखने का और नाड़े को पजामे और पेटीकोट में टिकाये रखने का
काम करता है. रिश्तों की डोर में भी तो धागा ही है. पतंग की
डोर हो या जीवन की डोर ये सभी को बाँध के रखता है. कलाई
में बाँधो, बाजू में बाँधो या गले में ये रक्षा कवच का काम करता
है.

जीवन में संगीत अर्थात रागा ना हो तो व्यक्ति अ-भागा सा
लगता है. लेडी गा-गा भाग्यवान हैं उनके नाम में ही गा और
गा लगा हुआ है. वे एक ख्यात गायिका हैं.

सुनते हैं सन १९५२ की फिल्म राग रंग से जिंदगी को परिलक्षित
करता एक गीत तलत महमूद की आवाज़ में. इस गीत को लिखा
है कैफ इरफानी ने और संगीतकार हैं रोशन.





गीत के बोल:

और है दिल की लगी और दिल का लगाना और है
ये कहानी और है और वो फ़साना और है
और है दिल की लगी

रूठ के जो चल दिया
रूठ के जो चल दिया क्या खबर उसको भला
क्या खबर उसको भला
याद रखना और है और भूल जाना और है

और है दिल की लगी

जो तराना लब पे आया
जो तराना लब पे आया वो तो सब ने सुन लिया
वो तो सब ने सुन लिया
रह गया जो दिल ही दिल में वो तराना और है

और है दिल की लगी

हाय किस खूबी से लूटा
हाय किस खूबी से लूटा बेवफ़ा तक़दीर ने
बेवफ़ा तक़दीर ने
तेरी बरबदी का ऐ दिल हर फ़साना और है

और है दिल की लगी और दिल का लगाना और है
ये कहानी और है और वो फ़साना और है
और है दिल की लगी
.....................................................................
Kahin dil lagane ka samaan-Raagrang 1952

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Dec 23, 2016

किस नज़र का मस्त इशारा-राग रंग १९५२

सब संगीतकारों की शैली अलग अलग हुआ करती थी और वे अपने
खास अंदाज़, चाहे वो किसी राग विशेष से लगाव हो या किसी वाद्य
विशेष से, किसी गायक से एक अलग अंदाज़ में गवाने का शौक हो,
८-१० गीत सुनने के बाद थोड़े जानकार संगीत प्रेमी अनुमान लगा
लिया करते थे किसका संगीत है.

फिल्म संगीत जगत में भी अगर हम बात करें तो घराने हुआ करते
थे जैसे रोशन घराना, मदन मोहन घराना, ओ पी नैयर घराना. ये
सब बातें संगीत प्रेमी किया करते हैं संगीतकारों की तारीफ करते समय.
सही मायने में फिल्म संगीत जिसे सुगम संगीत कह सकते हैं एक
तरह का, शास्त्रीय संगीत का एक हिस्सा मात्र है. सरलीकरण की
प्रक्रिया संगीत की पहुँच आबादी के ज्यादा से ज्यादा तबके तक पहुँचाने
के लिए होती है. शुद्ध रागदारी आम आदमी के पल्ले नहीं पड़ती.
शास्त्रीय संगीत को समझने के लिए वैसे ही कान भी चाहिए. राग
की पकड़ किसी भी सड़क चलते आदमी के बस की बात नहीं, इसके
लिए भी गंभीर अभ्यास चाहिए. कुछ ही लोगों को कुदरती तौर पर
ये ज्ञान प्राप्त होता है. 

फिल्म राग रंग के प्रमुख कलाकार हैं अशोक कुमार और गीता बाली.
फिल्म में कुछ बेहतरीन गीत हैं जो एक अनमोल खजाने का हिस्सा हैं.
एक समृद्ध फिल्म संगीत की विरासत जिसे अनिल बिश्वास, सी रामचंद्र,
एस डी बर्मन, रोशन, शंकर जयकिशन, मदन मोहन और नैय्यर जैसे
गुणी संगीतकारों ने अपनी प्रतिभा से सींचा और आगे आने वाली
पीढ़ियों के लिए एक मेलोडी का बेंचमार्क बनाया. इस अभियान में अन्य
संगीतकारों के भी कम ज्यादा प्रयत्न रहे जिनका हम संगीत प्रेमी दिल
से धन्यवाद देते हैं आज.

आज सुनिए कैफ इरफानी का लिखा और लता मंगेशकर का गाया
थोडा दिमाग पर जोर डालने वाला गीत.



गीत के बोल:

किस नज़र का मस्त इशारा है ज़िंदगी
किस आस्माँ का टूटा सितारा है ज़िंदगी
किस नज़र का मस्त इशारा है ज़िंदगी
किस आस्माँ का टूटा सितारा है ज़िंदगी

क्या कश्तियाँ रहेंगी ये लहरों से होशियार
लहरों से होशियार
उनके हैं जिनसे लाख उम्मीदों के बेक़रार
हाय बेक़रार
दरिया का एक बहता किनारा है ज़िंदगी
किस आस्माँ का टूटा सितारा है ज़िंदगी

किस नज़र का मस्त इशारा है ज़िंदगी
किस आस्माँ का टूटा सितारा है ज़िंदगी

जीना उसी का है जो जिये और के लिये
जीना उसी का है जो जिये और के लिये
आँसू भी दे नसीब तो हँस कर उन्हें पिये
दुनिया को ये पयाम हमारा है ज़िंदगी
किस आस्माँ का टूटा सितारा है ज़िंदगी

किस नज़र का मस्त इशारा है ज़िंदगी
किस आस्माँ का टूटा सितारा है ज़िंदगी
..............................................................
Kis nazar ka toota ishara hai zindagi-Raag rang 1952

Artist: Geeta Bali

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May 31, 2016

दिल तुझे दिया था रखने को-मल्हार १९५१

बांसुरी और वाइलिन इंसान के सुरों के सबसे नज़दीक मानी
जाती है. वैसे ये स्थान सारंगी को हासिल है मगर सामान्यतः
संगीत के क्षेत्र में बांसुरी और वाइलिन का प्रयोग ज्यादा होता
है.

कुछ गीत ऐसे बने हैं फिल्म संगीत क्षेत्र में जिनकी कि बिना
बांसुरी के स्वर के कल्पना मुश्किल है, यूँ कहें बांसुरी की जो
आवाज़ है उन गीतों में वह गीत का अभिन्न अंग सुनाई देती
हैं. ऐसा एक गीत है फिल्म मल्हार से मुकेश का गाया हुआ
जो आज आप सुनेंगे और देखेंगे. कैफ इरफानी के बोल हैं और
रोशन का संगीत है.

उजड़े चमन जैसा जो शख्स इस गीत में दिख रहा है उसका
नाम अर्जुन है और वो नायिका शम्मी के लिए दुःख बाहर
निकाल रहा है. पत्ता नई मल्हार फिल्म के गाने याद आते ही
कुछ फिलोसोफी झाड़ने का मन करने लगता है, आज नहीं !
ये संगीत का जादू ही तो है जो दिमाग पर झाड़ू चला देता
है.



गीत के बोल:

दिल तुझे दिया था रखने को
तूने दिल को जला के रख दिया
किस्मत ने दे के प्यार मुझे
मेरा दिल तड़पा के रख दिया

दिल तुझे दिया था रखने को
तूने दिल को जला के रख दिया
किस्मत ने दे के प्यार मुझे
मेरा दिल तड़पा के रख दिया

भँवरे के लबों पर फरियादें
कलियों के लबों पर मुस्कानें
भँवरे के लबों पर फरियादें
कलियों के लबों पर मुस्कानें
भँवरे का कलेजा कलियों में
हाय किसने छुपा के रख दिया

किस्मत ने दे के प्यार मुझे
मेरा दिल तड़पा के रख दिया
दिल तुझे दिया था रखने को

जिस दर्द से दुनिया डरती है
जिस गम से किनारा करती है
जिस दर्द से दुनिया डरती है
जिस गम से किनारा करती है
तेरी नज़र ने मेरे सीने में
वो दर्द छुपा के रख दिया


किस्मत ने दे के प्यार मुझे
मेरा दिल तड़पा के रख दिया
दिल तुझे दिया था रखने को

जब दिल में तुम्हें बसाया था
आशा का दीप जलाया था
जब दिल में तुम्हें बसाया था
आशा का दीप जलाया था
तकदीर के एक ही झोंके ने
वो दीप बुझा के रख दिया

किस्मत ने दे के प्यार मुझे
मेरा दिल तड़पा के रख दिया

दिल तुझे दिया था रखने को
तूने दिल को जला के रख दिया
किस्मत ने दे के प्यार मुझे
मेरा दिल तड़पा के रख दिया
दिल तुझे दिया था रखने को
............................................................................
Dil tujhe diya tha rakhne ko-Malhar 1951



Artists-Shammi, Arjun

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Dec 1, 2010

मोहब्बत एक शोला है-आगोश १९५३

काले पीले दौर की तरफ चला जाए फिर से, सन १९५३ में,
और सुनिए फिल्म आगोश से एक गीत जो कैफ इरफानी
का लिखा और रोशन का संगीतबद्ध किया हुआ है। इसे गा
रही हैं लता मंगेशकर। परदे पर होंठ हिलाने का श्रेय मिला
है नूतन को।

कभी कभी विचार आता है की गीत के साथ चिपकाये गए
विवरण में १३ का या १९ का पहाडा छाप दिया करूं। विवरण
कितने लोग पढ़ते हैं ये समझना काफी आड़ी टेड़ी खीर है।



गीत के बोल


मुहब्बत एक शोला है,
बचा दामन ज़माने
बचा दामन ज़माने
हुए हम ख़ाक यूं जलकर
जले कोई तो जाने
बचा दामन ज़माने

नहीं मालूम क्या मंज़ूर है
तकदीर को मेरी
तकदीर को मेरी
नहीं मालूम क्या मंज़ूर है
तकदीर को मेरी
तकदीर को मेरी
कटे हैं आज तक रोते
मेरे सावन सुहाने
बचा दामन ज़माने

बहे आंसू हंसी किस्मत
लूटे अरमान भी मेरे
अरमान भी मेरे
बहे आंसू हंसी किस्मत
लूटे अरमान भी मेरे
अरमान भी मेरे
रहे फरियाद ही बन कर मेरे रंगीन तराने
बचा दामन ज़माने

किसी से दिल लगा के हम यहाँ बर्बाद हो गए
बर्बाद हो गए
किसी से दिल लगा के हम बर्बाद हो गए
बर्बाद हो गए
ये जलता सा जिगर अपना,
ये जलते से फ़साने
बचा दामन ज़माने

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May 5, 2010

मत छेड़ ज़िन्दगी के खामोश तार-राग रंग १९५२

मखमली आवाज़ में एक नायाब रत्न पेश है फिल्म संगीत के खजाने से।
कैफ इरफानी के कुछ दिल को छू लेने वाले बोलों को उतनी ही दिलकश
धुन में बांधा है संगीतकार रोशन ने। तलत और लता का ये युगल गीत कुछ
अलग हट के है और इसके प्रशंसक मुझे काफी गंभीर किस्म के व्यक्ति मिले।

गंभीर और संजीदा रचनाएँ सुनने के लिए आपकी रूचि और स्वाद भी संजीदा
होना ज़रूरी है। ना भी हो तो आम श्रोता गीत के अनूठेपन से प्रभावित हो ही
जाता है। गीत फिल्माया गया है अशोक कुमार और गीता बाली पर। फिल्म का
निर्देशन दिग्विजय नाम के व्यक्ति ने किया है जो गीता बाली के भाई हैं।



गीत के बोल:

हर नयी रात, नया दर्द लिए आती है
नींद आँखों से, बहुत दूर हुयी जाती है

मत छेड़ ज़िन्दगी के खामोश तार सो जा
दिल-ए-बेकरार सो जा
मत छेड़ ज़िन्दगी के खामोश तार सो जा
दिल-ए-बेकरार सो जा

तारे चमक के अपनी मंजिल को जा रहे हैं
मंजिल को जा रहे हैं
मंजिल की याद में हम आंसू बहा रहे हैं
आंसू बहा रहे हैं
हर रात कह रही है, ए अश्कबार सो जा
दिल-ए-बेकरार सो जा

मत छेड़ ज़िन्दगी के खामोश तार सो जा
दिल-ए-बेकरार सो जा

ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ,
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
नज़रें चुराने वाले नज़रें ज़रा उठाना, नज़रें ज़रा उठाना
सीखा कहाँ से तूने उल्फत में दिल जलाना,
उल्फत में दिल जलाना
ओ दिल जलने वाले, कहता है प्यार सो जा
दिल-ए-बेकरार सो जा

मत छेड़ ज़िन्दगी के खामोश तार सो जा
दिल-ए-बेकरार सो जा

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