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Jun 26, 2020

धीरे से आ जा री-अलबेला १९५१

सन १९५१ की फिल्म अलबेला से लोरी गीत. लोरी केवल
छोटे बच्चों को सुलाने के काम नहीं आती बल्कि इसे सुन
के बड़े बच्चे भी सो सकते हैं.

ये लता मंगेशकर वाला वर्ज़न है. एक और वर्ज़न है जिसमें
लता के साथ संगीतकार की आवाज़ भी है.

गीत राजेंद्र कृष्ण का लिखा हुआ है..



गीत के बोल:

धीरे से आ जा री अँखियन में
निंदिया आ जा री आ जा
धीरे से आ जा
छोटे से नैनन की बगियन में
निन्दिया आ जा री आ जा
धीरे से आजा
……………………………………………………..
Dheere se aa ja ri-Albela 1951

Artists: Bhagwan, Bimla Kumari

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Apr 14, 2020

प्यार के जादू से था-अलबेला २००१

किसी उछ्लम-कूदम गीत को देखे हमें लंबा समय हो
गया, है ना पाठकों. सन २००१ की फिल्म अलबेला से
एक गाना सुनते हैं जिसे देख के ऐसा लगता है मानो
दक्षिण भारत के देसी माइकल जैक्सन ने कोरियोग्राफी
की हो.

गोविंदा अपनी चपलता के लिए जाने जाते थे. ८० और
नब्बे के दशक में उन्होंने नाच-नाच के धमाल कर दिया.
इस गीत में गोविंदा के मूवमेंट्स से ज्यादा गति नायिका
ऐश्वर्या राय के स्टेप्स में है.

समीर के बोल हैं जिन्हें बेखुदी शब्द से कुछ ज्यादा ही
लगाव है. जतिन ललित की मोहब्बतें फिल्म के बाद
बनी थोड़ी बेहतर धुनों में से है जिसे सुन कर लगता
है वो वापस १९९५ के पहले के समय को छूने की
कोशिश में हैं.





गीत के बोल:

प्यार के जादू से था अब तक अनजाना
मैं अलबेला मैं दीवाना
है बड़ा पागल न तूने इतना जाना
तू अलबेला तू मस्ताना
प्यार के जादू से था अब तक अनजाना
मैं अलबेला मैं दीवाना
है बड़ा पागल न तूने इतना जाना
तू अलबेला तू मस्ताना

पलकों की गली में था तेरा बसेरा
रात भर कल मैने ख्वाब देखा तेरा
कैसे मैं बताऊं कैसी थी बेताबी
एक पल कहीं ना चैन था ज़रा भी
मुझसे कहता है मेरा दिल अब तो
तुझको यार मुश्किल है समझाना
तू अलबेला तू मस्ताना

अरे प्यार के जादू से था अब तक अनजाना
मैं अलबेला मैं दीवाना
है बड़ा पागल न तूने इतना जाना

तूने धड़कनों पे ऐसा जादू डाला
झूमने लगा है मेरा मन मतवाला
देखूं जो तुझे तो बेखुदी सी छाये
नाम लूं जो रब का तेरा नाम आये
मेरी जां पे है तेरा हक़
इन बातों से मैं अभी तक था बेगाना
मैं अलबेला मैं दीवाना

है बड़ा पागल न तूने इतना जाना
तू अलबेला तू मस्ताना

प्यार के जादू से था अब तक अनजाना
मैं अलबेला मैं दीवाना
हाँ तू अलबेला तू मस्ताना
मैं अलबेला मैं दीवाना
………………………………………………
Pyar ke jadoo se tha ab tak-Albela 2001

Artists: Govinda, Aishwarya Rai

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Apr 2, 2020

सर से सरक गई तेरी चुनरी-अलबेला २००१

सन २००१ की फिल्म अलबेला के इस गाने के साथ
दो बातें हैं एक ये सरसरी तौर पर सुनने में गायक
कुमार सानू का गाया हुआ गाना समझ आता है और
चुनरी शब्द से ये सलमान खान की किसी फिल्म का
गाना.

दरअसल ये है गोविंदा की फिल्म का गाना और इसमें
उनके साथ नाच रही हैं नम्रता शिरोडकर. अपने समय
का खूब बजा हुआ गीत है ये. नम्रता शिरोडकर अपने
समय की नामचीन सुन्दरी रही हैं और उन्हें १९९३ में
मिस इण्डिया का खिताब मिला था.

जतिन ललित के सन २००० में आये मोहब्बतें फिल्म के
एल्बम के बाद ये शायद ऐसा है जिसके १-२ गीत खूब
बजे. हाँ, पूरे गाने हमें सुनाई नहीं दिए इस फिल्म के.

समीर के बोल हैं और बाबुल सुप्रियो के साथ आवाज़ है
अलका याग्निक की.




गीत के बोल:

सर से सरक गई तेरी चुनरी हो
सर से सरक गई तेरी चुनरी हो
मुझसे लिपट गई तेरी चुनरी हो
चल गया तेरे प्यार का जादू
दिल पे रहा ना मेरा क़ाबू
ओ ओ ओ ओ

सर से सरक गई मेरी चुनरी ओ
तुझसे लिपट गई मेरी चुनरी ओ
चल गया तेरे प्यार का जादू
दिल पे रहा ना मेरा क़ाबू
ओ ओ ओ ओ
सर से हाँ सरक गई तेरी चुनरी हो

न जाने कब तूने करार छीना
मैने कुछ भी न जाना
चुरा के मेरी रातों की नींद तूने
कर दिया है दीवाना
मेरी नज़र ना हटी है इक पल
तुझपे जो ठहरी
देखो न ऐसी दीवानगी से
तुमको कसम है मेरी
हो हो हो हो

सर से सरक गई मेरी चुनरी ओ
तुझसे लिपट गई मेरी चुनरी ओ
हाँ चल गया तेरे प्यार का जादू
दिल पे रहा ना मेरा क़ाबू
ओ ओ ओ ओ
सर से सरक गई तेरी चुनरी हो ओ ओ

किया है तूने ये मेरा हाल कैसा
दर्द जाता नहीं है
छाई है ख्यालों में बेखुदी सी
होश आता नहीं है
छाने लगा है ये रंग कैसा
मुझपे चाहत का
मुझको हुआ है एहसास दिलबर
तेरी मोहब्बत का
ओ ओ ओ ओ

सर से सरक गई तेरी चुनरी हो
मुझसे हाँ लिपट गई तेरी चुनरी हो
चल गया तेरे प्यार का जादू
दिल पे रहा ना मेरा क़ाबू
ओ ओ ओ ओ
सर से
हाँ सर से
सरक गई तेरी चुनरी हो
सर से सरक गई तेरी चुनरी हो
मुझसे लिपट गई तेरी चुनरी हो
.....................................................................
Sar se sarak gayi-Albela 2001

Artists: Govinda, Namrata Shirodkar

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Feb 25, 2017

शाम ढले खिड़की तले तुम सीटी-अलबेला १९५१

सन १९५१ की फिल्म अलबेला से एक और सुपर हिट गीत
सुनते हैं. गीत में जो निवेदन नायिका कर रही है वो बेहद
विनम्र है. यही बात लड़की का बाप या भाई करता तो कुछ
और तरह से करता धमकी वाले अंदाज़ में.

गीत नोक झोंक वाला है जिसमें दोनों एक दूसरे को नसीहत
दे रहे हैं. गीत में ये भी बतलाया गया है कितने महीने से
मेहनत हो रही है. राजेंद्र कृष्ण के लिखे गीत को चितलकर
और लाता गा रहे हैं.

फिल्म में ये गीत एक स्टेज नाटक में गाया जा रहा है.



गीत के बोल:

शाम ढले  खिड़की तले
तुम सीटी बजाना छोड़ दो
तुम सीटी बजाना छोड़ दो
घड़ी-घड़ी खिड़की में खड़ी
तुम तीर चलाना छोड़ दो
तुम तीर चलाना छोड़ दो
शाम ढले  खिड़की तले
तुम सीटी बजाना छोड़ दो
तुम तीर चलाना छोड़ दो

रोज़-रोज़ तुम मेरी गली में
चक्कर क्यों हो काटते
अजी  चक्कर क्यों हो काटते
सच्ची-सच्ची बात कहूँ मैं
सच्ची-सच्ची बात कहूँ मैं
अजी तुम्हारे वास्ते  तुम्हारे वास्ते
जाओ  जाओ  होश में आओ
यूँ आना-जाना छोड़ दो
यूँ आना-जाना छोड़ दो

शाम ढले  खिड़की तले
तुम सीटी बजाना छोड़ दो
तुम तीर चलाना छोड़ दो


मुझसे तुम्हें क्या मतलब है
ये बात ज़रा बतलाओ
मुझसे तुम्हें क्या मतलब है
ये बात ज़रा बतलाओ
बात फ़कत इतनी सी है
कि तुम मेरी हो जाओ
आओ आओ तुम मेरी हो जाओ
ऐसी बातें  अपने दिल में
साहिब तुम लाना छोड़ दो
साहिब तुम लाना छोड़ दो

शाम ढले  खिड़की तले
तुम सीटी बजाना छोड़ दो
तुम तीर चलाना छोड़ दो

चार महीने मेहनत की है
अजी रँग कभी तो लाएगी
जाओ-जाओ जी यहाँ तुम्हारी
दाल कभी गलने न पायेगी
अजी दाल कभी गलने न पायेगी
दिल वालों  मतवालों पर तुम
रौब जमाना छोड़ दो
तुम रौब जमाना छोड़ दो

शाम ढले  खिड़की तले
तुम सीटी बजाना छोड़ दो
तुम तीर चलाना छोड़ दो
..............................................................
Shaam dhale khidki tale-Albela 1951

Artists: Bhagwan, Geeta Bali

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Jan 16, 2017

भोली सूरत दिल के खोटे-अलबेला १९५१

सन १९५१ की म्यूजिकल सुपरहिट फिल्म अलबेला से एक युगल
गीत सुनते हैं. मीठी नोक झोंक वाला ये गीत आज भी लोकप्रिय
है. राजेंद्र कृष्ण के बोल और सी रामचंद्र के संगीत वाला ये गीत
लता मंगेशकर और चितलकर ने गाया है. सी रामचंद्र चितलकर
के नाम से गाया करते थे.

भगवान और गीताबाली पर फिल्माया गया ये गीत देखने में
भी रोचक है. भगवान दादा की ‘मेक इट ईज़ी’ डांस स्टाइल
अनूठी थी अपने आप में. इसे बाद में महानायक ने भी अपना
लिया. गीत में सारी जनता इसी डांस पर नाचती नज़र आती है.




गीत के बोल:

भोली सूरत दिल के खोटे
नाम बड़े और दरशन छोटे दरशन छोटे
भोली सूरत दिल के खोटे
नाम बड़े और दरशन छोटे दरशन छोटे

हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
नये ज़माने के ये छैला उजले कपड़े दिल है मैला
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
नये ज़माने के ये छैला उजले कपड़े दिल है मैला
रंग-रंगीली इनकी टाई घर में लेकिन कड़की छाई
कड़की छाई कड़की छाई कड़की छाई
रंग-रंगीली इनकी टाई घर में लेकिन कड़की छाई
फैशन बड़े मोटे मोटे
नाम बड़े और दरशन छोटे दरशन छोटे

भोली सूरत दिल के खोटे
नाम बड़े और दरशन छोटे दरशन छोटे

नये ज़माने की ये नारी ऊँची सैंडल बाँकी साड़ी
नये ज़माने की ये नारी ऊँची सैंडल बाँकी साड़ी
नैनों में कजरा होंठों पे लाली
हाथ में कंगन कान में बाली कान में बाली
नैनों में कजरा होंठों पे लाली
नखरे बड़े मोटे मोटे
नाम बड़े और दरशन छोटे दरशन छोटे

हुस्न और इश्क़ की ये लड़ाई शुरू से जग में होती आयी
ना कोई जीते ना कोई हारे अजी क्यों न दिल मिल जाये सारे
न हम बड़े न तुम छोटे
नाम बड़े और दरशन छोटे दरशन छोटे

भोली सूरत दिल के खोटे
नाम बड़े और दरशन छोटे दरशन छोटे
भोली सूरत दिल के खोटे
नाम बड़े और दरशन छोटे दरशन छोटे
...........................................................................
Bholi surat dil ke khote-Albela 1951

Artists: Bhagwan, Geeta Bali

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Jul 4, 2016

सुल्तानों का सुल्तान-अलबेला १९७१

शंकर जयकिशन ने किशोर कुमार के लिए काफी गीत बनाये.
उतने नहीं जितने रफ़ी के लिए बनाये, लेकिन बनाये ज़रूर
और उनमें से बहुत से उल्लेखनीय हैं. आज सुनते हैं फिल्म
अलबेला का शीर्षक गीत. वैसे अलबेला शब्द किशोर के दूसरे
गीत में भी आया है जिसे हम आपको सुनवा चुके हैं पहले. 

ए शमशीर निर्देशित इस फिल्म में काफी सारे हास्य कलाकार हैं.
ऐसा लगता है मानो ये फिल्म हास्य कलाकारों को सम्मान देने
हेतु ही बनायीं गयी हो. धुमाल, मोहन चोटी, राजेन्द्रनाथ, मुकरी,
ब्रह्मचारी, असित सेन, जॉनी व्हिस्की, आई एस जौहर के अलावा
इस फिल्म में लीला मिश्रा, दिलीप दत्त, ललिता कुमारी, नम्रता,
अचला सचदेव और रमेश देव जैसे कलाकार मौजूद हैं.

शमशीर ने काफी फिल्मों का निर्देशन किया जिसमें से अधिकाँश
पीरियड फ़िल्में, ऐतिहासिक या फंतासी किस्म की रहीं. अलबेला
उनके निर्देशन वाली आखिरी फिल्म थी. शंकर जयकिशन ने एक
इसी फिल्म के लिए संगीत दिया इसके अलावा शमशीर ने जिनकी
सेवाएं लीं संगीत के लिए वे हैं रोबिन बैनर्जी, सर्दुल क्वात्रा और
उषा खन्ना.

इस गीत को गीत लिखा है हसरत जयपुरी ने.

   


गीत के बोल:

सुल्तानों का सुल्तान
मैं हूँ अलबेला मैं हूँ अलबेला
मैं हूँ अलबेला मैं हूँ अलबेला
राजाओं का राजा मैं दिल का महाराजा
हर जलवे से मैं खेला जी खेला जी खेला
मैं हूँ अलबेला मैं हूँ अलबेला
मैं हूँ अलबेला मैं हूँ अलबेला
राजाओं का राजा मैं दिल का महाराजा
हर जलवे से मैं खेला जी खेला जी खेला
मैं हूँ अलबेला मैं हूँ अलबेला

ओ चुलबुली गुजरिया मुझसे मिला नजरिया
ओ चुलबुली गुजरिया मुझसे मिला नजरिया
ओ मेरे दिल की रानी तेरा हूँ मैं सांवारिया
ए जान तू हमारी ओ फुलझड़ी कुंवारी
तू गोपी और मैं छैला जी छैला जी छैला
मैं हूँ अलबेला मैं हूँ अलबेला
मैं हूँ अलबेला मैं हूँ अलबेला

बेगम ज़मीला बेगम जपता हूँ नाम हर दम
दिल का गुलाब ले ले मैं तेरा जान-ए-आलम
बेगम ज़मीला बेगम जपता हूँ नाम हर दम
दिल का गुलाब ले ले मैं तेरा जान-ए-आलम
मैं तुझको चाहता हूँ तेरी कसम फ़िदा हूँ
मैं मजनू और तू लैला जी लैला जी लैला
मैं हूँ अलबेला मैं हूँ अलबेला
मैं हूँ अलबेला मैं हूँ अलबेला

नखरा तेरा निराला डालूँ गरम मसाला
नखरा तेरा निराला डालूँ गरम मसाला
ऐसा दिखाया ठुमका ठुमके ने मार डाला
है खूब अपनी जोड़ी जैसे चंदा और चकोरी
तू नहला और मैं दहला जी दहला जी दहला
मैं हूँ अलबेला मैं हूँ अलबेला
मैं हूँ अलबेला मैं हूँ अलबेला
राजाओं का राजा मैं दिल का महाराजा
हर जलवे से मैं खेला जी खेला जी खेला
मैं हूँ अलबेला मैं हूँ अलबेला
मैं हूँ अलबेला मैं हूँ अलबेला
…………………………………………………..
Sultanona ka sultan-Albela 1971

Artist-Mehmood

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Dec 22, 2014

ऐ मेरे दिल मत कर किसी पे-अलबेला १९७१

किशोर कुमार का गीत सुने कई दिन हो गए हमें इस ब्लॉग पर.
आज सुनते हैं एक उपदेशात्मक गीत फिल्म अलबेला से. सन
१९७१ की फिल्म अलबेला में महमूद नायक हैं. गीत उन्हीं के
ऊपर फिल्माया गया है.

हास्य कलाकारों ने जब भी संजीदा किरदार निभाने की कोशिश
की, जनता ने उनको अस्वीकार किया. फिल्म उद्योग में एक बार
कोई ठप्पा लग जाये तो उससे पीछा छुडाना मुश्किल होता है.
फिल्म अलबेला मधुर संगीत के बावजूद बॉक्स ऑफिस पर टिकी
नहीं. गीत ऐसा सुनाई देता है मानो महमूद अपनी व्यथा गा रहे
हों. उस समय का गीत है जब शंकर और जयकिशन अलग अलग
संगीत दे रहे थे. ये धुन जयकिशन की बनाई हुई है.




गीत के बोल:

ऐ मेरे दिल मत कर किसी पे ऐतबार
हर कदम पे हैं धोखे हज़ार
ऐ मेरे दिल मत कर किसी पे ऐतबार
हर कदम पे हैं धोखे हज़ार
ऐ मेरे दिल मत कर किसी पे ऐतबार

अलबेले आज़ाद परिंदे
मस्ती में तू गाता चल
पी ली खा ले प्यार का दाना
झूम झूम लहराता चल
अरे पी ली खा ले प्यार का दाना
झूम झूम लहराता चल

ऐ मेरे दिल मत कर किसी पे ऐतबार
हर कदम पे हैं धोखे हज़ार
ऐ मेरे दिल मत कर किसी पे ऐतबार
हर कदम पे हैं धोखे हज़ार
ऐ मेरे दिल

निर्धन की कोई बात न पूछे
दौलत के सब बंदे हैं
मनमानी करते हैं
ज़ालिम ऑंखें रख कर अंधे हैं
मनमानी करते हैं
ज़ालिम ऑंखें रख कर अंधे हैं

ऐ मेरे दिल मत कर किसी पे ऐतबार
हर कदम पे हैं धोखे हज़ार
ऐ मेरे दिल मत कर किसी पे ऐतबार
हर कदम पे हैं धोखे हज़ार
ऐ मेरे दिल
………………………………………………………..
Ae mere dil-Albela 1971

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Oct 28, 2009

कहो तो ज़रा झूम लूँ-अलबेला २००१

'कहो' और 'कहना' शब्द दिमाग में आते ही एक नया गीत मेरे
दिमाग में आया है । पेश है आपके लिए-कहो तो ज़रा झूम लूँ ।
फ़िल्म अलबेला का ये गीत संयोगवश यू ट्यूब पर मौजूद है।
फ़िल्म आई थी सन २००१ में और इसमे गोविंदा के साथ नायिका
ऐश्वर्या राय हैं ।

कुमार सानू, अलका याग्निक के गाये युगल गीत की धुन बनाई
है जतिन ललित ने । रोलेट यानि कि विलायती जुआ घर (अब तो
हमारे देश में भी कई जगह उपलब्ध है ये) और कई लुभावने दृश्यों
से भरपूर ये गीत आँखों को सुकून देता है । युवाओं की पसंद है ये
गीत। मैं दावा नहीं कर सकता कि ये पुराने गीतों के शौकीनों को
पसंद आयेगा । धुन कर्णप्रिय है और गीत थोड़ा शांत सा है । गोविंदा
ने बॉलीवुड की तकरीबन सभी लम्बी अभिनेत्रियों के साथ काम कर
लिया है। अलबेला के नाम से पूर्व में जो फिल्में आई थी वे हैं
अलबेला (१९५१) भगवन वाली और अलबेला(१९७१) महमूद वाली।




गाने के बोल:

सानू : कहो तो ज़रा चूम लूँ
मचलती बहार में
कहो तो ज़रा चूम लूँ
मचलती बहार में
दिल कहता है जाने जाना,
हद से गुज़र जाऊं प्यार में

अलका : कहो तो ज़रा झूम लूँ
तुम्हारे इस खुमार में
कहो तो ज़रा झूम लूँ
तुम्हारे इस खुमार में
दिल कहता है जाने जाना,
हद से गुज़र जाऊं प्यार में

सानू : कहो तो ज़रा चूम लूँ
मचलती बहार में

अलका : कहो तो ज़रा झूम लूँ
तुम्हारे इस खुमार में

सानू : गेसुओं से, रेशमी खुशबू चुरा लूँ
इन लबों से, शबनमी, लाली उड़ा लूँ

अलका : छोडो, शर्म आए, मैं क्या करुँ
सानू : शर्माना क्या, घबराना क्या,
कुछ भी न अब इख्तियार में

अलका : कहो तो ज़रा झूम लूँ
तुम्हारे इस खुमार में

सानू : कहो तो ज़रा चूम लूँ
मचलती बहार में

अलका : देखती है, हर घड़ी, तुमको निगाहें
चाहती हैं, बस तुम्हें, गोरी यह बाहें
सानू : होके जुड़ा, तुमसे, जीना नहीं
अलका : इन पलकों में, सपने लेके
बैठी हूँ, मैं इंतज़ार में

सानू : कहो तो ज़रा चूम लूँ
मचलती बहार में २
दिल कहता है, जाने जाना,
हद से गुज़र जाऊं प्यार में

अलका : कहो तो ज़रा झूम लूँ

तुम्हारे इस खुमार में
कहो तो ज़रा झूम लूँ
तुम्हारे इस खुमार में
दिल कहता है, जाने जाना,
हद से गुज़र जाऊं, प्यार में

सानू : कहो तो ज़रा चूम लूँ
मचलती बहार में

अलका : कहो तो ज़रा झूम लूँ
तुम्हारे इस खुमार में
........................................................
Kaho to zara jhoom loon-Albela  2001

Artists: Aishwarya Rai, Govinda

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Aug 28, 2009

देवता माना और पूजा २ -अलबेला १९७१

अलबेला फिल्म से एक गीत और सुनते हैं आज लता का गाया
कुछ कुछ हॉरर फ़िल्म का सा आभास देता संगीत शुरू होता है
उसके बाद एक मधुर गीत उभर आता है । ये गीत फ़िल्म में
दूसरी बार आया है और इसका प्रयोग सोते हुए कलाकार को
डराना ही है। महमूद ने इसके पहले फ़िल्म भूत बंगला में डराया
था । इसका पहला भाग तो आप सुन ही चुके हैं अब इसका भी
आनंद उठाइए। बोल हसरत जयपुरी के हैं ।



गीत के बोल:

हो ओ ओ ........

देवता माना और पूजा तेरी तस्वीर को
देवता माना और पूजा तेरी तस्वीर को
तुम न मिल पाये हाय, क्या करूं तकदीर को

देवता माना और पूजा तेरी तस्वीर को
देवता माना और पूजा तेरी तस्वीर को

तू कहीं दिल लगा ले पर मुझीको पायेगा
तू कहीं दिल लगा ले पर मुझीको पायेगा
हर जनम साथ होगा दिल से दिल बाँध जाएगा

फ़िर न तोड़ेगा कोई
फ़िर न तोड़ेगा कोई, आस की ज़ंजीर को

देवता माना और पूजा तेरी तस्वीर को
देवता माना और पूजा तेरी तस्वीर को

जब तलक पाऊँ न तुमको रात दिन तडपूंगी मैं
जब तलक पाऊँ न तुमको रात दिन तडपूंगी मैं
आत्मा बन के हमेशा राह में भटकूंगी मैं
तुझपे अर्पण किया
तुझपे अर्पण किया बन बदले दिल हीर को

देवता माना और पूजा तेरी तस्वीर को
देवता माना और पूजा तेरी तस्वीर को

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Jun 30, 2009

देवता माना और पूजा तेरी तस्वीर को १-अलबेला १९७१

फ़िल्म अलबेला का ये गीत मुझे सन १९७१ से ही पसंद है, जब ये फ़िल्म
आई थी और इसको पहली बार मैंने रेडियो पे सुना था। ये गीत मुझे हर
तीसरे चौथे दिन सुनने को मिल जाता था। इसमें लता मंगेशकर ने जो
"हाय" शब्द गाया है वो अंदाज़ आज तक वैसे ही याद है। धीरे धीरे जब
मैंने शंकर जयकिशन के संगीत पे थोड़ा दिमाग लगाना शुरू किया तो
पाया कि उनके गीतों में लता मंगेशकर "हाय" शब्द को बड़े ही अलग
अंदाज़ से गाती थीं।

गीत हसरत जयपुरी की कलम से निकला था। जिसका पता मुझे १९७६
में चला जब इसका एल. पी. एक संगीत प्रेमी के घर में देखने को मिला ।
इस गीत का फ़िल्म में बेहतर इस्तेमाल हो सकता था। निर्देशक की
कल्पनाशीलता शायद सीमित थी इसलिए ये फ़िल्म ज्यादा चली नहीं।
महमूद के अभिनय और कुछ गीतों के अलावा इस फ़िल्म में सर खपाने
के लिए कुछ सामान मौजूद नहीं है।



गीत के बोल:

देवता माना और पूजा तेरी तस्वीर को
देवता माना और पूजा तेरी तस्वीर को
तुम न मिल पाये हाय क्या करूं तकदीर को

देवता माना और पूजा तेरी तस्वीर को

तेरे चरणों तक न पहुँची और प्यासी रह गई
तेरे चरणों तक न पहुँची और प्यासी रह गई
चुप हुयी शहनाइयां मन में उदासी रह गई
मिट गई सारी खुशी
मिट गई सारी खुशी, रोना पड़ा तदबीर को

देवता माना और पूजा तेरी तस्वीर को
देवता माना और पूजा तेरी तस्वीर को

गर मेरी डोली गई तो तेरे घर पे जायेगी
गर मेरी डोली गई तो तेरे घर पे जायेगी

कह उठी जिंदगानी वो घड़ी भी आएगी

कौन लूटेगा भला
कौन लूटेगा भला, इस प्यार की जागीर को

देवता माना और पूजा तेरी तस्वीर को
देवता माना और पूजा तेरी तस्वीर को
तुम न मिल पाये हाय क्या करूं तकदीर को

देवता माना और पूजा तेरी तस्वीर को
...........................................................................
Devta maana aur pooja teri tasveer ko 1-Albela

Artist: Namrata

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