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Jan 3, 2017

मोहब्बत ऐसी धड़कन है-अनारकली १९५३

लव एक ऐसी बीट है जो एक्सप्लेन नहीं की जा सकती. यहाँ बीट
अर्थात हार्ट बीट जैसी कुछ बात है. दिल की धडकनों को तो आप
सुन सकते हैं, कान लगा के या स्टेथेस्कोप को सटा के. बीट रूट
खाना सेहत के लिए फायदेमंद है ये खून बढाता है. उसके अलावा ये
खून के फ्लो को बढाता है साथ ही ब्लड प्रेशर को कम करता है.
सलाह की एक ऐसी चीज़ है जो फ़ोकट में मिलती है. सलाद की
प्लेट लेने के लिए भी होटल में पैसे चुकाने पढते हैं.

आज सुनते हैं अनारकली से अगला गीत हसरत जयपुरी का लिखा
हुआ और लता का गाया हुआ. संगीतकार का नाम आप जानते हैं,
भूल गए हों तो टैग में देख लें. इस ब्लॉग के पाठकों के लिए
एक प्रश्न है-इस गीत को किसने लिखा है? नेट पर विभिन्न
जगहों पर कहीं हसरत तो कहीं राजेंद्र कृष्ण का नाम है इस
गीत के गीतकार के रूप में. आप ही बतलायें कौन इसका असली
गीतकार है ?



संगीतकार द्वारा स्वयं गाया हुआ ये गीत बी बी सी के कार्यक्रम में:




गीत के बोल:

इस इंतज़ार-ए-शौक को जनमों की आस है
इक शमा जल रही है तो वो भी उदास है

मोहब्बत ऐसी धड़कन है  जो समझाई नहीं जाती
जो समझाई नहीं जाती
ज़बान पर दिल की बेचैनी  कभी लाई नहीं जाती
कभी लाई नहीं जाती
मोहब्बत ऐसी धड़कन है

चले आओ  चले आओ  तक़ाज़ा है निगाहों का
चले आओ  चले आओ  तक़ाज़ा है निगाहों का
तक़ाज़ा है निगाहों का
किसी की आरज़ू ऐसे  तो ठुकराई नहीं जाती
तो ठुकराई नहीं जाती

मोहब्बत ऐसी धड़कन है  जो समझाई नहीं जाती
जो समझाई नहीं जाती
मोहब्बत ऐसी धड़कन है

मेरे दिल ने बिछाए हैं  सजदे आज राहों में
मेरे दिल ने बिछाए हैं  सजदे आज राहों में
सजदे आज राहों में
जो हालत आशिक़ी की है  वो बतलाई नहीं जाती
वो बतलाई नहीं जाती

मोहब्बत ऐसी धड़कन है  जो समझाई नहीं जाती
जो समझाई नहीं जाती
मोहब्बत ऐसी धड़कन है
............................................................................
Mohabbat aisi dhadkan hai-Anarkali 1953

Artist: Beena Rai

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Jul 23, 2016

आ जान-ए-वफ़ा-अनारकली १९५३

सन १९५३ की फिल्म अनारकली के लिए पहले संगीतकार
बसंत प्रकाश को साइन किया गया था. उन्होंने फिल्म के
लिए दो गीत भी कम्पोज किये. कुछ वजहों से फिल्म में
फेरबदल हुए और संगीतकार सी रामचंद्र को जिम्मेदारी
सौंपी गयी. बसंत प्रकाश के कम्पोज किये गीतों में से एक
फिल्म में शामिल है और वो आज आप सुनेंगे. वैसे इस
मामले में काफी कन्फ्यूज़न है कि वास्तविक कहानी क्या है.
खैर जो भी हुआ हो फिल्म का संगीत इतिहास रचने वाला
साबित हुआ.


जां निसार अख्तर का लिखा हुआ गीत गाया है गीता दत्त
ने. ये अख्तर का लिखा एकमात्र गीत है फ़िल्मी एल्बम में.
गीत  किसी सम्मोहन मन्त्र जैसा काम कर रहा है और गीत
के खत्म होते तक नायक बकरी के मेमने की तरह वापस
लौट आता है.





गीत के बोल:

वफ़ा की लाज रह जाएगी आ जा तेरे आने से
मोहब्बत की नज़र नीची ना हो जाए ज़माने से

आ जान-ए-वफ़ा आ जान-ए-वफ़ा
कहते हैं किसे प्यार ज़माने को दिखा दे
दुनिया की नज़र इश्क के क़दमो पे झुका दे
क़दमो पे झुका दे
आ जान-ए-वफ़ा आ जान-ए-वफ़ा

आ जा ये मेरा नाज़ उठाना ही पड़ेगा
आ जा ये मेरा नाज़ उठाना ही पड़ेगा
जब प्यार किया है तो निभाना ही पड़ेगा
जब प्यार किया है तो निभाना ही पड़ेगा
आ दिल के लिए जान की बाज़ी भी लगा दे
आ दिल के लिए जान की बाज़ी भी लगा दे
दुनिया की नज़र इश्क के क़दमो पे झुका दे

आ जान-ए-वफ़ा आ जान-ए-वफ़ा

आ प्यार के तूफ़ान मे लहरा के चला आ
आ प्यार के तूफ़ान मे लहरा के चला आ
हर क़ैद को हर रस्म को ठुकरा के चला आ
हर क़ैद को हर रस्म को ठुकरा के चला आ
आशिक है तो हर चीज़ मुहब्बत पे लुटा दे
आशिक है तो हर चीज़ मुहब्बत पे लुटा दे
दुनिया की नज़र इश्क के क़दमो पे झुका दे

आ जान-ए-वफ़ा आ जान-ए-वफ़ा

दीवाना मोहब्बत का कही डर के रुका है
दीवाना मोहब्बत का कही डर के रुका है
दरबार मे शाहों के कहीं इश्क झुका है
दरबार मे शाहों के कहीं इश्क झुका है
खुद इश्क के दरबार में शाहों को झुका दे
आ जान-ए-वफ़ा शाहों को झुका दे
शाहों को झुका दे आ जान-ए-वफ़ा
………………………………………………………..
Aa jaan-e-wafa-Anarkali 1953

Artists: Beena Rai, Pradeep Kumar

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Mar 25, 2016

ऐ बाद-ए-सबा आहिस्ता चल-अनारकली १९५३

आपको आज सुनवाते हैं एक दर्द भरा गीत हेमंत कुमार की
दबंग आवाज में. फिल्म का नाम है अनारकली जिससे आप
कुछ गीत इधर सुन चुके हैं पहले. फिल्म को रिलीज़ हुए

६३ साल हो चुके हैं. इसके गीतों का जादू आज भी सर चढ
कर बोलता है. सी रामचंद्र के संगीतमय जीवन की शायद
या आखिरी बड़ी हित फिल्म थी. इसके बाद ५९ की नवरंग
इसके सामने कुछ कमतर है मगर कमज़ोर नहीं.




गीत के बोल:

ऐ बाद-ए-सबा आहिस्ता चल
यहाँ सोयी हुई है अनारकली
आँखों मे जलवे सलीम के लिये
खोयी हुई है अनारकली

है शहीद-ए-इश्क़ का मकबरा
ज़रा चल अदब से यहाँ हवा
तुझे याद हो के न याद हो
मुझे याद है उस का माजरा

अभी याद है मुझे वो घड़ी
जब किसी की उसपे नज़र पड़ी
यहाँ हुस्न था वहाँ ताज था
यहाँ इश्क़ था वहाँ राज था

ये कहा सलीम ने प्यार से
हँस-हँस के अपनी अनार से
तू कहे तो तारों को तोड़ लूँ
तू कहे तो ताज भी छोड़ दूँ

ज़रा देख ये क्या हवा चली
न रहा सलीम न वो कली
ये मज़ार निशानी है प्यार की
किसी दर्द भरी इकरार की

किस भँवरे के इंतज़ार मे
यहाँ सोयी है कली अनार की

ऐ बाद-ए-सबा आहिस्ता चल
यहाँ सोयी हुई है अनारकली
आँखों मे जलवे सलीम के लिये
खोयी हुई है अनारकली
………………………………………………………
Ae baad-e-saba aahista-Anarkali 1953

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Nov 17, 2015

मुहब्बत में ऐसे क़दम–अनारकली १९५३

हिंदी फिल्म संगीत के इतिहास की सबसे बड़ी हिट फिल्मों
में से एक है अनारकली. सी रामचंद्र के संगीत ने तहलका
सा मचा दिया था. इस फिल्म के बाद सी रामचंद्र शायद
वैसा करिश्मा रिपीट नहीं कर पाए और उनका कैरियर भी
ढलान की ओर अग्रसर हो गया. वैसे बात की जाए तो सन
१९५९ की फिल्म नवरंग के गीत भी सुपरहिट गीत रहे किन्तु
अनारकली के गाने तो लाजवाब हैं.

गौरतलब है इस फिल्म के लिए पहले संगीतकार बसंत प्रकाश
को अनुबंधित किया गया था और उन्होंने गीता दत्त की आवाज़
में एक गाना रिकॉर्ड भी किया जो फिल्म के एल्बम पर मौजूद
है.

सी रामचंद्र के लिए ४ गीतकारों ने गीत लिखे. आज सुनिए एक
राजेंद्र कृष्ण का लिखा गीत. एक समय मदिरा प्रेमियों को ये गीत
बेहद पसंद हुआ करता था, आज का पता नहीं. 



गीत के बोल:

मेरी तकदीर मुझे आज कहाँ लायी हैं
शीशा शीशा जहाँ मेरा ही तमाशाई हैं

मुझे इल्ज़ाम न देना मेरी बेहोशी का
मेरी मजबूर मुहब्बत की ये रुसवाई है
मुहब्बत में ऐसे क़दम डगमगाये
ज़माना ये समझा के हम पी के आये

जिसे काम हो रात दिन आँसूओं से
उसे हुक़्म ये है हंसे और हंसाये
ज़माना ये समझा के हम पी के आये

किसी की मुहब्बत में मजबूर होकर
हम उन तक तो पहुँचे, वो हम तक न आये
ज़माना ये समझा के हम पी के आये

वो जिनके लिये ज़िंदगानी लुटा दी
ये बैठे हुए हैं मेरा दिल चुराये
ज़माना ये समझा के हम पी के आये

छुपोगे कहाँ तक नज़र तो मिलाओ
तुम्हारी बला से मेरी जान जाये
ज़माना ये समझा के हम पी के आये
...................................................................
Mohabbat mein aise kadam-Anarkali 1953

Artists:  Beena Rai,

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Aug 8, 2015

आ जा अब तो आ जा-अनारकली १९५३

फिल्म अनारकली का एक एक गीत अनूठा है. इस फिल्म से आज
आपको एक उम्दा किस्म का दर्दीला गीत सुनवाते हैं. सी रामचंद्र ने
शायद इस फिल्म का संगीत कम्पोज करते समय नहीं सोचा होगा कि
ये ज़बरदस्त हिट और इतिहास में अहम स्थान रखने वाला एलबम
साबित होगा.

फिल्म के संगीत की लोकप्रियता से सभी को फायदा ज़रूर हुआ होगा,
चाहे गायक गायिका हों, गीतकार हो, या फिर संगीत का एल पी जारी
करने वाली कंपनी. अनारकली के साथ मुग़ल-ए-आज़म जैसी पॉपुलरिटी
और हाईप नहीं जुड़े हुए थे लेकिन वो अपना स्थान बनाने में सफल
हो गयी. गीत अभिनेत्री बीना रॉय पर फिल्माया गया है.

ये संयोग ही है कि वर्षों पहले मैंने एक बच्चे को लगभग इसी तर्ज़ पर
रोते सुना था. या तो उसे बच्चे ने रोने का इनोवेटिव तरीका गाना सुन
के सीखा था या वो जन्मजात प्रतिभाशाली था. वैसे उसके अलावा कभी
कभी वो बेसुरा प्रलाप भी करता था जिसमें अधिकतर “भाँ भाँ “ की
ध्वनि सुनाई देती थी. मेरे लिए एक उदाहरण जैसा था-संगीत हमारे
जीवन से किस हद तक जुडा है.





गीत के बोल:

आ जा अब तो आ जा
मेरी क़िस्मत के ख़रीदार
अब तो आ जा
नीलाम हो रही है
मेरी चाहत सर-ए-बाज़ार
अब तो आ जा

आ जा अब तो आ जा
मेरी क़िस्मत के ख़रीदार
अब तो आ जा

सब ने लगाई बोली, ललचाई हर नज़र
मैं तेरी हो चुकी हूँ दुनिया है बेख़बर
ज़ालिम बड़े भोले हैं, मेरे ये तलबगार
अब तो आ जा

हसरत भरी जवानी, ये हुस्न ये शबाब
रंगीन दिल की महफ़िल मेरे हसीन ख़्वाब
गोया कि मेरी दुनिया लुटने को है तैयार
अब तो आ जा

आ जा अब तो आ जा
मेरी क़िस्मत के ख़रीदार
अब तो आ जा
नीलाम हो रही है
मेरी चाहत सर-ए-बाज़ार
अब तो आ जा
…………………………………………………
Aa ja ab to aa ja-Anarkali 1953

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Dec 6, 2009

ये ज़िन्दगी उसी की है-अनारकली १९५३

इस गीत का जिक्र करना प्रासंगिक होगा। 'ये ज़िन्दगी उसी की है......'
और 'अलविदा.....अलविदा' शब्द सबसे ज्यादा लोकप्रिय शब्द हैं इस
गाने के । दूसरी बात- ये अनारकली फ़िल्म का सबसे ज्यादा लोकप्रिय
गीत है । इस अमर गीत की रचना करके राजेंद्र कृष्ण अपना नाम
इतिहास के सुनहरे पन्नो में दर्ज करा गए। इस गीत का एक एक कतरा
मुझे याद है। कितनी बार है इसको सुना गिनती नहीं। जीने का संदेश देता
ये गीत :

"धड़क रहा हैं दिल तो क्या, दिल की धड़कने गिन
फिर कहाँ यह फुरसतें, फिर कहाँ यह रात दिन
रही हैं यह सदा, मस्तियों में झूम जा"

इस गीत का दूसरा हिस्सा मन को झकझोरने वाला है।



गीत का दूसरा हिस्सा



गीत के बोल:

यह ज़िन्दगी उसी की है जो किसी का हो गया
प्यार ही में खो गया
यह ज़िन्दगी उसी की है जो किसी का हो गया
प्यार ही में खो गया

यह ज़िन्दगी उसी की है

यह बहार यह समां कह रहा प्यार कर
किसी की आरज़ू में अपने दिल को बेकरार कर
ज़िन्दगी है बेवफा
ज़िन्दगी है बेवफा, लूट प्यार का मज़ा

यह ज़िन्दगी उसी की है जो किसी का हो गया
प्यार ही में खो गया
यह ज़िन्दगी उसी की है

धड़क रहा हैं दिल तो क्या, दिल की धड़कने न गिन
फिर कहाँ यह फुरसतें, फिर कहाँ यह रात दिन
आ रही हैं यह सदा, मस्तियों में झूम जा

यह ज़िन्दगी उसी की है जो किसी का हो गया
प्यार ही में खो गया
यह ज़िन्दगी उसी की है

part 2

दो दिल यहाँ न मिला सके, मिलेंगे उस जहाँ में
दो दिल यहाँ न मिला सके, मिलेंगे उस जहाँ में
खिलेंगे हसरतों के फूल, मौत के आसमान में
ये ज़िंदगी चली गई
ये ज़िंदगी चली गई जो प्यार में तो क्या हुआ

यह ज़िन्दगी उसी की है जो किसी का हो गया
प्यार ही में खो गया
यह ज़िन्दगी उसी की है

सुनाएगी दास्ताँ, शमा मेरे मज़ार की
सुनाएगी दास्ताँ, शमा मेरे मज़ार की
फिजा में भी खिली रही, ये कली अनार की
इसे मज़ार मत कहो
इसे मज़ार मत कहो, ये महल है प्यार का

यह ज़िन्दगी उसी की है जो किसी का हो गया
प्यार ही में खो गया
यह ज़िन्दगी उसी की है

ए ज़िंदगी की शाम आ
ए ज़िंदगी की शाम आ, तुझे गले लगाऊँ मैं
तुझी में डूब जाऊं मैं
जहाँ को भूला जाऊं मैं
बसा एक नज़र मेरे सनम, अलविदा, अलविदा
अलविदा ...
अलविदा ...
अलविदा ...
अलविदा ...

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दुआ कर गम-ऐ-दिल -अनारकली १९५३

अविस्मर्णीय फ़िल्म है "अनारकली" । सन १९५३ में आई इस फ़िल्म
ने सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए । इसका संगीत भी इतना
लोकप्रिय हुआ कि लगभग हर संगीत प्रेमी के मन में इसके गीत सुनने
की ललक रहती। संगीतकार सी रामचंद्र के जीवन में भी फ़िल्म अलबेला
के बाद इतनी धूम किसी फ़िल्म के संगीत ने नहीं मचाई। इसका शुमार
आज तक की बनी १० सबसे सफलसंगीतमय फिल्मों में किया जाता है।
हिन्दी सिनेमा इतिहास की पीरियड फिल्मों में सबसे सफल फिल्मों में से
एक बनाने के लिए इसके निर्देशक नन्दलाल जसवंतलाल लंबे समय तक
याद किए जायेंगे। उन्होंने कई ऐतिहासिक और पौराणिक फ़िल्में बनाई हैं।
इस फ़िल्म ने इसकी अभिनेत्री को भी बहुत लोकप्रिय कराया। बीना राय
की ये शायद सबसे बड़ी फ़िल्म साबित हुई। फ़िल्म एक से बढ़कर एक गीतों
से भरी पड़ी है। ये जो गीत प्रस्तुत है इसके बोल लिखे हैं शैलेन्द्र ने।



गीत के बोल:

दुआ कर गम-ऐ-दिल, खुदा से दुआ कर

वफाओं का मजबूर दामन बिछा कर
दुआ कर गम-ऐ-दिल, खुदा से दुआ कर
जो बिजली चमकती है उनके महल पर
वो कर ले तसल्ली, मेरा घर जला कर
दुआ कर गम-ऐ-दिल, खुदा से दुआ कर
दुआ कर गम-ऐ-दिल, खुदा से दुआ कर

सलामत रहे तू, मेरी जान जाए
सलामत रहे तू, मेरी जान जाए
मुझे इस बहाने से ही मौत आए
करूंगी मैं क्या चंद साँसें बचा कर
दुआ कर गम-ऐ-दिल, खुदा से दुआ कर
दुआ कर गम-ऐ-दिल, खुदा से दुआ कर

मैं क्या दूँ तुझे मेरा सब लुट चुका है
दुआ के सिवा मेरे पास और क्या है
मैं क्या दूँ तुझे मेरा सब लुट चुका है
दुआ के सिवा मेरे पास और क्या है
गरीबों का एक आसरा-ऐ-खुदा है
गरीबों का एक आसरा-ऐ-खुदा है
मगर मेरी तुझसे यही इल्तजा है
न दिल तोड़ना दिल की दुनिया बसा कर

दुआ कर गम-ऐ-दिल, खुदा से दुआ कर
दुआ कर गम-ऐ-दिल, खुदा से दुआ कर
वफाओं का मजबूर दामन बिछा कर
दुआ कर गम-ऐ-दिल, खुदा से दुआ कर
दुआ कर गम-ऐ-दिल, खुदा से दुआ कर

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