Showing posts with label Kay Kay. Show all posts
Showing posts with label Kay Kay. Show all posts

May 1, 2017

ओ मेरे रब्बा दिल क्यूँ बनाया-ढाई अक्षर प्रेम के २०००

मिलेनियम वर्ष अर्थात सन २००० में कई मिलेनियम क्वालिटी की
चीज़ें प्रकट हुयीं जिनमें से एक है फिल्म ढाई अक्षर प्रेम के. फिल्म
का साउंड ट्रेक जितना बढ़िया है काश फिल्म भी उतनी होती. ऐसा
लगता है कभी कभी कुछ फिल्मों को देख कर जैसे फिल्म उद्योग
चलाना हो इसलिए बनी हों. बनाने वालों को बनाने के लिए कुछ
चाहिए और देखने वालों को देखने के लिए कुछ चाहिए.

फिल्म से एक गीत सुनते हैं जिसमें बड़ा वैलिड क्वश्चन किया जा रहा
है जिसका मेडिकल रिप्लाई तो है-शरीर में रक्त के प्रवाह के लिए
बनाया गया है. दार्शनिक जवाब कुछ यूँ होगा-सभी जीवों से प्रेम करो
इसलिए, प्रेमियों की परिभाषा में-भावनाएं उमडें और खुशी, दर्द इत्यादि
का एहसास हो इसलिए.

गीत समीर ने लिखा है जिसे अनुराधा पौडवाल संग के के ने गाया है.
जतिन ललित का संगीत है जिनकी एक उल्लेखनीय फिल्म मोहब्बतें
भी २००० में आई थी.




गीत के बोल:

ओ मेरे रब्बा दिल क्यूँ बनाया
तन्हाई से तड़पना क्यूँ सिखाया
ओ मेरे रब्बा दिल क्यूँ बनाया
तन्हाई से तड़पना क्यूँ सिखाया
कैसी है तेरी ख़ुदाई कोई सुने ना दुहाई
हो गई क्या खता मिट गए
हो गई क्या खता लुट गए
ओ मेरे रब्बा दिल क्यूँ बनाया
तन्हाई से तड़पना क्यूँ सिखाया

कौन है दिल के पास जो धड़कनें सुन रहा
दूर से मेरी मांग में चाँदनी बुन रहा
बीते हुए लम्हें याद न कर
ऐ इश्क़ हमें बरबाद न कर
अश्क़ों के समंदर सूख गए
अब मिलने की फ़रियाद न कर
दर्द का आलम है ठहरा
दूर तलाक है सेहरा
प्यार के हर निशाँ मिट गए
हो गई क्या खता लुट गए

ओ मेरे रब्बा दिल क्यूँ बनाया
तन्हाई से तड़पना क्यूँ सिखाया

जिस्म तो बेजान है तेरे बिन तेरे बिन
रोशनी से हैं जुदा मेरे दिन मेरे दिन
दिल वो नगर है जो बसता नहीं उजड़ के
पछताएगा या रब तू ये बस्ती उजाड़ के
कभी रंजिश कभी शिकवे कभी मन्नत कभी नाले
किया ना इश्क़ तू कैसे भला इस दर्द को जानें
चोट जिगर ने खाई
होंठों तक आह न आई
चाहतों के दिये बुझ गए
हो गई क्या खता लुट गए

ओ मेरे रब्बा दिल क्यूँ बनाया
तन्हाई से तड़पना क्यूँ सिखाया
कैसी है तेरी ख़ुदाई कोई सुने ना दुहाई
हो गई क्या खता मिट गए
हो गई क्या खता लुट गए
……………………………………………………………………
O mere Rabba-Dhai akshar prem ke 2000

Artists: Abhishek Bachcan, Aishwarya Rai

Read more...

Aug 21, 2011

छोड़ आए हम-माचिस १९९६

माचिस की अगली तीली प्रस्तुत है. मेरा मतलब; माचिस फिल्म का
अगला गीत सुनिए. जैसा कि गीत के नीचे लिखे कमेन्ट में जिक्र है-
गीत गंभीरता से सुनने की आवश्यकता है. तनाव और चिंता के क्षणों
में भी कुछ देर आनंद किस तरह लिया जा सकता है, शायद यही
सन्देश देता सा सुनाई देता है ये गीत. गुलज़ार के लिखे इस गीत को
चार गायक गा रहे हैं -हरिहरन, सुरेश वाडकर, विनोद सहगल और के.के.
ये गीत भी काफी सुना गया जनता द्वारा.

गीत में ओम पुरी को भी दो पंक्तियाँ गाते दिखाया गया है.




छोड़ आए हम, वो गलियाँ
छोड़ आए हम, वो गलियाँ

छोड़ आए हम, वो गलियाँ
छोड़ आए हम, वो गलियाँ

जहाँ तेरे पैरों के, कँवल गिरा करते थे
हँसे तो दो गालों में, भँवर पड़ा करते थे
जहाँ तेरे पैरों के, कँवल गिरा करते थे
हँसे तो दो गालों में, भँवर पड़ा करते थे

हे, तेरी कमर के बल पे, नदी मुड़ा करती थी
हँसी तेरी सुन सुन के, फ़सल पका करती थी

छोड़ आए हम, वो गलियाँ
छोड़ आए हम, वो गलियाँ

हो, जहाँ तेरी एड़ी से, धूप उड़ा करती थी
सुना है उस चौखट पे, अब शाम रहा करती है
जहाँ तेरी एड़ी से, धूप उड़ा करती थी
सुना है उस चौखट पे, अब शाम रहा करती है
लटों से उलझी-लिपटी, इक रात हुआ करती थी
हो,कभी कभी तकिये पे, वो भी मिला करती है

छोड़ आए हम, वो गलियाँ
छोड़ आए हम, वो गलियाँ

दिल दर्द का टुकड़ा है, पत्थर की डली सी है
इक अंधा कुआँ है या, इक बंद गली सी है
इक छोटा सा लम्हा है, जो ख़त्म नहीं होता
मैं लाख जलाता हूँ, यह भस्म नहीं होता
यह भस्म नहीं होता

छोड़ आए हम, वो गलियाँ
वो गलियाँ
छोड़ आए हम, वो गलियाँ
.............................
Chhod aaye hum-Maachis 1996

Artists: Chandachud Singh, Tabu, Om Puri

Read more...

Dec 10, 2010

ऐ दिल दिल की दुनिया में-यादें २००१

आपको फिल्म गोलमाल(नई) का स्नेहा पन्त का गाया एक गीत
सुनवाया था २-३ पोस्ट पहले। आइये गायिका स्नेहा पन्त के बारे
में कुछ जानें। कुछ रीमिक्स वगैरह गाने के बाद और स्टेज पर शो
करने के बाद उन्हें फिल्मों के लिए गाने का मौका मिला।

थोडा और पीछे चलते है। धारावाहिक-सा रे गा मा आपने ज़रूर सुना
और देखा होगा। ये जब TVS कंपनी द्वारा प्रायोजित था तब इसका
नाम था- टी वी एस सा रे गा मा। उस समय वो एक फाइनल में
विजेता चुनी गयीं थीं।

किराना घराने के कलाकारों से शास्त्रीय संगीत सीखने के बाद स्नेहा
को कल्याणजी(कल्याणजी आनंदजी संगीतकार द्वय में से बड़े भाई)
के सान्निध्य में काफी कुछ गीत गायन की बारीकियां सीखने को
मिलीं। कल्याणजी भाई वैसे भी कई प्रतिभाओं को सामने ला चुके
हैं। इनमे साधना सरगम का नाम प्रमुख है। कल्याणजी भाई के साथ
 उन्होंने कई स्टेज शो भी किये हैं। स्टेज वाला कोंफिड़ेंस उनकी
आवाज़ में बखूबी झलकता है और आवाज़ एकदम सधी हुई सुनाई
पढ़ती है ।

आइये फिल्म आरपार के गाने का रीमिक्स देखें जिसमे आवाज़ स्नेहा
की है उसके बाद टोपिक को आगे बढ़ाएंगे। इस रीमिक्स में खरखरी
आवाज़ वाला कौन है मुझे इसकी जानकारी नहीं, आपको हो तो मेरा
ज्ञानवर्धन अवश्य ही कीजियेगा।



संगीतकार अन्नू मालिक के साथ भी उन्होंने कुछ स्टेज प्रोग्राम किये
उसका सिला उन्हें अवश्य मिला। फिल्म यादें का एक मधुर गीत उनके
खाते में आ गया। गीत वाकई मधुर है और फिल्म ना चलने की सूरत
में अनसुना सा रह गया। गीत की विशेषता ये है की इसमें स्नेहा पन्त
स्वयं स्टेज पर ये गीत गाती हुई आपको दिखाई देंगी। अन्नू मालिक
पहले भी ऐसे करिश्मे कर चुके हैं। याद कीजिये-बाज़ीगर में उन्होंने
विनोद राठौड को परदे पर गाते दिखाया था ये यूँ कहिये फिल्म के
निर्देशक से कह कर ऐसा इंतज़ाम करवाया था। जो भी हो इस तरह
के कारनामों से कलाकार को प्रसिद्धि ज़रूर मिलती है और ये एक
अच्छी पहल है। पार्श्व गायन में कई बार गायक का परिचय आम
जनता तक नहीं पहुँच पाता अभी भी ऐसे हजारों फिल्म प्रेमी हैं जो
कोई गीत सुन कर याद करते हैं-धर्मेन्द्र ने या अमुक कलाकार ने
कितना बढ़िया गाया था फिल्म में। उनको यही लगता है कि गीत
नायक नायिका ही गाते हैं।

गीत आनंद बक्षी की रचना है और संगीतकार का नाम आप अब तक
जान ही चुके होंगे। इस गीत में उनका साथ दिया है उदित नारायण ने
और ऊंची पट्टी पर गाने में सिद्धहस्त कलाकार के. के. ने । आइये
फिल्म यादें का गीत देखें और सुनें। के. के. इस गीत में बिलकुल
ए. आर. रहमान के कुम्भ के मेले में बिछड़े हुए भाई वाले अंदाज़ में
गा रहे हैं। अरे भैया ओरिजनल मौजूद है, काहे कसरत कर रहे हैं आप ?



गीत के बोल:

आ आ आ
आ आ आ आ आ आ
आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ

ऐ दिल दिल की दुनिया में
ऐसा हाल भी होता है
बाहर कोई हँसता है
अन्दर कोई रोता है
ऐ दिल दिल की दुनिया में
ऐसा हाल भी होता है
बाहर कोई हँसता है
अन्दर कोई रोता है

ऐ दिल, कोई पहचाना नहीं
किसी ने ये माना नहीं
किसी ने ये जाना नहीं
किसी को बताना नहीं
दर्द छुपा है कहाँ

ऐ दिल दिल की दुनिया में,
ऐसा हाल भी होता है
बाहर कोई हँसता है,
अन्दर कोई रोता है

ओ , हे, एह, एह हे
तूने मुझसे वफ़ा नहीं की
तुझको कैसे वफ़ा मिलेगी
तूने मुझको दर्द दिया है
तुझको कैसे दवा मिलेगी

सीने में उठते है अरमान ऐसे
दरिया में आते है तूफ़ान जैसे
कभी कभी खुद ही माझी
कश्ती को डुबोता है

ऐ दिल दिल की दुनिया में
ऐसा हाल भी होता है
बाहर कोई हँसता है
अन्दर कोई रोता है

कांटे चुन कर तेरा दामन
फूलों से मैं भर जाऊंगा
इससे बड़ी सज़ा क्या होगी
माफ़ तुझे मैं कर जाऊंगा
आ एह आ

होगी किसी को पहचान कैसे
प्यार में होते हैं कुर्बान कैसे
हमको यह मालूम ना था
प्यार भी एक समझौता है

ऐ दिल, दिल की दुनिया में
ऐसा हाल भी होता है
बाहर कोई हँसता है
अन्दर कोई रोता है

.........................................
Ae dil dil ki duniya mein-Yadein 2001

Artists: Hritik Roshan, Kareena Kapoor

Read more...

Dec 9, 2010

डोला रे डोला रे-देवदास २००२

पिछले गीत के शब्द 'डोलते ' से एक और गीत दिमाग में
डोल गया है। उसे याद करके कुछ शब्द यहाँ ढोल रहा हूँ।

संजय लीला भंसाली की देवदास। हमें पहले पी सी बरुआ
की देवदास, बिमल रॉय की देवदास ही मालूम थीं। एक और
आ गई। हमने देख भी ली। १९५५ की देवदास के २ गीत और
१९३५ की देवदास का एक गीत आपको सुनवा चुके हैं इस
ब्लॉग पर।

गीत बॉलीवुड के दो दौरों की सुन्दर अभिनेत्रियों पर फिल्माया
गया है और इनमे से एक अभिनेत्री दूसरी की आंटीजी सरीखी
दिखलाई दे रही है। गायन के मामले में भी कुछ ऐसा ही है।
इसे गाया है कविता कृष्णमूर्ति और श्रेया घोषाल ने। श्रेया
का शायद ये तीसरा या चौथा हिंदी फ़िल्मी गीत है। गीत में
एक पुरुष आवाज़ भी है और गायक का नाम है-के. के.।

फिल्म ने एक शब्द को खूब प्रसिद्ध किया-"इश"। ये शब्द
हालाँकि एक दूसरे गीत में है, लेकिन इसका जिक्र करना
ज़रूरी था। नहीं करेंगे तो भैया इस पोस्ट की लम्बाई कैसे
बढेगी। वैसे लम्बी पोस्ट पढता कौन है आजकल इसीलिए
छोटी पोस्ट बनाते हैं।

दूसरे कुछ दिन से बादाम पिस्ता अखरोट खाने को नहीं मिल
रहे हैं इसलिए दिमाग ज्यादा चल नहीं रहा है और सर्दी भी आ
गई है जिससे दिमाग सिकुड़ने लगा है। इतना विवरण ठीक है
या और छापूं ?




गीत के बोल:

अभी याद नहीं आ रहे हैं
शायद कल परसों तक याद आ जाएँ...
__________________________
याद आ गए ये लीजिये.........11 Dec 2010

हे डोला रे डोला रे डोला हे डोला रे
ओ माही
हे डोला रे डोला रे डोला रे डोला हाय डोला दिल डोला
मन डोला रे डोला
हे डोला रे डोला रे डोला रे डोला हाय डोला दिल डोला
मन डोला रे डोला
लग जाने दो नजरिया गिर जाने दो बिजुरिया
लग जाने दो नजरिया गिर जाने दो बिजुरिया
बांध के मैं घुंघरू
पहन के मैं पायल
ओ बांध के मैं घुंघरू
पहन के मैं पायल
ओ झूम के नाचूंगी घूम के नाचूंगी

ओ डोला रे डोला रे डोला रे डोला हाय डोला दिल डोला मन
डोला रे डोला
ओ डोला रे डोला रे डोला रे डोला हाय डोला दिल डोला मन
डोला रे डोला

देखो जी देखो देखो कैसी यह जानकर है
इनकी आँखों में देखो पिया जी का प्यार है
इनकी आवाज़ में हो ये कैसे खनकार है
पिया की यादों में ये जिया बेक़रार है
माथे की बिंदिया में वो है
पलकों के निंदिया में वो है
तेरे तो तन मन में है
तेरे भी धड़कन में वो है
चूड़ी की छन छन में वो है
कंगन की खन खन में वो है
चूड़ी की छन छन में वो है
कंगन की खन खन में वो है
बांध के मैं घुंघरू हाँ पहन के मैं पायल
झूम के नाचूंगी घूम के नाचूंगी

डोला रे डोला रे डोला रे डोला हाय डोला दिल डोला मन
डोला रे डोला
डोला रे डोला रे डोला रे डोला हाय डोला दिल डोला मन
डोला रे डोला

तुमने मुझको दुनिया दे दी
मुझको अपनी खुशिया दे दी
उनसे कभी ना होना दूर
हाँ मांग में भर लेना सिन्दूर
उनकी बाहों का तुम हो फूल
मैं हूँ क़दमों की बस धूल
बांध के मैं घुंघरू पहन के मैं पायल
बांध के मैं घुंघरू पहन के मैं पायल
झूम के नाचूंगी घूम के नाचूंगी

डोला रे डोला रे डोला रे डोला हाय डोला दिल डोला मन
डोला रे डोला
डोला रे डोला रे डोला रे डोला हाय डोला दिल डोला मन
डोला रे डोला
........................................................................................
Dola re dola re dola-Devdas 2002

Artists-Madhuri Dixit, Aishwarya Rai

Read more...

Oct 24, 2009

तेरे इश्क की दीवानगी-कुछ तो है २००२

ये गाना है फ़िल्म 'कुछ तो है' से। फ़िल्म में जीतेंद्र के पुत्र
तुषार कपूर और हेमा मालिनी की पुत्री ईशा देओल हीरो
हिरोइन हैं। इस गाने में मगर, जो जनाना चेहरा है वो नताशा
का है। गाने की सिचुअशन से ऐसा लगता है जैसे हीरो केवल ये
गाना गाने के लिए अपनी टोली के साथ उस वीरान जैसी जगह
पर आता है। उस जगह पर गाय क्या कर रही है, समझ नहीं
आ रहा। वो इतनी उछल कूद देख कर भी इतनी शांत कैसे है ये ए
क प्रश्न मेरे दिमाग में जरूर उत्पन्न हुआ है। शायद इसका जवाब
इस गाने के कोरेओग्राफेर के पास जरूर होगा।

ये एक 'कैची' किस्म की ट्यून है -दिल डिंग डोंग डिंग डोले।
सुनने लायक धुन है जिसको अनु मलिक ने तैयार किया है।
ये गाना उच्च पट्टी पे गाने वाले गायकों ने गाया है -के के और
सुनिधि चौहान। सुनिधि चौहान नई पीड़ी की गायिकाओं में सबसे
प्रतिभाशाली हैं। ये बात और है संगीतकार उनसे सारे चीखने चिल्लाने
वाले गाने गवाने की कोशिश करते हैं। जो भी हो, उनकी आवाज़ में
विविधता है और रेंज ज़बरदस्त है जिसका जोड़ अभी तक किसी नई
गायिका की आवाज़ में नहीं मिला है। इस गाने के साथ बहुत से पुत्र
पुत्री जुड़े हुए हैं । जैसे इसके बोल लिखे हैं अनजान पुत्र समीर ने।
अनु मलिक गुज़रे ज़माने के संगीतकार सरदार मलिक के सुपुत्र हैं।
फ़िल्म की प्रोड्यूसर हैं जीतेंद्र की पुत्री एकता कपूर।



गाने के बोल:

महबूबा महबूबा महबूबा महबूबा
तू है मेरे दिल का अजूबा अजूबा अजूबा

तेरे इश्क की दीवानगी सरपे चढ़के बोले
तेरे इश्क की दीवानगी सरपे चढ़के बोले
तूने क्या किया यह क्या हुआ दिल डिंग डोंग डिंग डोले
दिल डिंग डोंग डिंग डोले

तेरे इश्क की दीवानगी सरपे चढ़के बोले
तेरे इश्क की दीवानगी सरपे चढ़के बोले
तुने क्या किया यह क्या हुआ दिल डिंग डोंग डिंग डोले
हे दिल डिंग डोंग डिंग डोले

नज़रें मिला के पलके झुकाए
अपना दीवाना मुझको बनाये
नज़रें मिला के पलके झुकाए
अपना दीवाना मुझको बनाये
ऐसी बातों से कुछ होता है
नींद उड़ती है चैन खोता है
इन बाहों में अब आने दे
आने दे आने दे
जादू का जादू छाने दे
छाने दे छाने दे
इन बाहों में अब आने दे
जादू का जादू छाने दे
है कसम तुझे ऐसे न मुझे तड़पा

तेरे इश्क की.........

सोलह बरस को मैं ने संभाला
इस दिल को तूने मुश्किल में डाला
सोलह बरस को मैं ने संभाला
इस दिल को तूने मुश्किल में डाला
इस उमर में ही दिल धड़कता है
मिलने जुलने को यह तड़पता है
अब तन्हाई तड़पाती है
बेचैनी बढती जाती है
अब तन्हाई तड़पाती है
बेचैनी बढती जाती है
यह दर्द है क्या यह प्यास है क्या
इतना तो मुझे समझा

Read more...

Apr 3, 2009

चलें जैसे हवाएं सनन सनन-मैं हूँ ना २००४

नए नए गायक गायिकाओं ने धमाल मचाया हुआ है इन दिनों। एक
मधुर गीत है फ़िल्म "मैं हूँ न " से जिसे गाया है के के और वसुंधरा दास
ने । बोल हैं जावेद अख्तर के और संगीत है अन्नू मालिक का। ये मशहूर
डांस डाईरेक्टर फरहा खान की पहली फ़िल्म थी जो सफल रही।



गाने के बोल:

चलें जैसे हवायें सनन सनन
उड़ें जैसे परिंदे गगन गगन
जायें तितलियां जैसे चमन चमन
यूं ही घूमूं मैं भी मगन मगन

मैं दीवानी दिल की रानी ग़म से अन्जानी
कब डरती हूँ वो करती हूं जो है ठानी

चलें जैसे हवायें सनन सनन
उड़ें जैसे परिंदे गगन गगन

whats up?
say what?

कोई रोके कोई आये
कभी मुझको समझाये
मैं ना सुनूंगी कभी
अपनी ही धुन मैं रह्ती रहूँ
मैं पगली हूं मैं जिद्दी हूं
कह्ते हैं ये तो सभी
कोई नहीं जाना
के अरमान क्या है मेरा

चलें जैसे हवायें सनन सनन
उड़ें जैसे परिंदे गगन गगन
जायें तितलियां जैसे चमन चमन
यूं ही घूमूं मैं भी मगन मगन

मैं दीवानी दिल की रानी ग़म से अन्जानी
कब डरती हूँ वो करती हूं जो है ठानी

चलें जैसे हवायें सनन सनन
उड़ें जैसे परिंदे गगन गगन

आये हसीना ये तो आये
मुझ को दिखाने अपनी अदायें
मैं भी कुछ कम नहीं, यह
आंखों में आंखें जो डालूं
दिल मैं चुरा लूँ होश चुरा लूँ
कोई हो कितना हसीं
मेरा हो गया वो
जो इक बार मुझ से मिला

चलें जैसे हवायें सनन सनन
उड़ें जैसे परिंदे गगन गगन
जायें भँवरे जैसे चमन चमन
यूं ही घूमूं मैं भी मगन मगन

मैं दीवाना मैं अन्जाना ग़म से बेगाना
हूं आवारा लेकिन प्यारा सब ने माना

चलें जैसे हवायें सनन सनन
उड़ें जैसे परिंदे गगन गगन
जायें भँवरे जैसे चमन चमन
यूं ही घूमूं मैं भी मगन मगन

चलें जैसे हवायें सनन सनन
उड़ें जैसे परिंदे गगन गगन
...................................................
Chale jaise hawayen sanan sana-Main hoon Na

Artists: Zayed Khan, Amrita Rao

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP