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Dec 17, 2015

वादा कर ले साजना-हाथ की सफाई १९७४

हाथ की सफाई बहुत ज़रूरी है. गंदे हाथों से खाना खाने
से पेट की बीमारियाँ पनपती हैं.  आइये सुनें सन ७४ की
फिल्म हाथ की सफाई से एक गीत. गीत भी बहुत साफ़
है फिल्म के नाम की तरह और ये एक सदाबहार युगल
गीत है. नायक-नायिका की जोड़ी अनूठी है –विनोद खन्ना
और सिमी ग्रेवाल. ये जोड़ी शायद ही किसी और फिल्म में
आई हो. सिमी ग्रेवाल को कम से कम इस गीत के लिए
तो याद किया ही जायेगा. उन्हें हाई प्रोफाइल जनता ज्यादा
पहचानती है बजाये आम जनता के.

गीत गुलशन बावरा का है और संगीत कल्याणजी आनंदजी
का. लता और रफ़ी इसे गा रहे हैं.



गीत के बोल:

वादा कर ले साजना
तेरे बिन मैं ना रहू,
मेरे बिन तू ना रहे
हो के जुदा,
ये वादा रहा
ना होंगे जुदा,
ये वादा रहा

मैं धड़कन तू दिल है पिया,
मैं बाती तू मेरा दीया
हम प्यार की ज्योत जलाएँ
मैं राही मेरी मंज़िल है तू,
मैं हूँ लहर और साहिल है तू
जीवन भर साथ निभायें
वादा कर ले जान-ए-जां
तेरे बिन मैं ना रहूँ,
मेरे बिन तू ना रहे
हो के जुदा,
ये वादा रहा,
ना होंगे जुदा,
ये वादा रहा

जबसे मुझे तेरा प्यार मिला,
अपनी तो है बस यही दुआ
हर जनम यूँ मिल के रहेंगे
सुंदर सा हो अपना जहां,
प्यार अपना रहे सदा जवां
हम सुख दुःख मिल के सहेंगे

वादा कर ले जान-ए-जां
तेरे बिन मैं ना रहूँ,
मेरे बिन तू ना रहे
हो के जुदा,
ये वादा रहा,
ना होंगे जुदा,
ये वादा रहा
……………………………………………………………………
Wada kar le sajna-Hath ki safai 1974

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Jan 20, 2010

दूर दूर तुम रहे-चलते चलते १९७६

बप्पी लहरी की प्रतिभा संगीत भक्तों ने ज्यादा टटोलने का
प्रयास नहीं किया, ऐसा हम बार बार दोहराते रहेंगे जब तक
की उनकी कर्णप्रिय धुनों से आपका परिचय पूरी तरह से नहीं
करवा दिया जाता।

आइये एक गीत सुने जिसमे नायक शायद कायम चूर्ण की
ज्यादा मात्र लेकर कुछ परेशान सा है। नायिका उसको एक
मधुर गीत गा कर रोकने का प्रयास कर रही है। नायक की
भाव भंगिमाओं से लगता है उसका हाजमा वाकई ख़राब है
और वो घर के किसी विशेष स्थान को जाने को बेहद उत्सुक
है। ३ मिनट तक नायक, नायिका की संगीतमय कलाबाजियों
को झेलता है और उसके बाद "दाद खाज खुजली खुजली हटाओ
हटाओ" वाले अंदाज़ में नायिका को एक थप्पड़ मार के चुप
कराता है। आनंद उठाइए इस मधुर गीत का जिसे लिखा है
अमित खन्ना ने और गाया है लता मंगेशकर ने। नायक
हैं विशाल आनंद और नायिका हैं गलती से बॉलीवुड में पैदा
हो गयीं अभिनेत्री सिम्मी ग्रेवाल। उनको हालीवुड में होना
चाहिए था।



गीत के बोल:

दूर दूर तुम रहे
पुकारते हम रहे
आज की रात तुम जाओ ना
आ कर बाहों में
समा कर आहों में
अब यूं नज़र को चुराओ ना
दूर दूर तुम रहे
पुकारते हम रहे
आज की रात तुम जाओ ना

आज रात को हुस्न इश्क हो
फिर बुला रहा है
फिर बुला रहा है
आग पानी में
किस प्यार से
फिर मिला रहा है
फिर मिला रहा है
फिर से वो प्यारे बहार के दिन
आज तुम, ले आओ ना

दूर दूर तुम रहे
पुकारते हम रहे
आज की रात तुम जाओ ना
आकर बाहों में
समा कर आहों में
अब यूं नज़र को चुराओ ना
दूर दूर तुम रहे
पुकारते हम रहे
आज की रात तुम जाओ ना

हम्म हम्म......
चलते चलते कहीं
बीच राह मैं
खो गए थे तुम
खो गए थे तुम
प्यार में खो कर
हमारे ही हो कर
हो गए थे गुम
हो गए थे गुम
प्यासी तुम्हारी कब से हूँ मैं
अब तुम तरसाओ ना

दूर दूर तुम रहे
पुकारते हम रहे
आज की रात तुम जाओ ना
आकर बाहों में
समा कर आहों में
अब यूं नज़र को चुराओ ना
दूर दूर तुम रहे
पुकारते हम रहे
आज की रात

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Jan 14, 2010

पीतल की मेरी गागरी- दो बूँद पानी १९७१

अभी कुछ दिन पहले जयदेव की पुण्यतिथि निकली। इस अवसर
पर उनका एक गीत याद आया । राजस्थान की जल समस्या पर
निर्मित फिल्म-दो बूँद पानी से। इस फिल्म का एक गीत हम ब्लॉग
पर पहले शामिल कर चुके हैं। प्रस्तुत गीत परवीन सुल्ताना और
मीनू पुरुषोत्तम का गाया हुआ है। परवीन सुल्ताना शास्त्रीय संगीत का
स्थापित नाम है और मीनू पंजाबी की एक प्रसिद्ध गायिका जिन्होंने
हिंदी फिल्मों के लिए भी कुछ गीत गाये हैं। मटके से ताल देना पुराना
ढंग है राजस्थानी लोक संगीत का। जयदेव ने इसका भरपूर इस्तेमाल
किया है इस गीत में । अब आपको ये भी बताता चलूँ कि ये फिल्म एक
फ्लॉप फिल्म थी और इसके गीतों के अलावा आपको ज्यादा जानकारी
नहीं मिलेगी । पीतल की गागरी केवल फिल्म की हिरोइन के सर पर है
बाकी जनता मिटटी के मटके से काम चला रही है।



गीत के बोल:

पीतल की मेरी गागरी
दिल्ड़ी से मोल मंगाई रे
पीतल की मेरी गागरी
दिल्ड़ी से मोल मंगाई रे
पांव में घुँघरू बांध के
अब पनिया भरण हम जाई रे
पांव में घुँघरू बांध के
अब पनिया भरण हम जाई रे

पीतल की मेरी गागरी

पायलिया बोले छुमक छुमक,
बदली है चाल, हाय हाय
बदली है चाल जवानी की
बदली है चाल जवानी की
चुनरी सरके इधर उधर,
बेसर्मी देख, होए होए
बेसर्मी देख दीवानी की
बेसर्मी देख दीवानी की
बदनामी होगी, गाँव में
चुनरी कहीं जो तूने गंवाई रे
बदनामी होगी गाँव में
चुनरी कहीं जो तूने गंवाई रे

पीतल की मेरी गागरी

हा,हा,हा...........

सन सन सन सन जिया करे
जब गगरी डूबे पानी में
जब गगरी डूबे पानी में
अपना मुखड़ा नया लगे,
हम जब जब, ओ हम जब जब
ओ हम जब जब देखें पानी में
हम जब जब देखें पानी में
गलों पे लाली आ गयी,
हाय किस ने ये आग लगायी रे
गलों पे लाली आ गयी,
हाय किस ने ये आग लगायी रे

पीतल की मेरी गागरी

इक दिन ऐसा भी था
पानी था गाँव में
पानी था गाँव में
लाते थे गगरी भर के
तारों की छांव में
तारों की छांव में
कहाँ से पानी लायें
कहाँ ये प्यास बुझायें
कहाँ से पानी लायें
कहाँ ये प्यास बुझायें
जल जल के बैरी धूप में
कम्हलाया रंग दुहाई रे
जल जल के बैरी धूप में
कम्हलाया रंग दुहाई रे

पीतल की मेरी गागरी
दिल्ड़ी से मोल मंगाई रे
पीतल की मेरी गागरी

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Dec 20, 2009

जा री पवनिया -दो बूँद पानी १९७१

सिमी ग्रेवाल किसी अंग्रेजी 'फैयरी टेल' के चरित्र सी दिखाई
देती हैं। उन्हें हिंदी फिल्मों में देखना अनूठा अनुभव
है, विशेषकर इस गीत में उनको ग्रामीण वेशभूषा में
देखना। दो बूँद पानी फिल्म से आशा भोंसले का गाया ये गीत
मुझे पसंद है। कैफ़ी आज़मी के खूबसूरत बोलों को उतनी ही
आकर्षक धुन में बाँधा है संगीतकार जयदेव ने। फिल्म बनायीं थी
ख्वाजा अहमद अब्बास ने जो 'नीचा नगर' फिल्म के लिए विख्यात हैं।





गीत के बोल:

जा री पवनिया पिया के देस जा
जा री पवनिया पिया के देस जा
जा री पवनिया पिया के देस जा
इतना संदेसा मोरा कहियो जा
पिया को संदेसा मोरा कहियो जा

जा री पवनिया पिया के देस जा
जा री पवनिया पिया के देस जा
इतना संदेसा मोरा कहियो जा
पिया को संदेसा मोरा कहियो जा

तन मान प्यासा, प्यासी नजरिया
प्यासी प्यासी गागरिया
तन मान प्यासा, प्यासी नजरिया
प्यासी प्यासी गागरिया
अम्बर प्यासा, धरती प्यासी
प्यासी सारी नगरिया
प्यासी सारी नगरिया

प्यास बुझेगी तब जीवन की
प्यास बुझेगी तब जीवन की
जब घर आवे संवरिया
इतना संदेसा मोरा कहियो जा

जा री पवनिया पिया के देस जा
जा री पवनिया पिया के देस जा

मान की अग्नि तन को जलाये
तुम बिन कोई ना जाने
मान की अग्नि तन को जलाये
तुम बिन कोई ना जाने
छोड़ी तुमने जो रणभूमि
सखियाँ मारेंगी ताने मोहे
सखियाँ मारेंगी ताने
लाज के मारे मर जाएगी
लाज के मारे मर जाएगी
अपने पिया की बाँवरिया
बस, इतना संदेसा मोरा कहियो जा

जा री पवनिया पिया के देस जा
जा री पवनिया पिया के देस जा
इतना संदेसा मोरा कहियो जा
पिया को संदेसा मोरा कहियो जा
पिया को संदेसा मोरा कहियो जा
पिया को संदेसा मोरा कहियो जा

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