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Sep 15, 2017

जा रे जा ओ हरजाई-कालीचरण १९७६

एक और लोकप्रिय गीत सुनते हैं आज. ये एक बड़ा हिट गीत है
और रीना रॉय इसे परदे पर गा रही हैं. कल्याणजी आनंदजी के
लिए इन्दीवर ने काफी गीत लिखे हैं. इस फिल्म में इन्दीवर का
लिखा एक भी गीत नहीं है. कालीचरण फिल्म के लिए दो गीतकारों
से गाने लिखवाये गए-इन्द्रजीत सिंह तुलसी और रवींद्र जैन.

पंजाबी फ्लेवर वाला गीत है और गीत में भांगडा नाच हो रहा है.
कॉलेज की लड़कियां पिकनिक मनाने के लिए पहाड़ी क्षेत्र में गयी
हैं, वहीं उनके द्वारा एक कार्यक्रम हो रहा है.



गीत के बोल:

हो ओ ओ ओ ओ
जा रे जा
जा रे जा ओ हरजाई देखी तेरी दिलदारी
दिल दे कर मैं कर बैठी दिल के दुश्मन से यारी
तुझको आँखों में भर के
तुझको आँखों में भर के
मर गई मैं तुझपे मर के
पत्थर की पूजा कर के हारी मैं हारी
जा रे जा
जा रे जा ओ हरजाई देखी तेरी दिलदारी
दिल दे कर मैं कर बैठी दिल के दुश्मन से यारी

हो ओ ओ ओ ओ ओ तेरे पीछे आँखें मींचे चल दी मैं दीवानी
हाय छोड़ के दुनिया सारी हो ओ ओ ओ
लोगों ने कितना समझाया मैंने एक न मानी
मेरी मति गई थी मारी
यूँ न कोई मरे
यूँ न कोई मरे रब्बा ख़ैर करे हो ओ ओ ओ
हँसी हँसी में फँस गई मैं तो बेचारी
जा रे जा

जा रे जा ओ हरजाई देखी तेरी दिलदारी
दिल दे कर मैं कर बैठी दिल के दुश्मन से यारी

हो ओ ओ ओ ओ ओ बिन सोचे बिन जाने मैंने ओ रे ओ बेगाने
तुझे सौँप दिया जीवन को ओ ओ ओ ओ
जैसे ख़ुश्बू नज़र ना आये रंग छुआ ना जाये
वैसे जान सकी ना तेरे मन को
फिर भी चाहा तुझे
फिर भी चाहा तुझे तू न समझा मुझे हो ओ ओ ओ
बन के पहेली रह गई प्रीत हमारी
जा रे जा

जा रे जा ओ हरजाई देखी तेरी दिलदारी
दिल दे कर मैं कर बैठी दिल के दुश्मन से यारी
तुझको आँखों में भर के
तुझको आँखों में भर के
मर गई मैं तुझपे मर के
पत्थर की पूजा कर के हारी मैं हारी
जा रे जा
जा रे जा ओ हरजाई देखी तेरी दिलदारी
दिल दे कर मैं कर बैठी दिल के दुश्मन से यारी
……………………………………………………..
Ja re ja o harjai-Kalicharan 1976

Artists: Reena Roy, Shatrughan Sinha, Premnath

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Mar 30, 2017

मन तेरा मंदिर आँखें दिया बाती-माता भजन

एक और लोकप्रिय माता भजन सुनते हैं. इस भजन को गाया है
महेंद्र कपूर और दिलराज कौर ने. ये भजन फिल्म भक्ति में शक्ति
फिल्म में गाया गया है जो सन १९७८ की फिल्म है.

इन्द्रजीत सिंह तुलसी के बोल हैं और सोनिक ओमी का संगीत.




भजन के बोल:

मन तेरा मंदिर आँखें दिया बाती
होंठों की हैं थालियाँ बोल फूल पाती
रोम रोम जीबा तेरा नाम पुकारती
आरती हो मैया आरती
ओ ज्योता वालिए माँ तेरी आरती

मन तेरा मंदिर आँखें दिया बाती
होंठों की हैं थालियाँ बोल फूल पाती
रोम रोम जीबा तेरा नाम पुकारती
आरती ओ मैया आरती
ओ ज्योता वालिए माँ तेरी आरती

हे महालक्ष्मी माँ गौरी
तू अपने आप है जौहरी
तेरी कीमत तू ही जाने
तू बुरा भला पहचाने
ये कहते दिन और रातें
तेरी लिखी ना जाएँ बातें
कोई माने या न माने
हम भक्त तेरे दीवाने
कोई माने या न माने
हम भक्त तेरे दीवाने
तेरे पाँव सारी दुनिया पखारती

हाँ मन तेरा मंदिर आँखें दिया बाती
होंठों की हैं थालियाँ बोल फूल पाती
रोम रोम जीबा तेरा नाम पुकारती
आरती हो मैया आरती
ओ ज्योता वालिए माँ तेरी आरती
हे गुणवंती सतवंती
हे पतवंती रसवंती
मेरी सुनना ये विनंती
मेरा चोला रंग बसंती
हे दुःख भंजन सुखदाती
हमें सुख देना दिन राती
जो तेरी महिमा गाये
मुंह मांगी मुरादें पाए
हर आँख तेरी ओर निहारती
हाँ मन तेरा मंदिर आँखें दिया बाती
होंठों की हैं थालियाँ बोल फूल पाती
रोम रोम जीबा तेरा नाम पुकारती
आरती ओ मैया आरती
ओ ज्योता वालिए माँ तेरी आरती

हे महाकाली महाशक्ति
हमें दे दे ऐसी भक्ति
हे जग जननी महामाया
है तू ही धूप और छाया
तू अमर अजर अविनाशी
तू अनमिट पूरनमाशी
सब कर के दूर अँधेरे
हमें बख्शो नए सवेरे
तू तो भक्तों की बिगड़ी संवारती
हाँ मन तेरा मंदिर आँखें दिया बाती
होंठों की हैं थालियाँ बोल फूल बाती
रोम रोम जीबा तेरा नाम पुकारती
आरती हो मैया आरती
ओ ज्योता वालिए माँ तेरी आरती
हो तेरे पाँव सारी दुनिया पखारती
ओ लाटावालिए माँ तेरी आरती
हो हर आँख तेरी ओर निहारती
ओ ज्योता वालिए माँ तेरी आरती
ओ तू तो भक्तों की बिगड़ी संवारती
हो लाटावालिए माँ तेरी आरती
.........................................................
Man tera mandir-Bhakti mein Shakti 1978

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Jun 12, 2016

एक डाल पर तोता बोले-चोर मचाए शोर १९७४

तोता हिट्स की श्रेणी में एक गीत और पेश है. ये प्रसिद्ध तोता
गीत है अपने युग का. इसमें तोता और मैना दोनों का जिक्र है.
ध्यान दें रवींद्र जैन ने फिल्म चोर मचाये शोर और फकीरा दोनों
के लिए तोता-मैना गीत तैयार किये और दोनों हिट गीत हैं. बस
पुरुष गायक गीतों में बदल गए हैं. एक में रफ़ी हैं तो दूसरे में
किशोर. नायक वही हैं-शशि कपूर. नायिका बदल गयी हैं-एक में
मुमताज़ हैं, दूसरे में शबाना आजमी. गायिका लता मंगेशकर हैं
दोनों गीत में. हैं न विचित्र संयोग. फकीरा का गीत रवींद्र जैन ने
लिखा है.

प्रस्तुत गीत लिखा है इन्द्रजीत सिंह तुलसी ने और इसकी धुन
बनाई है रवींद्र जैन ने. ७० के दशक में राजेश खन्ना और मुमताज़
की जोड़ी का चलन था उस युग में ये फिल्म हिट रही है.



गीत के बोल:

एक डाल पर तोता बोले
एक डाल पर तोता बोले एक डाल पर मैना
दूर-दूर बैठे हैं लेकिन प्यार तो फिर भी है ना
बोलो है ना, है ना है ना

हो एक डाल पर तोता बोले एक डाल पर मैना
मैं तेरे नैनों की निंदिया तू मेरे दिल का चैना
बोलो है ना है ना है ना

एक डाल पर तोता बोले

ये क्या मुझको हो गया साजन कभी रोऊँ कभी गाऊँ
पेड़ से लिपती बेल जो देखूँ लाज से मर-मर जाऊँ
ये पागलपन कैसा कब से हो गया ऐसा
बिन बतलाए समझो साजन आज नहीं कुछ कहना
बोलो है ना है ना है ना

एक डाल पर तोता बोले …

आँधी आए तूफ़ाँ आए या बरसें बरसातें
इक दूजे के हो जाएं हम ख़त्म न हो दिन-रातें
ख़त्म न हो दिन-रातें
मीठी प्यार की बातें
मीठी प्यार की बातें
होंठ अगर ख़ामोश रहें तो बोल उठेंगे नैना
बोलो है ना है ना है ना
एक डाल पर तोता बोले

जनम-जनम की प्यास रे साजन पल में बुझेगी कैसे
जीवन भर ये संग न छूटे अंग लगा लो ऐसे
आ मिल जाएँ ऐसे सागर नदिया जैसे
सीख लिया है प्यार में हमने मिट कर ज़िन्दा रहना
बोलो है ना है ना है ना

एक डाल पर तोता बोले एक डाल पर मैना
दूर-दूर बैठे हैं लेकिन प्यार तो फिर भी है ना
बोलो है ना, है ना है ना
............................................................................
Ek daal par tota bole-Chor machaye shor 1974

Artists:Mumtaz, Shashi Kapoor

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Jul 11, 2014

समय तू जल्दी जल्दी चल-कर्म १९७७

सन ७७ को गुज़रे ३७ साल हो गए हैं. आज सन ७७ का एक गीत सुन
लेते हैं.

कुछ चीज़ें समयबद्ध होती हैं तो कुछ नियमबद्ध. दोनों में अंतर होता है.
वैसे ही इनके विलोम पर बात करें तो समय से परे और नियमों से परे.
समय की बात की जाये तो ये आपको प्रकृति से जोड़ देता है. नियमों की
बात करें तो ये मनुष्य से जोड़ देते हैं . इन सबके अलावा एक बात तो तय
अवश्य है कि समय पर किसी का बस न चला है न चलेगा.

कभी समय की रफ़्तार धीमी लगती है तो कभी तेज. अक्सर खुशनुमा
अहसास होते हैं तो समय तेज़ी से भागता महसूस होता है. अब कोई
समय से दरखास्त करे तेज चलने की तो वो कुछ यूँ अंदाज़ में होगा जैसा
इस गाने में बताया गया है.

विद्या सिन्हा से आज की पीढ़ी वाकिफ नहीं है. बस इतना बता दें एक
कपडे धुलाई के पावडर वाले विज्ञापन में वे दिखाई देती हैं वर्तमान में,
जिसमें एक छोटा बच्चा अपने दादा के जूते पर तबियत से पालिश
करता है. वो दादा भी गुज़रे ज़माने के एक अभिनेता हैं-रमेश देव.



गाने के बोल:

छोटा सा हो अपना घर
न फिक्रें न कोई डर
हर दम ऐसा वक्त रहे
आँखों से न आंसू बहें 

धरती पर्वत हिल सकते हैं
अपनी प्रीत अटल,
देखो अपनी प्रीत अटल

पल पल, हो ओ पल पल
समय तू ज़ल्दी ज़ल्दी चल
समय तू ज़ल्दी ज़ल्दी चल
आज का दिन है पल पल भारी
कैसा होगा कल, हाय रे, कैसा होगा कल
पल पल, हो ओ, पल पल

खुद ही अपनी मौत हूँ मैं,
खुद ही अपनी सांस हूँ मैं
ना घर में शहनाई बजी
फिर भी भी मेरी सेज सजी
मैं हूँ ऐसी दुल्हन जिसका बिखर गया काजल,
हाय रे बिखर गया काजल

पल पल, हो ओ पल पल
समय तू ज़ल्दी ज़ल्दी चल
समय तू ज़ल्दी ज़ल्दी चल

अपने हाथों लुट गए हम
मांगी खुशियाँ मिल गए गम
हो, दुनिया कहती ऐसे ही थी
अपना कर्मा ......................

आँखों की औलाद है आंसू
कैसे जाऊं निगल
हाय रे कैसे जाऊं निगल

पल पल, हो ओ पल पल
समय तू ज़ल्दी ज़ल्दी चल
समय तू ज़ल्दी ज़ल्दी चल
.......................................................
Samay to jaldi jaldi chal-Karm 1977

Artists: Rajesh Khanna, Vidya Sinha

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Jan 24, 2010

ले जायेंगे ले जायेंगे-चोर मचाये शोर १९७४

हिंदी फिल्मों में क्या कहाँ से पैदा हो जाये कुछ नहीं कहा जा सकता।
कहीं तो दीवार फाड़ के हीरो बाहर निकाल आये, और कभी तो दीवार
को रबर की तरह मोड़ के ऐसे छलांग लगाये जैसे पोल वॉल्ट की
प्रतियोगिता में भाग ले रहा हो। ये तो हुई कहानी की करामात, किसी
गीत की पंक्ति से कोई फिल्म का नाम निकाल आये तो क्या कहना।

इस गीत की पहली पंक्ति से ९० के दशक की एक सुपर हिट फिल्म का
नाम निकलता है जिसमें शाहरुख़ खान और काजोल ने काम किया
है।

ये गीत अपने ज़माने का एक बहुत ही सफल गीत है और इसे आज भी
आप शादी के अवसरों पर बजता हुआ पाएंगे। किशोर कुमार और आशा
भोंसले के साथ कई साथी कलाकारों ने इस गीत में संगीतमय धमाचौकड़ी
मचाई है।

फिल्म: चोर मचाये शोर
वर्ष: १९७४
गीतकार: इन्द्रजीत सिंह तुलसी
संगीतकार: रवीन्द्र जैन
कलाकार: शशि कपूर, मुमताज़





गीत के बोल:

ले जाएंगे, ले जाएंगे, दिल-वाले दुल्हानिया ले जाएंगे
ले जाएंगे, ले जाएंगे, दिल-वाले दुल्हानिया ले जाएंगे
हो, ले जाएंगे, ले जाएंगे, दिल-वाले दुल्हानिया ले जाएंगे
अरे, रह जाएंगे, रह जाएंगे, पैसे-वाले देखते रह जाएंगे
अजी, रह जाएंगे, रह जाएंगे, पैसे-वाले देखते रह जाएंगे

ले जाएंगे, ले जाएंगे, दिल-वाले दुल्हानिया ले जाएंगे

तुम हो कली तो गुलाब हम हैं
हो, गुलाब हम हैं
हो ओ ओ ओ, होंठों से लगा लो तो शराब हम हैं
हो शराब हम हैं
कहते हैं लोग कि ख़राब हम हैं
तेरी हर बात का जवाब हम हैं
लाजवाब हम हैं
हो हो हो हो हो हो अपने दो हाथों से
कमाया हुआ खाने-वाले
हक़ न पराया कभी खाएंगे
ससुर-जी
ले जाएंगे , हाँ
तेरी सोन मछरिया ले जाएंगे

मैं भी तेरे साथ हूँ, दिल भी तेरे साथ
सजना दिल भी तेरे साथ
चाहे जब आजा चन्ना ले के बारात
छेती-छेती आजा चन्ना ले के बारात
छेती
मेरे पास कोठी है न कार सजनी
कड़का है तेरा दिलदार सजनी
हो,दिलदार सजनी
कोठी बँगला न मुझे कार चाहिए
दिल चाहिए दिलदार चाहिए
हो,दिलदार चाहिए
हो हो हो हो हो
चल फिर छलिए सोणिए नी बलिए
दिल की ही दुनिया बसाएंगे
ओ बुलबुल

ले जाएंगे हाँ,
तेरे बाग़ की बुलबुल ले जायेंगे
ले जाएंगे, ले जाएंगे, दिल-वाले दुल्हानिया ले जाएंगे

तेरे बाग़ की बुलबुल, ले जाएंगे
ले जाएंगे ले जाएंगे, दिलवाले दुल्हनिया ले जयेब्गे

डर पे खड़े हैं कल्याण कर दो
हो ओ ओ ओ काम कोई एक तो महँ कर दो
खर्चा दहेज़ का भी बच जायेगा
लगे हाथों कन्या का दान कर दो
हो हो हो हो, कभी कभी तेरे घर
तीर्थ समझ कर दर्शन को हम आयेंगे
ससुरजी,
ले जायेंगे, हा हाँ
ले जायेंगे तेरी बांकी हिरनिया ले जायेंगे

ले जाएंगे ले जाएंगे, दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे
अजी, रह जाएंगे, रह जाएंगे, पैसे-वाले देखते रह जाएंगे
ले जाएंगे ले जाएंगे, दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे
ले जाएंगे ले जाएंगे, दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे
.............................................
Le jayenge le jayenge-Chor machaye shor 1974

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Nov 13, 2009

समय तू धीरे धीरे चल-कर्म १९७७

समय पर बने मधुरतम गीतों में से एक है फिल्म कर्म का
-समय तू धीरे धीरे चल। बोल, धुन और गायकी सब लाजवाब
है इसकी। सुनते रहिये बस, ऐसा लगता है। इसके बोल लिखे हैं
इन्द्रजीत सिंह तुलसी ने। इस फिल्म में कविवर भारत व्यास ने
भी कुछ गीत लिखे हैं। अच्छे गीत हैं फिल्म में। कमजोर कथानक
होने की वजह से फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ कमाल नहीं दिखा पाई ।
इस गाने में नायक राजेश खन्ना हैं और नायिका विद्या सिन्हा।



गाने के बोल:

समय तू धीरे धीरे चल
समय तू धीरे धीरे चल

सारी दुनिया छोड़ के पीछे
आगे जाऊं निकल
मैं तो आगे जाऊं निकल
पल पल, हो, पल पल

समय तू धीरे धीरे चल
समय तू धीरे धीरे चल

सारी दुनिया छोड़ के पीछे
आगे जाऊं निकल
मैं तो आगे जाऊं निकल
पल पल, हो, पल पल

समय तू धीरे धीरे चल
समय तू धीरे धीरे चल

ये रुत और ये प्यारा समां
सारा जीवन ठहरे यहाँ

प्यार की राहों में खोई रहूँ
तेरी बाँहों में सोयी रहूँ

आज का दिन मेरी मुट्ठी में है
किसने देखा कल
अरे, किसने देखा कल

पल पल, हो, पल पल

समय तू धीरे धीरे चल
समय तू धीरे धीरे चल

रुक जाएँ घडियां रुक जाएँ दिन
रात की जुल्फों में बंध जाएँ दिन

ना मैं मैं रहूँ ,ना तुम तुम
एक दूजे में हो जाएँ गुम

बन के शमा परवाना दोनों
प्यार में जाएँ जल
हम तो प्यार में जाएँ जल

पल पल, हो, पल पल

समय तू धीरे धीरे चल
समय तू धीरे धीरे चल

सारी दुनिया छोड़ के पीछे
आगे जाऊं निकल
मैं तो आगे जाऊं निकल

पल पल, हो, पल पल

समय तू धीरे धीरे चल
समय तू धीरे धीरे चल

छोटा सा हो अपना घर
ना कुछ फिक्रें ना कोई डर

हर दम ऐसा वक्त रहे
आँखों से, ना आंसू बहें

धरती पर्वत हिल सकते हैं
अपनी प्रीत अटल
देखो अपनी प्रीत अटल

पल पल, हो, पल पल

समय तू धीरे धीरे चल
समय तू धीरे धीरे चल

सारी दुनिया छोड़ के पीछे
आगे जाएँ निकल
हम तो आगे जाएँ निकल

पल पल, हो, पल पल

समय तू धीरे धीरे चल
समय तू धीरे धीरे चल
समय तू धीरे धीरे चल

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Sep 20, 2009

माँ तेरे दरबार-भक्ति में शक्ति १९७८

नवरात्रि के अवसर पर पेश है आपके लिए एक भक्ति गीत ।
ये गीत दारा सिंह पर फिल्माया गया है। गीत में आपको चरित्र
अभिनेता जानकीदास भी नज़र आयेंगे।

फिल्म पंजाब में काफी चली थी और ये भक्ति गीत बेहद लोकप्रिय
है. गीत लिखा है इन्द्रजीत सिंह तुलसी ने और धुन तैयार की है
सोनिक ओमी ने. सोनिक ओमी ने कई माता भजनों की धुनें
तैयार की हैं जिनमें नरेन्द्र चंचल के गाये कई लोकप्रिय भजन हैं.. 




भजन के बोल:

माँ हे ज्योतावालिये लाटावालिये
माँ तेरे दरबार झुके सारा संसार
माँ तेरे दरबार झुके सारा संसार
मेरी सुन ले पुकार ज्योतावालिए हो लाटावालिये
माँ ज्योतावालिए हो लाटावालिये
माँ तेरे दरबार झुके सारा संसार
मेरी सुन ले पुकार ज्योतावालिए हो लाटावालिये
माँ ज्योतावालिए हो लाटावालिये

बीच भंवर में फिर गयी नैया फिर गयी नैया
तुझ बिन मेरा कौन खिवैया कौन खिवैया
तूफ़ान उठा है तूफ़ान उठा है
लहरों में तू कर दे बेडा पार माँ
माँ तेरे दरबार झुके सारा संसार
मेरी सुन ले पुकार ज्योतावालिए हो लाटावालिये
माँ ज्योतावालिए हो लाटावालिये

तुम चाहो तो टूटे जोड़ो टूटे जोड़ो
मुर्दे में जान वापस मोडो वापस मोडो
अपने नाम की माँ
अपने नाम की लाज बचा लो
भटक ना जाए हार माँ
सुन ले पुकार ज्योतावालिए हो लाटावालिये
माँ ज्योतावालिए हो लाटावालिये

हे जगदम्बे हे महामाया हे महामाया
सर के बल मैं चल के आया चल के आया
आज ना तेरे माँ
आज न तेरे दरस हुए तो दूंगा शीश उतार
माँ सुन ले पुकार ज्योतावालिए हो लाटावालिये
माँ ज्योतावालिए हो लाटावालिये
माँ तेरे दरबार झुके सारा संसार
मेरी सुन ले पुकार ज्योतावालिए हो लाटावालिये
माँ ज्योतावालिए हो लाटावालिये
माँ ज्योतावालिए हो लाटावालिये
माँ ज्योतावालिए हो लाटावालिये

तेरे दर्शन बिन मर जाऊँगा दर्शन दे दे माँ
मैं पाने लहू तर जाऊं ना दर्शन दे दे माँ दर्शन दे दे माँ
सर काट यहीं धार जाऊँगा दर्शन दे दे माँ
दर्शन दे दे माँ
दर्शन दे दे माँ
दर्शन दे दे माँ
...................................................................
Maa tere darbar-Bhakti mein shakti 1978

Artist: Dara Singh, Jankidas

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Jul 16, 2009

नटखट नगमे -सैयां ले गई जिया - एक फूल दो माली १९६९

इस फ़िल्म में हीरो हीरोइन दोनों के बीच खूबसूरती का
मुकाबला सा होता प्रतीत होता है। हा हा हा । ये गाना
एक ज़माने में 'आल इंडिया रेडियो' की सारी सर्विसेस पर
तबीयत से बजा करता था। आशा के गाये जिंदादिल गीतों
में से एक। इसको संगीतबद्ध किया है संगीतकार रवि ने.
इसका वीडियो जब तक मैंने नहीं देखा था तब तक मुझे
यही लगता रहा कि ये शशिकला या जयश्री टी. जैसी हीरोइन
पर फिल्माया गया होगा।

इस गाने में साधना ने अपना नृत्य कौशल और अभिनय
सभी का प्रदर्शन कर दिया है। साधना सम्मोहक मुस्कान
की स्वामिनी रही हैं। इस गाने में उनको मुस्कुराने का
भरपूर मौका दिया गया है।



गाने के बोल :

सैयाँ ले गई जिया तेरी पहली नज़र
कैसा जादू किया तूने मो पे ओ जादूगर
सैयाँ ले गई ...

पहले, लगा तो इक सपना सा
अब तो, लग तू मोहे अपना सा
ले चल हाथ पकड़ के सजना चाहे जिधर
सैयाँ ले गई ...

आ गई, बलम तेरी बातों में
क्या है, न जाने तेरी आँखों में
भूल गई मैं, प्यार में तेरे, अपनी डगर
सैयाँ ले गई ...

जानूं, कि तू हरजाई है
सोचूँ ,क्यूँ आँख मिलाई है
लेकिन तुझको देख रही ना अपनी ख़बर
सैयाँ ले गई ...
................................................................
Saiyan le gayi jiya-Ek phool do mali 1969

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