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Feb 26, 2018

एक दफ़ा एक जंगल था-सदमा १९८३

फिल्म सदमा से एक गीत सुनते हैं जिसमें नायक एक कहानी
सुना रहा है नायिका को जंगल वाली . फिल्म काफी मर्मस्पर्शी
है और इसे इसके गीतों के साथ जनता आज भी याद करती है.
अभिनेत्री श्रीदेवी के फ़िल्मी कैरियर की ये एक माईलस्टोन फिल्म
है.

इन संसारी जंगल में मानव ने कई तरह के जंगल खुद भी बना
लिए हैं. कहीं इमारतों के जंगल कहीं अपनी सुविधाओं के जंगल
तो कहीं कूड़े के जंगल. वास्तविक जंगल जो पेड़ पौधों से भरे
रहते थे लुप्त होते जा रहे हैं.

गीत गुलज़ार का लिखा हुआ है जिसकी धुना इलया राजा ने
बनाई है. गीत कमाल हासन और श्रीदेवी की आवाजों में हैं. 



गीत के बोल:

एक दफ़ा एक जंगल था
उस जंगल में एक गीदड़ था
एक दफ़ा एक जंगल था
उस जंगल में एक गीदड़ था
बड़ा लोफ़र बड़ा लीचड़ आवारा
जंगल पार एक बस्ती थी
उस बस्ती में वह जाता था
रोज़ाना रोज़ाना
हाँ हाँ हाँ
एक दफ़ा एक जंगल था
उस जंगल में एक गीदड़ था
बड़ा लोफ़र बड़ा लीचड़ आवारा

एक दफ़ा उस बस्ती के
कुत्तों ने उसको देख लिया
इस मोड़ से उसको दौड़ाया
उस मोड़ पे जा के घेर लिया
जब कुछ ना सूझा गीदड़ को
दीवार के ऊपर से कूदा

उस पार किसी का आँगन था
आँगन में नील की हांडी थी
हांडी थी वो नीली थी

उस नील में यूँ गिरा गीदड़
सब हो गया कीचड़ ही कीचड़
अरे कीचड़ सब कीचड़ सब कीचड़

जितने थे जंगल में वो सब
गीदड़ का पानी भरने लगे
सब समझे कोई अवतार है वो
और उसकी सेवा करने लगे

सावन के महीने में इक दिन
कुछ गीदड़ मिल कर गाने लगे
नीले गीदड़ को जोश आया
बिरादरी पर इतराने लगे
और झूम के जब आलाप किया

अरे बाप रे
पहचाने गए और पकड़े गए
हर एक ने ख़ूब पिटाई की
सब रंग उतर गए राजा के
और सबने ख़ूब धुलाई की
दे दनादन ले दनादन
दे दनादन ले दनादन
बोल बोल बोल बोल
दे दनादन दे दनादन दे दनादन
……………………………………………………………….
Ek dafa ek jangal tha-Sadma 1983

Artists: Sridevi, Kamal Hasan

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Oct 8, 2011

सुरमई अंखियों में-सदमा १९८३

जैसे आदमी की ज़िन्दगी में कई पड़ाव आते हैं वैसे ही किसी भी उद्योग
के जीवन काल में भी कई पड़ाव आते हैं। हिंदी सिनेमा में दूसरी भाषा की
फिल्मों को हिंदी में डब करके दिखाने का चलन ८० के दशक के पहले तक
नहीं के बराबर था। जो फ़िल्में सफल हो जातीं उन्हें हिंदी में भी बनाया जाता।
ज़रूरी नहीं कि बाद में बनने वाली फिल्म सफल ही हो।

सन १९८३ में एक मर्मस्पर्शी फिल्म आई सदमा जिसे पहले तमिल भाषा
में मून्दरम पिराई के नाम से बनाया गया था। इसे बाद में हिंदी में भी बनाया
गया। फिल्म के दोनों संस्करण में कमल हासन और श्रीदेवी नायक-नायिका हैं।
फिल्म नायिका श्रीदेवी के कैरियर में अहम् स्थान रखती है।

फिल्म के संगीत ने तहलका मचाया। आज आपको इसी फिल्म से येसुदास
का गाया हुआ एक गीत सुनवा रहे हैं। गीत के तमिल भाई का लिंक भी दिया
है जिससे आप दोनों गीतों का आनंद उठा सकें। तमिल वर्ज़न थोड़ा तेज़ है।
हिंदी गीत के लिए बोल लिखे हैं गुलज़ार ने और संगीत तैयार किया है
इल्या राजा ने।



Moondraam pirai - Kanne kalaimaane - Ilaiyaraaja

गीत के बोल:

सुरमयी अंखियों में नन्हा मुन्ना एक सपना दे जा रे
सुरमयी अंखियों में नन्हा मुन्ना एक सपना दे जा रे
निंदिया के उड़ते पाखी रे, अंखियों में आ जा साथी रे

रा री रा रू ओ रा री रूम
रा री रा रू ओ रा री रूम

सुरमयी अंखियों में नन्हा मुन्ना एक सपना दे जा रे

सच्चा कोई सपना दे जा
मुझको कोई अपना दे जा
अनजाना सा मगर कुछ पहचाना सा
हल्का फुल्का शबनमी
रेशम से भी रेशमी

सुरमयी अंखियों में नन्हा मुन्ना एक सपना दे जा रे
निंदिया के उड़ते पाखी रे, अंखियों में आ जा साथी रे

रा री रा रू ओ रा री रूम
रा री रा रू ओ रा री रूम

रात के रथ पर जाने वाले
नींद का रस बरसाने वाले
इतना कर दे के मेरी ऑंखें भर दे
आँखों में बसता रहे, सपना ये हँसता रहे

सुरमयी अंखियों में नन्हा मुन्ना एक सपना दे जा रे
निंदिया के उड़ते पाखी रे, अंखियों में आ जा साथी रे

रा री रा रू ओ रा री रूम
रा री रा रू ओ रा री रूम
रा री रा रू ओ रा री रूम
रा री रा रू ओ रा री रूम
..............................................
Surmayi ankhiyon mein-Sadma 1983

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Aug 27, 2011

भूली बिसरी प्रेम कहानी-नगीना १९८६

नाग नागिन और पुनर्जन्म की अवधारणा की कहानी पर बनी फिल्म
नगीना श्रीदेवी के कैरियर की महत्वपूर्ण फिल्म है जिसने उन्हें बुलंदियों
के शिखर पर कायम रहने में मदद की. फिल्म का शीर्षक गीत बेहद
लोकप्रिय हुआ जोलता मंगेशकर की आवाज़ में है. उसके अलावा जिस
गीत ने संगीत प्रेमियों को आनंदित किया वो है प्रस्तुत गीत जो कि
अनुराधा पौडवाल की आवाज़ में है.

फिल्म के गीत आनंद बक्षी के लिखे हुए हैं और लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
का संगीत है. फिल्म के इस गीत को आप " हौन्टिंग सोंग्स" की श्रेणी में
रख सकते हैं.आपने शायद ही कभी गौर फ़रमाया होगा कि हिंदी फिल्म
महिला भूतों की कहानीपर ज्यादा बना करती है. उन बिरली फिल्मों में से
 एक है-नीलकमल.इसमें पुरुष भूत है.




गीत के बोल:

भूली बिसरी प्रेम कहानी
भूली बिसरी प्रेम कहानी
फिर आई
फिर आई एक याद पुरानी
भूली बिसरी प्रेम कहानी
फिर आई एक याद पुरानी
भूली बिसरी प्रेम कहानी
भूली बिसरी

आने का वादा किया ओ ओ ओ
आने का वादा किया
वादा तोड़ दिया नहीं आए पिया
आने का वादा किया
वादा तोड़ दिया नहीं आए पिया
ओ ओ ओ
भूल गए तुम प्रेम कहानी
भूल गए तुम प्रेम कहानी
फिर आई एक याद पुरानी

भूली बिसरी प्रेम कहानी
फिर आई एक याद पुरानी
भूली बिसरी प्रेम कहानी
भूली बिसरी

मैने तो प्यार किया ओ ओ ओ
मैने तो प्यार किया
ऐतबार किया इंतज़ार किया
मैने तो प्यार किया
ऐतबार किया इंतज़ार किया
ओ ओ ओ
तुमने किया क्या दिलवर जानी
तुमने किया क्या दिलवर जानी
फिर आई एक याद पुरानी

भूली बिसरी प्रेम कहानी
फिर आई एक याद पुरानी
भूली बिसरी प्रेम कहानी
भूली बिसरी

हारी मैं कर के जतन हो हो हो
हारी मैं कर के जतन
मेरे बिछड़े सजन कब होगा मिलन
हारी मैं कर के जतन
मेरे बिछड़े सजन कब होगा मिलन
हो ओ ओ
लंबी जुदाई रुत मस्तानी
लंबी जुदाई रुत मस्तानी
फिर आई एक याद पुरानी

भूली बिसरी प्रेम कहानी
फिर आई एक याद पुरानी
भूली बिसरी प्रेम कहानी
फिर आई एक याद पुरानी
भूली बिसरी प्रेम कहानी
भूली बिसरी
................................
Bhooli bisri prem kahani-Nagina 1986

Artists: Sridevi, Rishi Kapoor

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Dec 13, 2010

हैरान हूँ मैं आपकी जुल्फों को देख कर-जवाब हम देंगे १९८७

आ गए जवाब देने हम आ गए फिल्म जवाब हम देंगे का गीत
ले कर। अभी गीत जी की एक प्रविष्टि में पढ़ा कि अन्नू मलिक
ने गायक विनोद राठोड को परदे पर दिखा के एक नई शुरुआत
की। जानकारी के लिए बतला दूं फिल्म 'जवाब हम देंगे' के
गीत "हैरान हूँ मैं आपकी....." में भी आप एक गायक को देख
पाएंगे। फिल्म १९८७ की है और परदे पर आप शब्बीर कुमार
को माइक पकडे गीत गाते देख्नेगे साथ में एक और प्रसिद्द
गायिका अनुराधा पौडवाल हैं। अनुराधा पौडवाल को तो बहुत
से संगीत प्रेमी पहचानते हैं, कारण, टी सीरीज के म्यूजिक
वीडियो में उनका चेहरा अक्सर दिखाई दे जाता है। गीत में
फिल्म के हीरो हीरोइन जैकी श्रोफ़ और श्रीदेवी ड्यूटी पुलिस
की ड्यूटी बजाते देखे जा सकते हैं। पुलिस की वर्दी के अलावा
उन्होंने कांजीवरम की सिल्क की साडी भी पहनी है इस गीत में।

दो अंतरे तक 'बाल जुल्फें ' ही हो रहा है उसके बाद श्रीदेवी की
चोटी यकायक गायब हो जाती है और छोटे बाल में नज़र आती
है और गाने का टॉपिक बदल जाता है, बाल से गाल की चर्चा होने
लग जाती है। गीत के अंत में फिर वही-हैरान हूँ मैं आपकी जुल्फों
को देख कर। अब के तो ऐसा लगता है हीरो यूँ कहना चाहता हो-
कब आपकी जुल्फें बड़ी हो जाती हैं, कब छोटी हैरानी की बात है।



गाने के बोल:

हैरान हूँ मैं आपकी जुल्फों को देख कर
हैरान हूँ मैं आपकी जुल्फों को देख कर
इनको घटा कहूं,
इनको घटा कहूं,तो घटाओं को की कहूं
हैरान हूँ मैं आपकी जुल्फों को देख कर।

तारीफ करना उसकी मर्दों की है अदा
तारीफ करना उसकी मर्दों की है अदा
इसको अदा कहूं,
इसको अदा कहूं,तो अदाओं को क्या कहूं

हैरान हूँ मैं आपकी जुल्फों को देख कर

कितनी है खुशनसीब ये बहकी हुई हवा
हाथों में जिसके रेशमी आंचल है आपका
इतना करीब आपके मैं भी न क्यूँ हुआ
इसको वफ़ा कहूं,
इसको वफ़ा कहूं तो वफाओं को क्या कहूं

तारीफ करना उसकी मर्दों की है अदा
इसको अदा कहूं,
इसको अदा कहूं,तो अदाओं को क्या कहूं

हैरान हूँ मैं आपकी जुल्फों को देख कर

नगमे मुझे मगर बहार सुनती रही मगर
मुझको, मेरी जवानी पे, कुछ न हुआ असर
आवाज़ जब तुम्हारी मेरे दिल में उतर गयी
कोयल की मीठी मीठी
कोयल की मीठी मीठी, शराब क्या कहूं

हैरान हूँ मैं आपकी जुल्फों को देख कर
इनको घटा कहूं,तो पटाओं को की कहूं

तारीफ करना उसकी मर्दों की है अदा

रंगीनियाँ हैं गालों की जैसे चमन के फूल
जो कुछ कहा जनाब ने सब है मुझे कुबूल
महके हुए कदम हैं तो महका हुआ बदन
तुमको फ़ज़ा कहूं
तुमको फ़ज़ा कहूं,तो फ़ज़ाओं को क्या कहूं

तारीफ करना उसकी मर्दों की है अदा
इसको अदा कहूं,
इसको अदा कहूं,तो अदाओं को क्या कहूं

हैरान हूँ मैं आपकी जुल्फों को देख कर
इनको घटा कहूं,तो घटाओं को की कहूं

तारीफ करना उसकी मर्दों की है अदा
हैरान हूँ मैं आपकी जुल्फों को देख कर
....................................................................................
Hairan Hoon Main Aapki Zulfon Ko-Jawab Hum Denge 1987

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Dec 7, 2010

नीले नीले अम्बर पर २ -कलाकार १९८३

आपने इस गीत का किशोर वाला तर्जुमा सुन लिया है। अब सुनिए
साधना सरगम की आवाज़ में यही गीत। गायिका साधना सरगम
कल्याणजी भाई की ही खोज है और बहुत प्रतिभावान हैं।



इसका दक्षिण भारतीय भाई इधर है , जो एस पी बालसुब्रमन्यम की
आवाज़ में है। ये फिल्म सन १९८२ में आई थी और इसमें संगीत
इल्या राजा का है। इल्या राजा दक्षिण में बहुत बड़ा नाम है और
उनके संगीत के सभी कायल हैं। हम भी हैं भाई। याद है ना फिल्म
सदमा-श्रीदेवी वाली जिसके हिंदी बोल गुलज़ार के लिखे हुए हैं।



हिंदी गीत के बोल:

नीले नीले अम्बर पर, चाँद जब आये
प्यार बरसाए, हमको तरसाये
ऐसा कोई साथी हो ऐसा कोई प्रेमी हो
प्यास दिल की बुझा जाए

नीले नीले अम्बर पर, चाँद जब आये
प्यार बरसाए, हमको तरसाये

हो, ऊँचे ऊँचे पर्वत जब चूमते है अम्बर को
प्यासा प्यासा अम्बर जब चूमता है सागर को
ऊँचे ऊँचे पर्वत जब चूमते है अम्बर को
प्यासा प्यासा अम्बर जब चूमता है सागर को

प्यार से कसने को बाहों में बसने को
दिल मेरा ललचाये कोई तो आ जाये
ऐसा कोई साथी हो ऐसा कोई प्रेमी हो
प्यास दिल की बुझा जाए

नीले नीले अम्बर पर, चाँद जब आये
प्यार बरसाए, हमको तरसाये

हो, ठंडे ठंडे झोंके जब बालों को सहलायें
तपती तपती किरणें जब गालों को छू जायें
ठंडे ठंडे झोंके जब बालों को सहलायें
तपती तपती किरणें जब गालों को छू जायें

साँसों की गरमी को हाथों की नरमी को
दिल मेरा तरसाए कोई तो छू जाये
ऐसा कोई साथी हो ऐसा कोई प्रेमी हो
प्यास दिल की बुझा जाए

नीले नीले अम्बर पर, चाँद जब आये
प्यार बरसाए, हमको तरसाये

हे, छम छम करता सावन बूंदों के बाण चलाए
सतरंगी बरसातों में जब तन मन भीगा जाए
छम छम करता सावन बूंदों के बाण चलाए
सतरंगी बरसातों में जब तन मन भीगा जाए

प्यार में नहाने को डूब ही जाने को
दिल मेरा तडपाये ख्वाब जगा जाये
ऐसा कोई साथी हो ऐसा कोई प्रेमी हो
प्यास दिल की बुझा जए

नीले नीले अम्बर पर, चाँद जब आये
प्यार बरसाए, हमको तरसाये
ऐसा कोई साथी हो ऐसा कोई प्रेमी हो
प्यास दिल की बुझा जाए
......................................................
Neele neele ambar par-Kalakaar 1983

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Nov 18, 2010

नीले नीले अम्बर पर-कलाकार १९८३

८० के दशक में डिस्को संगीत के दौर के साथ आगमन हुआ कुछ नए
प्रकार की ध्वनियों का। गिटार वाले गीत बहुत से सुनाई देने लगे।
उसके अलावा ताल में भी थोडा बदलाव आया। ऐसा नहीं है की
ये वाद्य पहले इस्तेमाल ना किये जाते हों, वो तो कुछ वाद्यों
की आवाज़ गुम सी हो गई तो कुछ की ज्यादा सुनाई देने लगी।

आपको आज एक बेहद लोकप्रिय गीत सुनवाते हैं। ये है फिल्म
कलाकार से, जिसे गाया है किशोर कुमार ने। इसको फिल्माया गया है
मनोज कुमार पुत्र-कुणाल गोस्वामी पर। साथ में हैं श्रीदेवी।
संगीतकार कल्यानजी आनंदजी के फ़िल्मी कैरियर की ये सबसे
सफल फिल्मों में गिनी जाती है। इस गीत के महिला संस्करण के
बारे में बात करते समय इसके बारे में थोड़ी और जानकारी दी जाएगी




गीत के बोल:


नीले नीले अम्बर पर, चाँद जब आये
प्यार बरसाए, हमको तरसाये
ऐसा कोई साथी हो ऐसा कोई प्रेमी हो
प्यास दिल की बुझा जाए

नीले नीले अम्बर पर, चाँद जब आये
प्यार बरसाए, हमको तरसाये

हो, ऊँचे ऊँचे पर्वत जब चूमते है अम्बर को
प्यासा प्यासा अम्बर जब चूमता है सागर को
ऊँचे ऊँचे पर्वत जब चूमते है अम्बर को
प्यासा प्यासा अम्बर जब चूमता है सागर को

प्यार से कसने को बाहों में बसने को
दिल मेरा ललचाये कोई तो आ जाये
ऐसा कोई साथी हो ऐसा कोई प्रेमी हो
प्यास दिल की बुझा जाए

नीले नीले अम्बर पर, चाँद जब आये
प्यार बरसाए, हमको तरसाये

हो, ठंडे ठंडे झोंके जब बालों को सहलायें
तपती तपती किरणें जब गालों को छू जायें
ठंडे ठंडे झोंके जब बालों को सहलायें
तपती तपती किरणें जब गालों को छू जायें

साँसों की गरमी को हाथों की नरमी को
दिल मेरा तरसाए कोई तो छू जाये
ऐसा कोई साथी हो ऐसा कोई प्रेमी हो
प्यास दिल की बुझा जाए

नीले नीले अम्बर पर, चाँद जब आये
प्यार बरसाए, हमको तरसाये

हे, छम छम करता सावन बूंदों के बाण चलाए
सतरंगी बरसातों में जब तन मन भीगा जाए
छम छम करता सावन बूंदों के बाण चलाए
सतरंगी बरसातों में जब तन मन भीगा जाए

प्यार में नहाने को डूब ही जाने को
दिल मेरा तडपाये ख्वाब जगा जाये
ऐसा कोई साथी हो ऐसा कोई प्रेमी हो
प्यास दिल की बुझा जए

नीले नीले अम्बर पर, चाँद जब आये
प्यार बरसाए, हमको तरसाये
ऐसा कोई साथी हो ऐसा कोई प्रेमी हो
प्यास दिल की बुझा जाए
....................................
Neele neele ambar par chand jab(Kishore)-Kalakaar 1983

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Oct 31, 2010

कज़ा पर्दा ज़फ़ा पर्दा - हिम्मत और मेहनत -१९८७

"घूंघट के पट खोल रे तुझे सैयां मिलेंगे ....." इसके आगे की पंक्तियाँ
मुझसे सुनिए - आगरा में मत डोल रे, वे तो मथुरा मिलेंगे
कभी कभी घासलेटी कवि ह्रदय हिलोरे लेने लगता है और तुकबंदी
निकल आती है। बादाम पिस्ता नसीब नहीं है, वो तो भला हो सयाने
चिट्ठाकारों का जिनके चिट्ठे पढ़ते पढ़ते दिमाग के लट्टू जल उठते हैं।

घूंघट यानि कि पर्दा; छोटा पर्दा, चेहरे पर डाला जा सकने वाला। इसमें
विशेष क्या है। क्यूँ नेताओं के चेहरे पर पड़े परदे को नकाब कहा जाता है
पर्दा नहीं। तो जनाब परदे और नकाब में फर्क है। पर्दा काली करतूतों पर
भी डाला जा सकता है जैसे कि जांच समितियां अक्सर डाला करती हैं ।

फिल्म को 'बड़ा पर्दा 'और टेलीविज़न को 'छोटा पर्दा'। वाह जनाब क्या
नामकरण किया है मीडिया ने।

पर्दा शब्द को लोकप्रिय बनाया फिल्म 'अमर अकबर एंथोनी' की क़व्वाली
ने। उसके पहले आम जन को परदे का मतलब अच्छे से मालूम नहीं था।
आम जनता के फंडे फ़िल्में देखने से ज्यादा क्लीयर हुआ करते हैं। हमदर्द
का टॉनिक वो असर नहीं करता जो फिल्म के हीरो के डॉयलॉग कर दिया
करते हैं।

आपने इतनी हिम्मत और मेहनत से ये पोस्ट पढ़ी है अतः आपको आज
'हिम्मत और मेहनत' नाम की एक फिल्म का गीत सुनवाते हैं। इस गीत
पे चटकऊ-मटकऊ डांस कर रहे हैं जीतेंद्र और श्रीदेवी। किसी टॉवेल बनाने
वाली कंपनी ने विशेष तौर पर नायिका के लिए ये ड्रेस मटेरिअल उपलब्ध
करवाया होगा।



गीत के बोल:

छुई मुई छुई मुई हो गई
दिल में सुई चुभो गई

अरे,छुई मुई छुई मुई हो गई
दिल में सुई चुभो गई

दिखला दे तू जलवा
उठा भी दे पर्दा

कज़ा पर्दा ज़फ़ा पर्दा
हटा भी दे ज़रा पर्दा

परदे का का क्या कहना
लड़की का ये गहना

अरे परदे का क्या कहना
लड़की का ये गहना
लड़की फिर कुछ भी नहीं
हुई जो बेपर्दा

हया पर्दा वफ़ा पर्दा
मोहब्बत की अदा पर्दा

हूँ हो हूँ हो


छुई मुई छुई मुई हो गई
दिल में सुई चुभो गई

हुस्न भी इतना
ना ना ना
इतनी जवानी
हं हं हं
उसको उम्र भर
देखे तो दिल ना भरे
हवास की मारी
हाय हाय हाय
नज़र तुम्हारी
होए होए होए
जहाँ मना है
वहां भी देखा करे

हुस्न भी इतना
इतनी जवानी
उसको उम्र भर
देखे तो दिल ना भरे
हवास की मारी
नज़र तुम्हारी
जहाँ मना है
वहां भी देखा करे

सिला उसको
मिला जिसने
हसीनों का
रखा पर्दा

छुई मुई छुई मुई हो गई
दिल में सुई चुभो गई

दिखला दे तू जलवा
उठा भी दे पर्दा

हया पर्दा वफ़ा पर्दा
मोहब्बत की अदा पर्दा

चिलमन डालो
ना ना ना
पर्द गिरा लो
हं हं हं
हुस्न का जादू
परदे से क्या छुप सका

लाज किसी की
हाय हाय हाय
कांच की चूड़ी
होए होए होए
टूट ना जाए
छू के ना देखो पिया

चिलमन डालो
पर्द गिरा लो
हुस्न का जादू
परदे से क्या छुप सका

हो,लाज किसी की
हाय हाय हाय
कांच की चूड़ी
होए होए होए
टूट ना जाए
छू के ना देखो पिया

है दिल में क्या
हो
पता हमको
हा
है चिलमन क्या
हटा पर्दा

परदे का क्या कहना
लड़की का ये गहना
लड़की फिर कुछ भी नहीं
हुई जो बेपर्दा

हया पर्दा वफ़ा पर्दा
मोहब्बत की अदा पर्दा

छुई मुई छुई मुई हो गई
अरे दिल में सुई चुभो गई

दिखला दे तू जलवा
उठा भी दे पर्दा

कज़ा पर्दा ज़फ़ा पर्दा
हटा भी दे ज़रा पर्दा

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Feb 3, 2010

एक आंख मारूं तो -तोहफा १९८४

'भंकस'। इस शब्द ने मुझे आकर्षित किया जिसकी कोई विशेष
वजह नहीं थी। ऐसा लगता था कि डकार मारते समय इसको बोला
जा सकता है जिससे कि डकार थोड़ी कर्णप्रिय लगे। जी हाँ डकार वही
जो कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद आती है और जिसके आने के बाद फिल्म
की हिरोइन दिखाई देने लगती है। आपने रानी मुखर्जी वाला एक
सॉफ्ट ड्रिंक का विज्ञापन ज़रूर देखा होगा जो सन १९९५-९६ के
आसपास टी वी पर आया करता था।

छोडिये गीत की ओर वापस चला जाए। एक catchy यानि आकर्षित
करने वाली धुन पर ये गीत बना है। पहली बार किसी हिंदी फिल्म गीत
में बीना शर्माए नायक नायिका एक दूसरे को आंख मार रहे हैं। हमारा
सिनेमा प्रगति की ओर अग्रसर है ये इस बात का द्योतक है। जीतेंद्र
और श्रीदेवी दक्षिण के बी ए , एम् ए , बी एस सी निर्माता निर्देशक की
फिल्म में एरोबिक्स कर रहे हैं। गाने के बोल में उच्च कोटि के शब्द भी
हैं जिनपर संगीत प्रेमियों का ध्यान नहीं जाता है। उसके अलावा, गाने में
खेत, फसल, कोयल इत्यादि का विवरण इस गीत को पर्यावरण प्रेमी का
दर्जा देते हैं।



गीत के बोल:

एक आंख मारूं तो
अरे, एक आंख मारूं तो पर्दा हट जाए
दूजी आंख मारूं कलेजा कट जाए
एक आंख मारूं तो पर्दा हट जाए
दूजी आंख मारूं कलेजा कट जाए
दोनों ऑंखें मारूं तो छोरी पट जाए
छोरी पट जाए
दोनों ऑंखें मारूं तो छोरी पट जाए
दोनों ऑंखें मारूं तो छोरी पट जाए

भंकस

एक आंख मारूं तो रस्ता रुक जाए
दूजी आंख मारूं तो ज़माना रुक जाए
एक आंख मारूं तो रस्ता रुक जाए
दूजी आंख मारूं तो ज़माना रुक जाए
दोनों ऑंखें मारूं तो छोरा पट जाए
ओ, दोनों ऑंखें मारूं तो छोरा पट जाए

ए, भंकस

कुछ मिट्ठी कुछ खट्टी बातें हैं अटपट्टी
तेरी अंगूरों के जैसी
नट खट्टी नट खट्टी, चटपट्टी चटपट्टी
जवानी मिर्ची के जैसी
कुछ मिट्ठी कुछ खट्टी बातें हैं अटपट्टी
तेरी अंगूरों के जैसी
हाय, नट खट्टी नट खट्टी, चटपट्टी चटपट्टी
जवानी मिर्ची के जैसी

होंठों पे मिर्ची जो रख लेगा तू
तरसे जो एक बार चख लेगा तू
यौवन पे चलता नहीं काबू
शोलों से खेलेंगे मैं और तू

एक आंख मारूं तो रस्ता रुक जाए
दूजी आंख मारूं तो ज़माना रुक जाए
दोनों ऑंखें मारूं तो छोरा पट जाए
दोनों ऑंखें मारूं तो छोरा पट जाए

बीज और पानी मिले तो जवानी
आ जाये खेतों पे ऐसे
हम तुम मिलेंगे तो मिलते रहेंगे
लहरायेंगे फसलों के जैसे

गन्ने के खेतों में मैं और तू
सुनेंगे कोयल की कू कू कू
तू हो मेरे मैं तेरे रूबरू
छुप छुप के करें दोनों गुफ्तगूँ

एक आंख मारूं तो पर्दा हट जाए
दूजी आंख मारूं कलेजा कट जाए
दोनों ऑंखें मारूं तो छोरी पट जाए
छोरी पट जाए
दोनों ऑंखें मारूं तो छोरी पट जाए
छोरी पट जाए
छोरा पट जाए
छोरी पट जाए

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Feb 2, 2010

ताकी ओ ताकी -हिम्मतवाला १९८३

पिछली एक पोस्ट में आपने १९६२ की फिल्म का एक मधुर गीत सुना
जो शम्मी कपूर पर फिल्माया गया था। सन ६२ से सन ८३ तक जो फर्क
आया वो ये कि 'एरोबिक्स' कमरे से निकल के सरसों के खेत में पहुँच गया।
फर्क ये भी आया कि इन्दीवर की शब्दावली जो कुछ साहित्यिक शब्दों के
प्रयोग तक सीमित थी, अपने पूरे उफान पे आई और हमें उनकी प्रतिभा
की सही कद्र होना शुरू हुयी। जीतेंद्र और श्रीदेवी की जोड़ी से सजी फिल्मों ने
बॉक्स ऑफिस का गणित बदल दिया। लीक से हटकर फ़िल्में और थियटर
से जल्दी हट जाने वाली फ़िल्में बनाने वालों के लिए ये सबक था एक ।

walkie-talkie को बेचने के लिए इस गीत का प्रयोग किया जा सकता है ।
दिग्गज विज्ञापन निर्माता सुन रहे हैं ??

बाल बढ़ने का नुस्खा इस गीत से सीखा जा सकता है। नायिका के बाल २ फीट
लम्बे से ४ फीट तक कैसे हो जाते हैं देखिये इस गीत में। किशोर कुमार और
आशा भोंसले के गाये इस गीत की धुन बनाई है बप्पी लहरी ने। अपनी तथाकथित
soberness को किनारे पर रख कर एक आम आदमी बन कर इस गीत का लुत्फ़
उठा लेता हूँ मैं भी कभी कभी ।



गीत के बोल:

हे ताकी ओ ताकी
हो ताकी ताकी ताकी रे
जब से तू आँखों में झांकी

ताकी हो ताकी
हो ताकी ताकी ताकी रे
जब से मैं आँखों में झांकी
अरे, आपस में ताक धिन ताक धिन हो गया
अब क्या रह गया बाकी

हो हो
ताकी हो ताकी
हो ताकी ताकी ताकी रे
जब से मैं आँखों में झांकी
आपस में ताक धिन ताक धिन हो गया
अब क्या रह गया बाकी

हो हो
ताकी हो ताकी
हो ताकी ताकी ताकी रे
जब से main आँखों में झांकी

कैसी ये लगन है, होए
कैसी ये अगन है, होए
मिलके मान भरे नहीं
कैसा ये मिलन है

खिला खिला बदन है, हो
गालों में चमन है, हो
नए नए प्यार की
नैनों में किरण है

कैसी ये लगन है, हाय
कैसी ये अगन है, होए होए
मिल के मन भरे नहीं
कैसा ये मिलन है

खिला खिला बदन है, हाँ
गलों में चमन है, हाँ
नए नए प्यार की
नैनों में किरण है

आपस में ताक धिन ताक धिन हो गया
अब क्या रह गया बाकी

ए ताकी हो ताकी
हो ताकी ताकी ताकी रे
जब से मैं आँखों में झांकी

मेरा दिलदार तू , हाय
मुझे इकरार है, होए
सारा जग जान गया
तेरा मेरा प्यार ये

हो के बदनाम और
हुए मशहूर हम
अब सारी ज़िन्दगी
होंगे नहीं दूर हम

मेरा दिलदार तू , हाय हाय
मुझे इकरार है, होए होए
सारा जग जान गया
तेरा मेरा प्यार ये

हो के बदनाम और
हुए मशहूर हम
अब सारी ज़िन्दगी
होंगे नहीं दूर हम

अरे, आपस में ताक धिन ताक धिन हो गया
अब क्या रह गया बाकी

हे ताकी ओ ताकी
हो ताकी ताकी ताकी रे
जब से तू आँखों में झांकी

हो हो
ताकी हो ताकी
हो ताकी ताकी ताकी रे
जब से मैं आँखों में झांकी

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Nov 15, 2009

ये क्या हुआ-नया कदम १९८४

किसी दिन आपके पञ्जाबी ढाबे के मेनू में सरसों के साग के
साथ साम्बर या रसम आ जाये तो आपको थोडा आश्चर्य अवश्य
होगा। राजेश खन्ना को अगर आप एस. पी. बाल्सुब्रमण्यम की
आवाज़ पर होंठ हिलाते देखें तो आपको भी आश्चर्य होना चाहिए।
ये रिस्क कोई उत्तर भारतीय फिल्म निर्माता नहीं लेता और
ना ही कोई आम मुम्बईया संगीतकार। इसमें आशा भोंसले की
आवाज़ है जिसपर श्रीदेवी अभिनय कर रही हैं। आभूषण की नई
डिजाईन और नायिका की ४ फीट लम्बी चोटी इस गाने के मुख्य
आकर्षण हैं । संगीत बप्पी लहरी का है जिन्होंने दक्षिण के निर्माता
निर्देशकों के लिए काफी अनोखे प्रयोग किये हैं। इस फिल्म में
किशोर कुमार का गाया गीत भी है।

ये गीत मधुर है इसलिए इस प्रयोग को सफल कहा जा सकता है.
फिल्म लोकप्रिय थी और इसका नाम है नया कदम । गाने में जितने
गेंदे के फूल शहीद हुए हैं उसका थोडा दुःख जरूर होता है। बोल इन्दीवर
के हैं जिन्होंने अपनी दूसरी पारी में ऐसे गीत बहुत लिखे।



गाने के बोल:

ये क्या हुआ
क्या हुआ

ये क्या हुआ
क्या हुआ

हाथों ने गालों को छुआ
होंठों ने होंठों को छुआ

शरमाये मेरा जिया

अच्छा हुआ जो हुआ
अच्छा हुआ जो हुआ

आँखों ने आँखों को चूमा
साँसों ने साँसों को चूमा

आँखों ने आँखों को चूमा
साँसों ने साँसों को चूमा

प्राणों ने प्राणों को छुआ

ये क्या हुआ
क्या हुआ

मेरे जीवन पर सारे तन पर
प्यार की तूने मोहर लगा दी

तुझको पता क्या मेरी खता क्या
तेरी सोयी प्रीत जगा दी

मन मन मुस्काऊँ
सोचके मैं घबराऊँ
मन मन मुस्काऊँ
सोचके मैं घबराऊँ

धड़का दिया दिल मेरा

अच्छा हुआ जो हुआ

आँखों ने आँखों को चूमा
साँसों ने साँसों को चूमा

प्राणों ने प्राणों को छुआ

ये क्या हुआ
क्या हुआ

होंठों की लाली किसने चुरा ली
पूछेगा हर अपना बेगाना

सबने छुपकर हमने खुलकर
वही किया जो करे ज़माना

आईने से मुहँ छुपाऊँ
याद वो ना भूल पाऊँ
ये कैसा तड़पा दिया

ये क्या हुआ
क्या हुआ

हाथों ने गालों को छुआ
होंठों ने होंठों को छुआ

शरमाये मेरा जिया

अच्छा हुआ जो हुआ

आँखों ने आँखों को चूमा
साँसों ने साँसों को चूमा

प्राणों ने प्राणों को छुआ

ये क्या हुआ
क्या हुआ

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Jul 19, 2009

पंछी बादल प्रेमी के पागल-लम्हे १९९१

लता मंगेशकर ने कई गायकों के साथ कर्णप्रिय युगल नगमे
गाये हैं। सन् ८० के आसपास संतूर वादक शिवकुमार शर्मा और
बांसुरी वादक हरिप्रसाद चौरसिया की जोड़ी ने हिन्दी फ़िल्म
संगीत क्षेत्र में कदम रखा। फ़िल्म 'सिलसिला' से शुरू हुआ ये
सिलसिला काफ़ी लंबे समय तक चला। उनकी तकरीबन सभी
फिल्मों का संगीत लोकप्रिय रहा।

ये गाना श्रीदेवी और दीपक मल्होत्रा पर फिल्माया गया है। दीपक
मल्होत्रा बाद में किसी फ़िल्म में नज़र नहीं आए। फ़िल्म में
मुख्य कलाकार अनिल कपूर हैं। जैसा की यश चोपडा की फिल्मों में
शामिल गीतों में होता है, ये गाना भी आँखों को सुकून प्रदान करने वाला है।
सुंदर द्रश्यवाली और हरियाली से भरपूर इस गाने की धुन आकर्षक है।
लम्हे एक सफल फ़िल्म थी और इसके वी सी डी, डी वी डी आपको जनता
के पर्सनल कलेक्शन में देखने को मिल जायेंगे।

गायक: लता मंगेशकर, सुरेश वाडकर
फ़िल्म: लम्हे







गीत के बोल:

पंछी बादल प्रेमी के पागल
हम कौन हैं साथिया
ओ याद नहीं भूल गया
याद नहीं भूल गया

पंछी बादल प्रेमी के पागल
हम कौन हैं साथिया
ओ याद नहीं भूल गया
याद नहीं भूल गया

हमको किसी चीज़ की कोई ज़रूरत नहीं
दुनिया में इस प्यार से कुछ खूबसूरत नहीं
ले जाए जाने हमें ये तेज धारा कहाँ
हमको तो कोई गम नहीं डूबा किनारा कहाँ
है बहता पानी ये जिंदगानी इसका भरोसा है क्या

पंछी बादल प्रेमी के पागल
हम कौन हैं साथिया
ओ याद नहीं भूल गया
याद नहीं भूल गया

खोये रहें खोये रहें 
ढूंढें ज़माना हमें हम यूँ ही खोये रहें
अरमानों कि सेज पे दिन रात सोये रहें 
आओ ज़रा और भी नज़दीक हो जाएँ हम
एक दुसरे की जवान बाहों में सो जाएँ हम
सपने ही सपने बीच में अपने
कोई नहीं दूसरा

पंछी बादल प्रेमी के पागल
हम कौन हैं साथिया
ओ याद नहीं भूल गया
याद नहीं भूल गया
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Panchhi baadal....yaad nahin bhool gaya-Lamhe 1991

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