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Nov 1, 2015

मैं तुम्हारे ख्यालों में खोई रही-कागज की नाव १९७६

कागज की नाव से दूसरा गीत सुना जाए जो मधुर है
ये गीत भी आशा भोंसले ने गाया है. इसे शायद ही
आपने सुना होगा. अगर आप आशा भोंसले के बड़े
फैन हैं तो अलग बात है. ये ऐसा गीत है जिसे सुन
के आपको महसूस होगा कि इसे स्पेशियली आशा के
ही लिए बनाया गया है. इसे भी नक्श लायलपुरी ने
लिखा है और संगीतकार भी वही हैं-सपन जगमोहन.

आज आप सुन रहे हैं आशा भोंसले की आवाज़ वाला
गीत नंबर २५१. हम इसके पहले आपको आशा के
गाये एकल, युगल सब मिला के २५० गीत सुनवा
चुके है. आंकड़ों की बात करें तो नक्श लायलपुरी के
लिखे हुए २० गीत प्रस्तुत को मिला के आप सुन
चुके हैं आज तक,




मैं तुम्हारे ख्यालों में खोयी रही
मैं तुम्हारे ख्यालों में खोयी रही
आइना देख कर मुस्कुराता रहा
जाने क्या सोच कर मैंने अंगडाई ली
जाने क्या सोच कर मैंने अंगडाई ली
आइना देख कर मुस्कुराता रहा

मैं तुम्हारे ख्यालों में खोयी रही

आया जो मेरे महके लबों पर
पहले मिलन का फ़साना
शरमा के मैंने आँचल संभाला
लहर गया दिल दीवाना
तनहाइयों में भी हो गए तुम साथ मेरे

मैं तुम्हारे ख्यालों में खोयी रही
मैं तुम्हारे ख्यालों में खोयी रही
आइना देख कर मुस्कुराता रहा
मैं तुम्हारे ख्यालों में खोयी रही

पास आ के तुमने कानों से मेरे
बिखरी लटों को हटाया
हाथों में ले के फिर हाथ मेरा
धीरे से तुमने दबाया
आई सहेली तो टूटे सभी ख्वाब मेरे

मैं तुम्हारे ख्यालों में खोयी रही
मैं तुम्हारे ख्यालों में खोयी रही
आइना देख कर मुस्कुराता रहा
मैं तुम्हारे ख्यालों में खोयी रही
……………………………………………………………..
Main tumhare khayalon mein khoyi-Kagaz ki naav 1976

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Aug 4, 2011

आप अगर आप न होते-गृह प्रवेश १९७९

नायिका नंबर दो का घर में प्रवेश हो चुका है। ये है फिल्म गृह प्रवेश
से दूसरा गीत। गीत में संजीव कुमार और सारिका अपने अपने भावों
का अनुसार प्रदर्शन कर रहे हैं। कुछ रोमांस कुछ रोमांच वाला ये गीत
कर्णप्रिय है। गुलज़ार के बोल, सुलक्षणा पंडित की आवाज़ और कनु रॉय
का संगीत है। आनंद लीजिए।

उल्लेखनीय है कि कनु रॉय ने एक और लीक से हट के बनी फिल्म
आविष्कार में भी संगीत दिया है।




गीत के बोल:

आप अगर आप न होते तो भला क्या होते
लोग कहते हैं कि पत्थर के मसीहा होते

संगेमरमर के तराशे हुए चेहरे पे अगर
आ आ आ आ आ आ आ
संगेमरमर के तराशे हुए चेहरे पे अगर
आपके हँसने का अंदाज़ यही होता मगर
वो जो शरमा के झुका लेते हैं आप नज़र
ऐसे शरमाने पे हम कैसे न फ़िदा होते

आप अगर आप न होते तो भला क्या होते
लोग कहते हैं कि पत्थर के मसीहा होते

आपके माथे पे बसती है जवां शाम सहर
आपके माथे पे बसती है जवां शाम सहर
अच्छी लगती है हमें आपकी पेशानी मगर
वो जो माथे पे पसीना उभर आती है मगर
ऐसे माथे पे भला क्यों न लोग फ़िदा होते

आप अगर आप न होते तो भला क्या होते
लोग कहते हैं कि पत्थर के मसीहा होते
.......................................
Aap agar aaap na hote-Griha Pravesh 1979

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Aug 3, 2011

ज़िंदगी फूलों की नहीं-गृह प्रवेश 1979

आइये कुछ अलग हट के बनी फिल्मों से गीत सुने जाएँ । सबसे पहले
सुनते हैं कुछ ज्यादा ही हट के बनी फिल्म गृह प्रवेश से एक गीत।

बुद्धिजीवी दो प्रकार के होते हैं-नैसर्गिक और निर्मित। पहले वाले पैदाइशी
होते हैं और दुसरे वालों को जनता दर्ज़ा प्रदान करती है। हमारे देश के कुछ
बुद्धिजीवियों की खूबी है कि वे न समझ आने वाली चीज़ों पर भी वाह वाह
कर उठते हैं। आम जनता जब समझ में कुछ नहीं आता हो तो वो उन
बुद्धिजीवियों की राय और सहमति पर निर्भर हो जाती है ।

फिल्म के कथानक को थकानक कहा जाए तो भी फर्क नहीं पड़ेगा। इसको
समझने के लिए दिमाग खपाने की ज़रूरत पढ़ती है। संजीव कुमार और
शर्मीला टैगोर ने अपने अपने हिस्से का बढ़िया अभिनय किया है। १९७९
में बनी इस फिल्म को समय से आगे की बताते हैं कुछ लोग।

प्रस्तुत गीत फिल्म के टाइटल के साथ सुनाई पढता है इसलिए इसमें गीत
का आनंद लेने के अलावा कोई कन्फ्यूज़न नहीं है। गीत गुलज़ार का लिखा
हुआ है जिसे गा रहे हैं भूपेंद्र। संगीत तैयार किया है कनु रॉय ने।



गीत के बोल:


ज़िंदगी फूलों की नहीं
फूलों की तरह महकी रहे
ज़िंदगी फूलों की नहीं
फूलों की तरह महकी रहे

ज़िंदगी

जब कोई कहीं गुल खिलता है
आवाज़ नहीं आती लेकिन
आवाज़ नहीं आती लेकिन
खुशबू की खबर आ जाती है
खुशबू महकी रहे

ज़िंदगी

जब राह कहीं कोई मुड़ती है
मंजिल का पता तो होता नहीं
मंजिल का पता तो होता नहीं
इक राह पे राह मिल जाती है
राहें मुड़ती रहें

ज़िंदगी
.....................................
Zindagi phoolon ki nahin-Griha Pravesh 1979

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Jul 21, 2011

नशा ये कैसा..उडीबाबा उडीबाबा -विधाता १९८२

भोंपू और ग्रामोफोन से याद आया कि पड़ोस के मोहल्ले में एक
चच्चा रहा करते थे गानों के शौक़ीन। उनके पास एक बार हमने
फरमाइश की-चच्चा वो गाना तो सुनवा दो- का का कि की कु
कू कं कः उड़े बाबा, बड़े बाबा, छोटे बाबा। चच्चा ने गाने की
फजीहत पर पहले तो नाक भोंह सिकोड़ी फिर बोले ऐसे बेहूदा
गाने सुनते हो ! कुछ सहगल वेह्गल सुना करो। चच्चा शायद
वो फिल्म देख आये थे, वे फिल्मों के भी बड़े शौक़ीन थे और
फर्स्ट डे फर्स्ट शो के तकरीबन २०० से ज्यादा रिकॉर्ड उनके नाम
पर थे। टिकट लाइन की धींगामुश्ती में उनके कपडे भी कभी कभार
फट जाया करते। उनकी कलाबाजियों से ही हम अंदाज़ा लगाते कि
फिल्म देखना भी एक टेडी खीर हो सकता है।

८० के दशक में सुपरमैन के कॉमिक्स की एंट्री हुई अपने देश में।
उसने छोटे बड़े सभी को आकर्षित किया। उन छोटों और बड़ों में
बॉलीवुड के निर्देशक निर्माता भी शामिल हैं। उसका एक प्रभाव आप
इस गीत में देखेंगे।

संजू को फिल्म इंडस्ट्री में संजू बाबा बोला जाता है, उस हिसाब से
ये गीत बिलकुल सही फिट होता है सिचुऐशन पर ।




गीत के बोल:



आ आ
आ आ ई ई ऊ ऊ ऐ ऐ
उडी बाबा उडी बाबा उडी बाबा
आ आ
आ आ ई ई ऊ ऊ ऐ ऐ
उडी बाबा उडी बाबा उडी बाबा
आ आ
आ आ ई ई ऊ ऊ ऐ ऐ
उडी बाबा उडी बाबा उडी बाबा

बाबा उडी बाबा उडी बाबा उडी बाबा
बाबा उडी बाबा उडी बाबा उडी बाबा

नशा ये कैसा उडी बाबा
मुझे हो गया उडी बाबा
नशा ये कैसा मुझे हो गया
दिल मेरा खो गया
आ आ ई ई ऊ ऊ ऐ ऐ
उडी बाबा उडी बाबा उडी बाबा
आ आ ई ई ऊ ऊ ऐ ऐ
उडी बाबा उडी बाबा उडी बाबा
बाबा उडी बाबा उडी बाबा उडी बाबा
बाबा उडी बाबा उडी बाबा उडी बाबा

हे,
हा आ आ आ, हा आ आ आ
हा आ आ आ, हा आ आ आ
बैंग बैंग, आ
बैंग बैंग, आ
बैंग बैंग, आ
बैंग
ओ मैं आ गयी जाने किधर
मुझको नहीं इसकी खबर
दीवानी लड़की ये लगती ऐसे दीवानों की महफ़िल है
यहाँ पे आना आसान हैं पर यहाँ से जाना मुश्किल है

उडी बाबा उडी बाबा उडी बाबा
बाबा उडी बाबा उडी बाबा उडी बाबा

नशा ये कैसा उडी बाबा
मुझे हो गया उडी बाबा
नशा ये कैसा मुझे हो गया
दिल मेरा खो गया
आ आ ई ई ऊ ऊ ऐ ऐ
उडी बाबा उडी बाबा उडी बाबा
बाबा उडी बाबा उडी बाबा उडी बाबा
बाबा उडी बाबा उडी बाबा उडी बाबा

हा आ आ आ, हा आ आ आ
हा आ आ आ, हा आ आ आ
बैंग बैंग, आ
बैंग बैंग, आ
बैंग बैंग, आ
बैंग
ओ कितनी हसीं ये रात है
क्या ये मेरी बारात है
हा हा, थोड़ी देर में तेरा दूल्हा राजा यहाँ पे आएगा
अपनी रानी को डोली में बिठा के तुझे ले जायेगा

उडी बाबा उडी बाबा उडी बाबा
बाबा उडी बाबा उडी बाबा उडी बाबा

नशा ये कैसा उडी बाबा
मुझे हो गया उडी बाबा
नशा ये कैसा मुझे हो गया
दिल मेरा खो गया
आ आ ई ई ऊ ऊ ऐ ऐ
उडी बाबा उडी बाबा उडी बाबा
आ आ ई ई ऊ ऊ ऐ ऐ
उडी बाबा उडी बाबा उडी बाबा
बाबा उडी बाबा उडी बाबा उडी बाबा
बाबा उडी बाबा उडी बाबा उडी बाबा

आ आ ई ई ऊ ऊ ऐ ऐ
उडी बाबा उडी बाबा उडी बाबा
आ आ ई ई ऊ ऊ ऐ ऐ
उडी बाबा उडी बाबा उडी बाबा
...............................
Nasha ye kaisa...udibaba-Vidhata 1982

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Nov 22, 2010

तेरे हाथों में पहना के चूड़ियाँ -जानी दुश्मन १९७९

एक सुपर डुपर हिट गीत सुना जाए। आप सोच रहे होंगे किसी
काली पीली फिल्म से होगा। नहीं जी, ये तो रंगीन युग वाला है जी।
शादी स्पेशल युग(९० का दशक) के बहुत पहले बना हुआ है जी ये तो।
१९७९ की फिल्म जानी दुश्मन में ये गीत है। सुनते ही आपको याद
आएगा की इसको खूब बजते सुना था जगह जगह। दूरदर्शन के
चित्रहार पर भी इसे खूब देखा गया था। उस समय एक ही तो गीत वाला
कार्यक्रम हुआ करता था-चित्रहार। उसेक अलावा विडियो गीत देखने का
कोई जरिया नहीं हुआ करता था। गीत अच्छी खासी कसरत करवा देता
है, सितारों की भीड़ जो है इसमें। राज कुमार कोहली निर्देशित फिल्म
में काफी भव्य सेट इस्तेमाल किये गए थे। इस गीत के फिल्मांकन में
सबसे ज्यादा व्यय हुआ होगा। इस गीत में 'जम्पिंग जैक' साहब ने जो
वस्त्र पहन रखे हैं उनकी नक़ल काफी देखने को मिली थी फिल्म के
रिलीज़ के कुछ समय बाद। एक बात तो तय है कि इस गीत में जीतू
भाई ने अपनी ट्रेड मार्क जम्पिंग बहुत कम की है ।

गीत में आपको जो कलाकार दिखाई देंगे उनके नाम इस प्रकार से हैं-
जीतेंद्र, नीतू सिंह, बिंदिया गोस्वामी, और सारिका।



गीत के बोल:

तेरे हाथों में पहना के चूड़ियाँ, ओ चूड़ियाँ
हाथों में पहना के चूड़ियाँ
ओ तेरे हाथों में पहना के चूड़ियाँ
के मौज बंजारा ले गया, हाय
के मौज बंजारा ले गया, ले गया

तेरे हाथों में पहना के चूड़ियाँ

तूने दिल तक तो मेरा ले लिया, ओ ले लिया
दिल तक तो मेरा ले लिया
तूने दिल तक तो मेरा ले लिया
के वो क्या बेचारा ले गया, हाय
के वो क्या बेचारा ले गया, ले गया
तूने दिल तक तो मेरा ले लिया

मेरे सामने ही कोई बेगाना
मेरे सामने ही कोई बेगाना
के रूप का नज़ारा ले गया, हाय
के रूप का नज़ारा ले गया ले गया

तू जलता है क्यों रे दीवाने
दीवाने,
तू जलता है क्यों रे दीवाने
के वो क्या तुम्हारा ले गया, हाय
के वो क्या तुम्हारा ले गया, ले गया

तेरे हाथों में पहना के चूड़ियाँ

हो, इसे मेरे ही तू नाम लगा दे
इसे मेरे ही तू नाम लगा दे
जवानी तेरे किस काम की
इसे मेरे ही तू नाम लगा दे
जवानी तेरे किस काम की

दिल लेगा मेरा कोई दिलवाला
दिल लेगा मेरा कोई दिलवाला
ये बात नहीं तेरे बस की, बस की
आज हुस्न का जलवा दे-दे
आज हुस्न का जलवा दे-दे
तो कल से मैं तौबा कर लूं हाय
तो कल से मैं तौबा कर लूं, कर लूं
आज हुस्न का जलवा दे-दे
साल सत्रह संभाला इसे मैंने
ओ मैंने
साल सत्रह संभाला इसे मैंने
रे ऐसे कैसे तुझे सौंप दूं, हाय
ऐसे कैसे तुझे सौंप दूं , सौंप दूं

तेरे हाथों में पहना के चूड़ियाँ

तेरे होंठों से लिपट जाऊं सजनी
मैं सुर्खी का रंग बन के हाय
तेरे होंठों से लिपट जाऊं सजनी
मैं सुर्खी का रंग बन के
तेरे जैसे कई
तेरे जैसे कई लुट गए कुंवारे
पायल मेरी जब छनके जब छनके,
जब छनके
गोरा रंग ना किसी का होवे
गोरा रंग ना किसी का होवे
के सारा जग बैरी हो जाए
सारा जग बैरी हो जाए, हो जाए
सारे जग से निपट लूं अकेली, अकेली
सारे जग से निपट लूं अकेली
के पहले तू जो मेरा हो जाए, हाय
के पहले तू जो मेरा हो जाए, हो जाए

छोडो झगडे मिला लो दिल को
छोडो झगडे मिला लो दिल को
रहो ना ऐसे तन-तन के, हाय
ना रहो ऐसे तन तन के, तन तन के
तेरे घर में उजाला कर दे
तेरे घर में उजाला कर दे
तू ले जा इसे दूल्हा बन के हाय
तू ले जा इसे दुल्हन बन के
दूल्हा बन के

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Jan 23, 2010

देखो रूठा है-दहशत १९८१

सारिका के नाम से एक गीत याद आ गया । सारिका कुछ
गीतों में बहुत ज्यादा हिली डुली हैं , उसका एक नमूना है ये।
फिल्म का नाम है दहशत । इस फिल्म में बप्पी लहरी का
संगीत है। रामसे बंधुओं की इस होरर फिल्म ने बॉक्स ऑफिस
पर भी दहशत मचा दी अर्थात फिल्म ज्यादा नहीं चली। फिल्म के
शुरुआती दृश्य Dracula: Prince of darkness से थोड़े प्रेरित
हैं। गीत गाया है आशा भोंसले ने। ये भी एक बरसाती गीत है।



गीत के बोल:

हा, देखो झूठा है, हमसे रूठा है
दिल जिसका मतवाला है
देखो झूठा है, हमसे रूठा है
दिल जिसका मतवाला है

कैसे समझाऊँ, कैसे मैं मनाऊँ
कैसे समझाऊँ, कैसे मैं मनाऊँ
मेरा यार गुस्सेवाला है
मेरा यार गुस्सेवाला है

देखो झूठा है, हमसे रूठा है
दिल जिसका मतवाला है

मौसम में नशा है
प्यार में मज़ा है
बैठे हो क्यूँ गुमसुम
धरती से गगन मिले
फूलों से पवन मिले
क्यूँ ना मिले हम तुम

मौसम में नशा है
प्यार में मज़ा है
बैठे हो क्यूँ गुमसुम
धरती से गगन मिले
फूलों से पवन मिले
क्यूँ ना मिले हम तुम

हो, कैसे समझाऊँ, कैसे मैं मनाऊँ
कैसे समझाऊँ, कैसे मैं मनाऊँ
मेरा यार गुस्सेवाला है
मेरा यार गुस्सेवाला है

देखो झूठा है, हमसे रूठा है
दिल जिसका मतवाला है

दिल का तोहफा लायी हूँ
नज़रें चुराए हुए
छोडके पिया तू
कहाँ चाल दिया तू
मूंह को फुलाये हुए

दिल का तोहफा लायी हूँ
नज़रें चुराए हुए
छोडके पिया तू
कहाँ चाल दिया तू
मूंह को फुलाये हुए

अरे, कैसे समझाऊँ, कैसे मैं मनाऊँ
कैसे समझाऊँ, कैसे मैं मनाऊँ
मेरा यार गुस्सेवाला है
मेरा यार गुस्सेवाला है

देखो झूठा है, हमसे रूठा है
दिल जिसका मतवाला है

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