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Jun 20, 2011

अभी अभी थी दुश्मनी-ज़ख़्मी १९७५

एक मनोरंजक और नटखट गीत देखते हैं। आखिर
बहुत दिन हो गये हैं हमें ऐसा गीत सुने। फिर हमें
सौम्यता का स्वर्ण पदक भी तो नहीं प्राप्त करना है
ब्लॉग पुरस्कारों में।

जवानी के दौर में जब आप किसी लड़की की ऊँगली मुंह
में डालते हैं तो दिल के अन्दर से व्ह्यऊँ व्ह्यऊँ ट्यून ट्यून
की ध्वनियाँ निकलने लगती है। गीत की शुरुआत में इसे
बड़े ही अनोखे अंदाज़ में दिखाया गया है। जो भी पाठक
जवानी के दौर में हैं या गुज़र चुके हैं उन्होंने इसे ज़रूर
महसूस किया होगा। युवा रीना राय और राजेश रोशन पर
फिल्माया गया ये गीत लता मंगेशकर का गाया हुआ
है, इसे लिखा गौहर कानपुरी ने और संगीत से संवारा
है बप्पी लहरी ने।






गीत के बोल:

अभी अभी थी दुश्मनी अभी है दोस्ती
दिल विल मेरी मंजिल नहीं
चली रे
अभी अभी थी दुश्मनी अभी है दोस्ती
दिल विल मेरी मंजिल नहीं
चली रे

हा, छोड़ ना

गोरी गोरी बाहों को अरे अरे छोडो जी
देखो इन अदाओं से नाता नहीं जोड़ो जी
गोरी गोरी बाहों को अरे अरे छोडो जी
देखो इन अदाओं से नाता नहीं जोड़ो जी
इसके आगे प्यार है, प्यार बेकार है

अभी अभी थी दुश्मनी अभी है दोस्ती
दिल विल मेरी मंजिल नहीं
चली रे

ऐसे ही अकेले में प्यार किया जाता है
कसम खायी जाती है वादा किया जाता है, हा
ऐसे ही अकेले में प्यार किया जाता है
कसम खायी जाती है वादा किया जाता है
बाद में फिर शादी है, शादी में बर्बादी है


अभी अभी थी दुश्मनी अभी है दोस्ती
दिल विल मेरी मंजिल नहीं
चली रे
ला ला ला ला ला ला ला ला ला
चली रे
..................................
Abhi abhi thi dushmani-Zakhmi 1975

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Nov 25, 2010

ऐसी वैसी ना समझ सजना -जानी दुश्मन १९७९

रीना रॉय फिल्मों में सुनील दत्त और शत्रुघ्न सिन्हा के साथ बहुत
देखी गयीं। एक फिल्म है जिसमे सुनील दत्त और शत्रुघ्न सिन्हा
दोनों मौजूद हैं। इसमें उनकी जोड़ी बनाई गई है सुनील दत्त के साथ।
शत्रुघ्न रीना के पीछे भागते नज़र आते हैं और रेखा शत्रुघ्न के पीछे।

इस गीत में रीना शत्रुघ्न को जवाब दे रही हैं गीत के माध्यम से।
बड़ा ही कन्फ्युज़ियाना जवाब है जिससे ये स्पष्ट नहीं होता कि नायिका
के मन में क्या है। फिल्म इसलिए तो देखी जाती है। सारी कहानी यहाँ
छाप दी तो मज़ा किरकिरा हो जायेगा ना। गायिका हैं आशा भोंसले
और गीत लिखा है वर्मा मालिक ने।



गीत के बोल:

ऐसी वैसी ना समझ सजना
ऐसी वैसी ना समझ सजना
जान दे दूँगी या जान ले लूंगी
ऐसी वैसी ना समझ सजना
ऐसी वैसी ना समझ सजना
जान दे दूँगी या जान ले लूंगी
ऐसी वैसी ना समझ सजना

इतने तो मेरा दिल भी जानता ज़रूर है
कितनी तू मेरे पास है और कितनी तू दूर है

काटों या फूल जो भी चाहे इसपे डाल दे
काटों या फूल जो भी चाहे इसपे डाल दे
मैंने तो ज़िन्दगी का दामन बिछ दिया
मैंने तो ज़िन्दगी का दामन बिछ दिया
दामन बिछ दिया
अभी तू ना समझे, मुझे अपना हाँ
मुझे अपना हाय, मुझे अपना

ऐसी वैसी ना समझ सजना
ऐसी वैसी ना समझ सजना
जान दे दूँगी या जान ले लूंगी
ऐसी वैसी ना समझ सजना

जो देख रहा हूँ कहीं ख्वाब तो नहीं है
काटों के बीच छुपा कहीं गुलाब तो नहीं है

इस कदर तू आ दिल के करीब है
इस कदर तू आ दिल के करीब है
लगता है मेरे प्यार का तू नसीब है
नसीब है

मैंने जो कहा उसे याद, हाँ याद
ज़रा याद रखना

ऐसी वैसी ना समझ सजना
ऐसी वैसी ना समझ सजना
जान दे दूँगी या जान ले लूंगी
ऐसी वैसी ना समझ सजना

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Nov 24, 2010

नहीं लगता हाय दिल तेरे बिना -जेल यात्रा १९८१

एक गीत फिल्म जेल यात्रा से। उनींदे से विनोद खन्ना हडबडा के उठ
बैठते हैं जब कानों में नायिका रीना रॉय का गीत सुनाई पड़ता है। पूरे
गीत में वो हैरान से दिख रहे हैं। मजरूह के लिखे और लता मंगेशकर
के गाये गीत को संगीत में बांधा है राहुल देव बर्मन ने। इस गीत के बाद
आपको वो दो गीत सुनवायेंगे जो जेल यात्रा के इस गीत को सुनने के
बाद याद आते हैं।



गीत के बोल:

नहीं लगता हाय दिल तेरे बिना नहीं लगता
नहीं लगता हाय दिल तेरे बिना नहीं लगता

आज गले मिलके मर जाऊं
एक यही है रास्ता
तन्हा रहना रोज तड़पना
मुझसे ना हो सकता


नहीं लगता, लगता
नहीं लगता हाय दिल तेरे बिना नहीं लगता
हो नहीं लगता हाय दिल तेरे बिना नहीं लगता

आज गले मिलके मर जाऊं
एक यही है रास्ता
तन्हा रहना रोज तड़पना
मुझसे ना हो सकता

नहीं लगता हाय दिल तेरे बिना नहीं लगता
हो नहीं लगता हाय दिल तेरे बिना नहीं लगता

इसे कहाँ ले के जाऊं मैं
के दो घडी चैन पाऊँ मैं

शोला सा रंग है
जलता बुझता अंग है
तेरी लगी कैसी बुझाऊँ मैं
आज मिलन की ओढ़ लगा दे
एक यही है रास्ता
तन्हा रहना रोज तड़पना
मुझसे ना हो सकता

नहीं लगता लगता
नहीं लगता हाय दिल तेरे बिना नहीं लगता
हो नहीं लगता हाय दिल तेरे बिना नहीं लगता

पिया बाहर फिर से आई है
नई वजह फिर से लायी है
मैं फिर से खो गई
दीवानी सी हो गई
मुझा पकड़ हाय दुहाई है
यारों की बाहों में गिर जाऊं
एक यही है रास्ता
तन्हा रहना रोज तड़पना
मुझसे ना हो सकता

नहीं लगता लगता
नहीं लगता हाय दिल तेरे बिना नहीं लगता
हो नहीं लगता हाय दिल तेरे बिना नहीं लगता

आज गले मिलके मर जाऊं
एक यही है रास्ता
तन्हा रहना रोज तड़पना
मुझसे ना हो सकता

नहीं लगता हाय दिल तेरे बिना नहीं लगता
हो नहीं लगता हाय दिल तेरे बिना नहीं लगता

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Nov 11, 2010

भैया रे भैया रे -जैसे को तैसा १९७३

'जैसे को तैसा' फिल्म का एक और गीत जो फिल्म में फिलर की तरह
इस्तेमाल किया गया है। 'फिलर' मतलब ऐसे गीत जो फिल्म में हों या
ना हों कोई फर्क नहीं पड़ेगा।



गीत के बोल:

भैया रे भैया रे
पाप की नैया रे
बीच तलैया रे
दुनिया कहती है
आज हो या कल
डूब के रहती है

ओ दैया रे दैया रे
पाप की नैया रे
बीच तलैया रे
दुनिया कहती है
आज हो या कल
डूब के रहती है

हे, भैया रे भैया रे
ओ दैया रे दैया रे

जो जैसा करता है, आ हा
वो वैसा भरता है , आ हा
के मरने वाला खुद भी मरता है
खुद भी मरता है, मरता है रे
जो जैसा, हाँ, करता है, हाँ
वो वैसा भरता है
के मरने वाला खुद भी मरता है, रे

कंस को मारे कन्हैया

भैया रे भैया रे
पाप की नैया रे
बीच तलैया रे
दुनिया कहती है
आज हो या कल
डूब के रहती है

हे, भैया रे भैया रे
ऐ दैया रे दैया रे

कहते हैं दिलवाले
सुन ले सब धन वाले
ये दोस्तों को दुश्मन बना डाले
दुश्मन बना डाले
कहते हैं दिलवाले, आ हा
सुन ले सब धन वाले, आ हा
ये दोस्तों को दुश्मन बना डाले
आ हा आ

ऐसे में भेद रुपैया

दैया रे दैया रे
पाप की नैया रे
बीच तलैया रे
दुनिया कहती है
आज हो या कल
डूब के रहती है

दैया रे दैया रे
भैया रे भैया रे

ऊपर से और है, आ हा
अन्दर से कुछ और है, आ हा
तू चोर है के ना जाने मोर है
मोर है
ऊपर से और है, हाँ
अन्दर से कुछ और है, हाँ
तू चोर है के ना जाने मोर है

तू है भंवर या खिवैया

भैया रे भैया रे
पाप की नैया रे
बीच तलैया रे
दुनिया कहती है
आज हो या कल
डूब के रहती है

हे, भैया रे भैया रे
दैया रे दैया रे
हे, भैया रे भैया रे
दैया रे दैया रे
हे, भैया रे दैया रे
भैया रे दैया रे
भैया रे दैया रे

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Mar 9, 2010

कई सदियों से-मिलाप १९७२

कुछ सदाबहार गीत गुमनाम से और अनजाने से संगीतकारों द्वारा
भी बनाये गए। हम गुनगुनाते रहते हैं गीतों को, और ध्यान नहीं देते
कि उसके निर्माण में कौन कौन जुड़ा है। आम श्रोता बमुश्किल गायक
का नाम ही याद रख पाता है। १९७२ कि एक फिल्म है मिलाप, जिसमे
शत्रुघ्न सिन्हा हीरो हैं और उनके साथ रीना रॉय नायिका हैं। ये गीत
दर्द भरा गीत नहीं है, इसमें तड़प भरी पुकार है , प्रेमी अपनी प्रेमिका को
दिल के भीतरी कोने से याद कर रहा है और आने का निवेदन कर रहा है।

मुकेश के सर्वश्रेष्ठ गीतों में से एक, जिसकी पुष्टि आकाशवाणी की फरमाईशों
से भी होती है। गीत लिखा है नक्श लायलपुरी ने और संगीतकार हैं ब्रज भूषण ।
नक्श लायलपुरी का नाम तो फिर भी सुना सा है मगर बृज भूषण प्रतिभा
होने के बावजूद गुमनामी के अँधेरे में कहीं गुम हो गए। ये बात और है जितने
भी गीत उन्होंने बनाये उन सब के मध्य से उन्होंने अपनी उपस्थिति दर्ज करायी
फिल्म संगीत के इतिहास में।

विडियो संस्करण में आपको संगीत के कुछ अतिरिक्त टुकड़े मिलेंगे जिससे आपका
सुनने का आनंद दुगना हो जायेगा । ये एक ऐसा गीत है जिसे ओर्केस्ट्रा कलाकार भी
ढंग से नहीं गा पाते हैं। ऊंची पट्टी पर पहुँचती मुकेश की आवाज़ की नक़ल मुश्किल
कार्य है।

गीत के बोल:

हो ओ ओ, ओ ओ ओ
हो ओ ओ, ओ ओ ओ
हो ओ ओ, ओ ओ ओ

कई सदियों से, कई जन्मों से
तेरे प्यार को तरसे मेरा मन
आ जा
आ जा के अधूरा है अपना मिलन
कई सदियों से, कई जन्मों से
कई सदियों से, कई जन्मों से
तेरे प्यार को तरसे मेरा मन
आ जा
आ जा के अधूरा है अपना मिलन

कई सदियों से

राहों में कहीं, नज़र आया
अपने ही ख्यालों का साया
राहों में कहीं, नज़र आया
अपने ही ख्यालों का साया
कुछ देर मेरा मन, लहराया
हो ओ ओ, ओ ओ ओ, फिर डूब गाई आशा की किरण
आ जा
आ जा के अधूरा है अपना मिलन

कई सदियों से, कई जन्मों से
कई सदियों से, कई जन्मों से
तेरे प्यार को तरसे मेरा मन
आ जा
आ जा के अधूरा है अपना मिलन
कई सदियों से

सपनों से मुझे, ना यूँ बहला
पायल के खोये गीत जगा
सपनों से मुझे, ना यूँ बहला
पायल के खोये गीत जगा
सुनसान है जीवन की बगिया
हो ओ ओ, ओ ओ ओ, सूना है बहारों का आँगन
आ जा
आ जा के अधूरा है अपना मिलन

कई सदियों से, कई जन्मों से
कई सदियों से, कई जन्मों से
तेरे प्यार को तरसे मेरा मन
आ जा
आ जा के अधूरा है अपना मिलन

कई सदियों से

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Mar 1, 2010

होली में हौले हौले-इंसान १९८२

होली के अवसर पर हम वही गाने सुना करते हैं जो
ऑडियो कैसेट या सी डी पर उपलब्ध होते हैं। फिल्मों में
फ्लेश बैक में भी होली के गीत इस्तेमाल किये गए हैं।
नायिका होली के अवसर को याद कर रही है। एक छोटा
सा गीत है फिल्म इंसान से जिसे फिल्माया गया है रीना राय
और विनोद खन्ना पर। गायक हैं आशा रफी और शैलेन्द्र सिंह ।
गीत में जीतेंद्र और जयश्री टी भी नृत्य करते दिखाई देंगे। ये
लगभग नहीं के बराबर सुना हुआ गीत है ।



गीत के बोल:

ये रंग वो हैं जो ना मिटेंगे
हम ना रहे तो भी ये रहेंगे
ये रंग वो हैं जो ना मिटेंगे
हम ना रहे तो भी ये रहेंगे

काहे भिगोये जाते हो
आग लगाये जाते हो
काहे भिगोये जाते हो
आग लगाये जाते हो


फिर ना बुझेंगे ये शोले
ये शोले

होली में, हो हो होली में
होली में, हो हो होली में

होली में,
हौले हौले दिल डोले, हो होली में

गोरी ने घूंघट के पट खोले
होली में

होली में, हाँ हाँ होली में
होली में, हो हो होली में
होली में, हो हो होली में
होली में, हो हो होली में

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Feb 19, 2010

ये ऑंखें देख कर हम- धनवान १९८१

समय से आगे का संगीत देने वाला संगीतकार-जी हाँ
हम ऐसे ही जानेंगे हृदयनाथ मंगेशकर को क्यूंकि स्वयं लता
ने उनके बारे में ऐसा कहा है जो हृदयनाथ कि बहन हैं। उनकी
धुनें थोड़ी अलग सी तो सुनाई देती हैं इसमें कोई शक नहीं ।
ये गीत है फिल्म धनवान से जिसमे राजेश खन्ना रीना रॉय और
राजेश खन्ना प्रमुख कलाकार हैं। तीनों के नाम 'र' से शुरू होते हैं।
खेतों में बजूका अक्सर सफ़ेद रंग कि पोषक में खड़ा किया जाता है।
गीत शुरू होते समय ऐसा लगता है बजूका अपने बांस से कूद के
ज़मीन पे उतर आया हो और उसने हरे भरे बगीचे /खेत में नाचना
शुरू कर दिया हो। अरे ये तो हीरो है जो हाथ में दो ओरेंज कैंडी लेके
झूमता हुआ नायिका के पास आ रहा है और जल्दी ही गीत गानेवाला
है। गीत गाया है लता और सुरेश वाडकर ने। 'झेंपना' जैसा शब्द कौन
गीतकार इस्तेमाल कर सकता है-पहचानिए ??



गीत के बोल:

ये ऑंखें देख कर हम सारी दुनिया भूल जाते हैं
ये ऑंखें देख कर हम सारी दुनिया भूल जाते हैं
इन्हें पाने की
इन्हें पाने की धुन में हर तमन्ना भूल जाते हैं

तुम अपनी महकी महकी ज़ुल्फ़ के पेचों को कम कर दो
तुम अपनी महकी महकी ज़ुल्फ़ के पेचों को कम कर दो
मुसाफिर इनमें घिरकर अपना रास्ता भूल जाते
भूल जाते हैं

ये ऑंखें देख कर हम सारी दुनिया भूल जाते हैं

ये बाँहें जब हमें अपनी पनाहों में बुलाती हैं
ये बाँहें जब हमें अपनी पनाहों में बुलाती हैं
हमें अपनी क़सम
हमें अपनी क़सम हम हर सहारा भूल जाते हैं

तुम्हारे नर्म-ओ-नाज़ुक होंठ जिस दम मुस्कुराते हैं
तुम्हारे नर्म-ओ-नाज़ुक होंठ जिस दम मुस्कुराते हैं
बहारें झेंपती हैं फूल खिलना भूल जाते हैं

ये ऑंखें देख कर हम सारी दुनिया भूल जाते हैं

बहुत कुछ तुम से कहने कि तमन्ना दिल में रखते हैं
बहुत कुछ तुम से कहने कि तमन्ना दिल में रखते हैं
मगर जब सामने आते हैं कहना भूल जाते हैं

मुहब्बत में जुबां चुप हो तो ऑंखें बात करतीं हैं
मुहब्बत में जुबां चुप हो तो ऑंखें बात करतीं हैं
वो कह देती हैं सब बातें जो कहना भूल जाते हैं

ये ऑंखें देख कर हम सारी दुनिया भूल जाते हैं
ये ऑंखें देख कर हम सारी दुनिया भूल जाते हैं

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Feb 3, 2010

तेरे जैसा कोई खूबसूरत नहीं-बेजुबान १९८२

टुईं टुईं और टिर्र टुर्र की ध्वनियाँ मेरी प्रिय रही हैं। पिछले गीत से याद
आया एक और गीत। इसकी शुरुआत से आपको लगेगा कोई हास्य /
कॉमेडी गीत शुरू होने वाला है। हकीकत में ये एक रोमांटिक गीत है।
एक ज़माने में फोटो खींचना विसेष शौक माना जाता था। जनता बड़ी
तबियत से फोटो खींचा करती चाहे खींचना आता हो या नहीं। यादगार
पलों को कैद करने का ये एक अच्छा तरीका हुआ करता था, अब भी
है मगर इसका क्रेज कम हो गया है। गीत में इस बात को बल दिया गया
है-"हर सफल आदमी के पीछे एक औरत रहती है" अब वो चाहे पीछे वाले
मकान में ही क्यूँ ना रहती हो, रहती ज़रूर है। परदे पर इसे शशि कपूर गा
रहे हैं रीना रॉय के लिए।

गीत में आपको युवा रीता भादुड़ी और नसीरूदीन शाह दिख जायेंगे
राज किरण के साथ। गीत हा रहे हैं किशोर कुमार राम लक्षमण के
संगीत निर्देशन में।




गाने के बोल:

पढ़ते रहिये, गाने के बोल समय आने पर चिपका दिए जायेंगे

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Dec 30, 2009

आईने कुछ तो बता-जादू टोना १९७७

फिरोज खान को येसुदास की आवाज़ पे होंठ हिलाते देखना
थोडा अजीब सा लगा। गाना मधुर है इसलिए ये तथ्य भी हजम
हो गया। हेमंत भोंसले की धुन पर फिल्म जादू टोना के लिए
येसुदास ने एक मधुर गीत गाया है। सा १९७७ में येसुदास के
गीत दूसरी फिल्मों में भी सुनाई दिए। रीना रॉय की शान में ये
गीत गाया जा रहा है। कुछ भी हो ये मेरे ख्याल से फिरोज खान
के लिए एक दार्शनिक प्रेमी के अंदाज़ में गाने का एकलौता
अनुभव होना चाहिए। बालकवि बैरागी ने इस गीत को लिखा है।
उन्होंने कुछ हिंदी फिल्मों में गीत लिखे, सबसे ज्यादा चर्चित हुए
फिल्म रेशमा और शेरा के गीत।



गीत के बोल:

आईने कुछ तो बता, उनका तो हमराज़ है तू
आईने कुछ तो बता

मखमली जुल्फ बना ले वो जब आयेंगे ना
पहले उस चाँद से मुखड़े की बालाएं लेना
फिर जुबान तुझको जो मिल जाए तो सरगोशी में
हुस्न को और निखारने की दुआएं देना

उनकी तन्हाई में इस इश्क की आवाज़ है तू
आईने कुछ तो बता, उनका तो हमराज़ है तू
आईने कुछ तो बता

कभी घबराये हुए भी तो वो आते होंगे
दिल की धड़कन को रुखसार पे पाते होंगे
काँपता जिस्म संभाले ना संभालता होगा
अपनी आँखों से भी वो आंख चुराते होंगे

इतना गुमसुम है की खुद उनका एक अंदाज़ है तू
आईने कुछ तो बता, उनका तो हमराज़ है तू
आईने कुछ तो बता, उनका तो हमराज़ है तू
आईने कुछ तो बता

रंग ए रुख क्या कभी कुछ और निखर जाता है
पलकें झुकती है तो क्या रूप संवर जाता है
क्यूँ ये खोये से वो जब कुछ सोच के हँसते हैं
क्या कोई नाम भी होंठों पे उभर जाता है

उनके जज्बात की थहमी हुई आवाज़ है तू
आईने कुछ तो बता, उनका तो हमराज़ है तू
आईने कुछ तो बता, उनका तो हमराज़ है तू
आईने कुछ तो बता

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Dec 29, 2009

छोड़ो छोड़ो मेरी राहें-हथकड़ी १९८२

डिस्को की लहर हमारे देश में सन १९८१ के आसपास आई।
ये गीत डिस्को गीतों में बहुत बजने वाला गीत है। क़र्ज़ फिल्म के
किशोर के गाये गीत के बाद शायद यही सबसे ज्यादा बजा। इसके
गीतकार हैं मजरूह सुल्तानपुरी । गीत के बोल साफ सुथरे हैं और
संगीत भी शोरगुल की सीमा तक नहीं पहुँच रहा है। गायिका है
आशा भोंसले और इसके संगीतकार बप्पी लहरी। रीना राय पर
फिल्माया गया ये गीत देखने जनता दोबारा सिनेमा हाल में जाती
थी।



गीत के बोल:

कोरस :तू तू, तू तू, तू तू, तू तू , व्हाऊँ व्हाऊँ
कोरस :तू तू, तू तू, तू तू, तू तू , व्हाऊँ व्हाऊँ


कोरस : डिस्को स्टेशन, डिस्को
डिस्को स्टेशन, डिस्को
डिस्को स्टेशन, डिस्को
डिस्को स्टेशन, डिस्को

आशा: ओ छोड़ो छोड़ो मेरी राहें, मेरी बाहें आ,आ,आ
ओ छोड़ो छोड़ो मेरी राहें, मेरी बाहें आ,आ,आ
कोरस : ये है प्यार की हथकड़ी

डिस्को स्टेशन, डिस्को
डिस्को स्टेशन, डिस्को

कोरस :ला, ला ला ला, ला ला ला
कोरस :ला, ला ला ला, ला ला ला
कोरस :ला, ला ला ला, ला ला ला

आशा: गाड़ी आई वो ना आया आई बन ठन के मैं
बड़ी बड़ी आँखें लिये खड़ी जंक्शन पे मैं
तौबा नज़र किससे लड़ी
कोरस : लग गई प्यार की हथकड़ी
आशा: डिस्को स्टेशन, डिस्को

आशा: ओ छोड़ो छोड़ो मेरी राहें, मेरी बाहें आ,आ,आ

कोरस :तू तू, तू तू, तू तू, तू तू , व्हाऊँ व्हाऊँ
कोरस :तू तू, तू तू, तू तू, तू तू , व्हाऊँ व्हाऊँ

आशा: सीटी बजी टी. टी. करूँ क्या मैं हसीं
दिल डरे पास मेरे टिकट भी तो नहीं
मुश्किल ये आन कैसी पड़ी
कोरस : पड़ गई प्यार की हथकड़ी
आशा: डिस्को स्टेशन, डिस्को
कोरस : डिस्को स्टेशन, डिस्को

आशा: छोड़ो छोड़ो मेरी राहें, मेरी बाहें आ,आ,आ

कोरस :दिर दारा दिर दारा दिर दारा दिर दारा
कोरस :दिर दारा दिर दारा दिर दारा दिर दारा

आशा: रोको नहीं लोगो मुझे ठोकरें खाने दो
गले लगो प्यार कर लो पर मुझे जाने दो
मैं तो चली उसकी गली
कोरस : पहन के प्यार की हथकड़ी
आशा: डिस्को स्टेशन, डिस्को
कोरस : डिस्को स्टेशन, डिस्को

आशा: ओ छोड़ो छोड़ो मेरी राहें, मेरी बाहें आ,आ,आ
छोड़ो छोड़ो मेरी राहें, मेरी बाहें आ
आशा :डिस्को स्टेशन, डिस्को
कोरस :डिस्को स्टेशन, डिस्को

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