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Aug 9, 2020

हम भूल गये रे हर बात-सौतन की बेटी १९८९

सावन कुमार ने अपना फ़िल्मी कैरियर बतौर निर्माता शुरू
किया था. फिल्म का नाम है नौनिहाल. इसके बाद सन १९७१
की मीना कुमारी अभिनीत फिल्म गोमती के किनारे से उनका
निर्देशन का कैरियर प्रारंभ हुआ.

सावन कुमार बहुआयामी व्यक्तित्व के स्वामी हैं जहाँ तक
फिल्म के भिन्न भिन्न पहलुओं का सवाल है. उनके लिखे
हुए कई गीत बेहद लोकप्रिय हुए.

पुरस्कार उनसे दूर ही रहे. जाने क्यूँ पुरस्कारों को कई लोगों
से एलर्जी होती है. वैसे भी ले दे के वही काली औरत वाले
अवार्ड चले आये फिल्म उद्योग में ९० के दशक तक. उसके
बाद काफी सारे पुरस्कारों का आविष्कार हुआ. सूरत फिर भी
बहुत ज्यादा नहीं बदली और नए आविष्कारों से भी जनता
को शिकायत रहने लगी. वो नेपोटिस्म और पोटाइस्म इतना
ज्यादा हावी है यहाँ कि उससे अक्सर जनता को समझौता
ही करना पड़ता है.

सुनते हैं सौतन की बेटी से एक गाना जिसका संगीत तैयार
किया है वेदपाल वर्मा ने. इसे लता मंगेशकर ने गाया है.

ये गाना हालांकि एक पडोसी देश के गाने से प्रेरित है, यूँ
कहें काफी दोस्ताना है दोनों गानों में, जहाँ तक मुखड़े का
सवाल है. उसके बाद धुनें जुदा सी लगती हैं.





गीत के बोल:

हम भूल गये रे हर बात मगर तेरा प्यार नहीं भूले
हम भूल गये रे हर बात मगर तेरा प्यार नहीं भूले
क्या क्या हुआ दिल के साथ
क्या क्या हुआ दिल के साथ मगर तेरा प्यार नहीं भूले
हम भूल गये रे हर बात मगर तेरा प्यार नहीं भूले
.
.
.
.
…………………………………………………………………
Ham bhool gaye re har baat-Souten ki beti 1989

Artist: Rekha

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Mar 21, 2020

कमरे में बंद सोनिये-ओ बेवफा १९८०

८० के दशक में कुछ गीत खूब गूंजा करते थे. उन्हीं
में से एक आज सुनते हैं. सुरेश वाडकर ने काफी सारे
गीत गा लिए हैं अपने फ़िल्मी कैरियर में. उनके फेमस
गीतों की लिस्ट तैयार करें तो इस गीत को भी उसमें
जगह मिल जायेगी.

ओह बेवफा फिल्म के गीत सावन कुमार टाक ने लिखे
हैं. संगीत है वेदपाल वर्मा का जो पंजाबी और हरयाणवी
फ़िल्मी गैर फ़िल्मी गीत-लोकगीत क्षेत्र में जाना पहचाना
नाम है.



गीत के बोल:

ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
कमरे में बंद सोणिये
तुझे जिस घडी रब ने बनाया
ते सोचा विच रब पे गया
दूजा चाँद कहा से चढ़ आया
कमरे में बंद सोणिये
तुझे जिस घडी रब ने बनाया
ते सोचा विच रब पे गया
दूजा चाँद कहा से चढ़ आया
हो कमरे में बंद सोणिये

आँखें हैं या फूल कमल के
होंठ है या दो शेर गज़ल के
हो हो हो हो हो
आँखें हैं या फूल कमल के
होंठ है या दो शेर गज़ल के
शेर गज़ल के
मेहमान बन के मेरा
देखो यार मेरे घर आया

ते सोचा विच रब पे गया
दूजा चाँद कहा से चढ़ आया
हो कमरे में बंद सोणिये

तुमको कही अब जाने न दूंगा
गैर को हाथ लगाने न दूंगा
होए होए होए ओए ओए
तुमको कही अब जाने न दूंगा
गैर को हाथ लगाने न दूंगा
लगाने न दूंगा
देखा है जबसे तुम्हें मैंने
सपना यही है सजाया
ते सोचा विच रब पे गया
दूजा चाँद कहा से चढ़ आया

हो कमरे में बंद सोणिये
तुझे जिस घडी रब ने बनाया
ते सोचा विच रब पे गया
दूजा चाँद कहा से चढ़ आया
हो कमरे में बंद सोणिये
……………………………………..
Kamre mein band soniye-Oh bewafa 1980

Artists: Anil Dhawan, Yogita Bali

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Jan 26, 2020

ओ शहीदों तुमपे-दिल परदेसी हो गया २००३

आज २६ जनवरी के अवसर पर सुनते हैं एक देशभक्ति
गीत जिसमें शहीदों को श्रद्धांजलि दी जा रही है और याद
किया गया है उनके शौर्य के लिए. उन्हें धन्यवाद दिया
गया है उनके अमूल्य योगदान के लिए.

गीत सोनू निगम ने गाया है और इसे आशुतोष राणा पर
फिल्माया गया है गीतकार सावन कुमार और संगीतकार हैं
उषा खन्ना. इस गीत में सावन कुमार ने सावन शब्द का
प्रयोग कर लिया है.




गीत के बोल:

ओ शहीदों ओ शहीदों
ओ शहीदों ओ शहीदों
तुमपे सारे देश को अभिमान है
तुमपे सारे देश को अभिमान है
जान दी तुमने वतन पे
जान दी तुमने वतन पे हमपे ये एहसान है
ओ शहीदों ओ शहीदों
तुमपे सारे देश को अभिमान है
तुमपे सारे देश को अभिमान है

दुश्मनों की लाशों को भी हमने तो इज्ज़त बख्श दी
दुश्मनों की लाशों को भी हमने तो इज्ज़त बख्श दी
घर में अपने घर दिया ये शान-ए-हिन्दुस्तान है
घर में अपने घर दिया ये शान-ए-हिन्दुस्तान है
ओ शहीदों ओ शहीदों
तुमपे सारे देश को अभिमान है
तुमपे सारे देश को अभिमान है

दिल का टुकड़ा दे दिया हमने तो भाई जान कर
दिल का टुकड़ा दे दिया हमने तो भाई जान कर
प्यार को कमजोरी समझा कितना बेईमान है
प्यार को कमजोरी समझा कितना बेईमान है
ओ शहीदों ओ शहीदों
तुमपे सारे देश को अभिमान है
तुमपे सारे देश को अभिमान है

ना करो गुमराह
ना करो गुमराह लोगों को धर्म के नाम पर
ना करो गुमराह लोगों को धर्म के नाम पर
अगर खुदा तेरा है तो मेरा भी निगेहबान है
अगर खुदा तेरा है तो मेरा भी निगेहबान है
ओ शहीदों ओ शहीदों
तुमपे सारे देश को अभिमान है
तुमपे सारे देश को अभिमान है

ना उठा ना उठा
ना उठा नापाक नज़रें मेरी सरहद की तरफ़
ना उठा नापाक नज़रें मेरी सरहद की तरफ़
भून कर रख दूंगा मेरा नाम हिन्दुस्तान है
भून कर रख दूंगा मेरा नाम हिन्दुस्तान है
ओ शहीदों ओ शहीदों
तुमपे सारे देश को अभिमान है
तुमपे सारे देश को अभिमान है

फिर जो छेड़ी फिर जो छेड़ी
फिर जो छेड़ी जंग तो बरसेगा सावन खून का
फिर जो छेड़ी जंग तो बरसेगा सावन खून का
नक्शों से मिट जायेगी जो भी तेरी पहचान है
नक्शों से मिट जायेगी जो भी तेरी पहचान है
ओ शहीदों ओ शहीदों
तुमपे सारे देश को अभिमान है
तुमपे सारे देश को अभिमान है
जान दी तुमने वतन पे
जान दी तुमने वतन पे हमपे ये एहसान है
ओ शहीदों ओ शहीदों
ओ शहीदों ओ शहीदों
…………………………………………………..
O shaheedon tumpe-Dil pardesi ho gaya 2003

Artist: Ashutosh Rana

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Dec 19, 2019

मुबारकां मुबारकां-दिल परदेसी हो गया २००३

फिल्म दिल परदेसी हो गया से एक और गीत सुनते हैं.
पूरी पिक्चर में हीरोईन का स्माइल प्लीझ कार्यक्रम दिख
रहा है जिसके बारे में हम आपको बतला ही चुके हैं पहले.

टूथपेस्ट बनाने वाली कम्पनियाँ फ़िल्में शायद कम देखती
हैं, अक्सर उनके विज्ञापनों में मॉडल ज्यादा नज़र आती हैं
अभिनेत्रियों के बजाये. कुछ समय पहले जब नमक वाला
विज्ञापन आया था तब ज़रूर एक दो अभिनेत्रियां दिखीं थीं.

सुनते हैं सावन कुमार का लिखा गीत जिसे सुनिधि चौहान
ने गाया है उषा खन्ना की धुन पर.





गीत के बोल:

आज मेरे अंगना मेरा प्यार आया रे
आज मेरे अंगना मेरा प्यार आया रे
दिल ने जिसको चाहा वो दिलदार आया रे
मेरा सोणा सजन हाय सोणा सजन
ओ मेरा सोणा सजन घर आया
मेरा सोणा सजन घर आया
ईद हो गयी मेरी मुझे चाँद नज़र आ गया
मुबारकां मुबारकां मुबारकां मुबारकां
मुबारकां मुबारकां मुबारकां मुबारकां
हो मेरा सोणा सजन घर आया
………………………………………………
Mubarakaan mubarakaan-Dil pardesi ho gaya 2003

Artists: Saloni Aswani

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Dec 18, 2019

दिल परदेसी हो गया-शीर्षक गीत २००३

पूरी फिल्म में कोलगेट स्माइल बरकरार रखना आसान
काम नहीं है. अगर पहले दृश्य में १०० ग्राम की मुस्कान
थी तो १०० ग्राम ही पूरी फिल्म में सभी जगह रख पाना
कोई हंसी खेल नहीं है.

सुनते हैं २००३ की फिल्म दिल परदेसी हो गया से इसका
टाइटल गीत. सोनू निगम और अलका याग्निक ने इसे
गाया है, सावन कुमार के बोलों और उषा खन्ना की धुन
पर. कलाकार हैं कपिल झावेरी और सलोनी असवानी. इस
गीत में आपको मुश्ताक खान भी दिखाई दे जायेंगे.

मुस्कुराने के मामले में गुज़रे ज़माने की नायिका श्यामा
को महारत हासिल थी. जहां थोड़े की ज़रूरत रहती वहाँ
वो ज्यादा मात्रा में मुस्कुराया करती थीं.




गीत के बोल:

एक पाकिस्तानी चेहरा उसपे जुल्फों का पहरा
जैसे कोई पहना गया
जैसे कोई पहना गया दुल्हन को फूलों का सेहरा
मेरी नज़रों ने तेरे लबों को चूमा
मेरी नज़रों ने तेरे लबों को चूमा
दिल दिल दिल दिल
दिल परदेसी हो गया
दिल परदेसी हो गया

इस दिल को ये कैसा एहसास है
लगता है क्यूँ ऐसा तू कहीं पास है
तेरी खुशबू हवाओं में बिखरी हुई
लगती है ये शाम कुछ ख़ास है
झुकी झुकी नज़रों से चोरी चोरी देखा
झुकी झुकी नज़रों से चोरी चोरी देखा
दिल दिल दिल दिल
दिल परदेसी हो गया
दिल परदेसी हो गया

आँचल तेरा ख्यालों पे यूँ छा गया
रात में ही सवेरा नज़र आ गया
तेरी झांझर की गूंजी ये सदायें सनम
प्यार चुपके से सावन बरसा गया
चेहरे से जुल्फें हटा के जो देखा
चेहरे से जुल्फें हटा के जो देखा
दिल दिल दिल दिल
दिल परदेसी हो गया
दिल पारदेसी हो गया
आ आ आ आ आ

मोहब्बत है मेरा नाम नाम नाम
इश्क़ है मेरा काम काम काम
मेरी अदा क़ुर्बानी पर लोग करें बदनाम
बदनाम हूँ हूँ
दम है तो दामन उठा
दम है तो दामन उठा
वर्ना मैं चली सलाम सलाम सालम
हाय धीरे धीरे आँचल शान से ढलका
धीरे धीरे आँचल शान से ढलका
दिल दिल दिल दिल
दिल परदेसी हो गया
दिल परदेसी हो गया

एक पाकिस्तानी चेहरा उसपे जुल्फों का पहरा
जैसे कोई पहना गया
जैसे कोई पहना गया दुल्हन को फूलों का सेहरा
मेरी नज़रों ने तेरे लबों को चूमा
मेरी नज़रों ने तेरे लबों को चूमा
दिल दिल दिल दिल
दिल परदेसी हो गया
दिल परदेसी हो गया
दिल परदेसी हो गया
दिल परदेसी हो गया
…………………………………………….
Dil pardesi ho gaya-Titlesong 2003

Artists: Kapil Jhaveri, Saloni Aswani

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Nov 25, 2019

आज हमने आपके लिये-दिल परदेसी हो गया २००३

सुनते हैं एक ब्रेकफास्ट सॉंग. कुछ अलग हट के गीत
है ये. इसे गाया है सुदेश भोंसले और पिंकी-प्रीती की
जोड़ी वाली प्रीती ने.

गीतकार एक बार फिर से सावन कुमार हैं और संगीतकार
उषा खन्ना. इसे अमरीश पुरी और सलोनी असवानी पर
फिल्माया गया है. अमरीश पुरी एक शेफ़ की भूमिका
में दिखलाई दे रहे हैं.




गीत के बोल:

गुड मॉर्निंग गुड मॉर्निंग गुड मॉर्निंग
वेरी वेरी गुड वेरी गुड मॉर्निंग
आज हमने आपके लिए
आज हमने आपके लिए स्पेशल ब्रेकफास्ट बनाया है
आज हमने आपके लिए स्पेशल ब्रेकफास्ट बनाया है
दावत है हमको कबूल कहिये क्या क्या बनाया है

चलिए तशरीफ़ तो रखिये
चलिए चलिए तशरीफ़ तो रखिये
मोहब्बत की कुर्सी पर
थैंक यू 
ब्रेकफास्ट सजाया है
खुशियों के टेबल पर
ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला
ये प्यार की प्लेट है जिसमें ताज़ा ताज़ा ऑमलेट है
टोस्ट पे लगाया है मक्खन जज्बातों का
एहतराम करते हैं हम आपके ज़ज्बातों का
आज हमने आपके लिए स्पेशल ब्रेकफास्ट बनाया है
शुक्रिया आपका हुज़ूर एहसान फ़रमाया है

ममता के इस गिलास में गरम गरम है दूध
हाउ स्वीट
चैन-ओ-अमन के जार में फ्रेश फ्रेश है जूस
कुदरत के बागों से हम फ्रूट्स ले कर आये हैं
गुलशन से वफाओं के हम फूल चुन कर लाये हैं
ये करम है अल्लाह का और आपकी दुवाओं का
बिस्मिल्लाह कीजिये अजी बिस्मिल्लाह कीजिये
………………………………………………..
Aaj hamne aapke liye-Dil pardesi ho gaya 2003

Artists: Amrish Puri, Saloni Aswani

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Nov 3, 2019

छम छम नाचूंगी-दिल परदेसी हो गया २००३

हार्ट बिकेम नॉन रेसिडेंट फिल्म से अगला गाना पेश
है. ये एक युगल गीत है जिसे उदित नारायण और
अलका याग्निक ने गाया है.

गीतकार और संगीतकार वही है जो इस फिल्म के
पिछले गीत के लिए थे. नायक और नायिका भी वही हैं.



गीत के बोल:

बरसात हो और रात हो तन्हाई हो
तेरा साथ हो हो ओ ओ ओ ओ ओ
तो छम छम नाचूंगी मैं छम छम नाचूंगी
तो छम छम नाचूंगी मैं छम छम नाचूंगी
तेरा आँचल हो लड़का पागल हो
नैनों वाले तीरों से दीवाना तेरा घायल हो
ओ ओ ओ ओ ओ ओ
तो छम छम नाचूंगी मैं छम छम नाचूंगी
तो छम छम नाचूंगी मैं छम छम नाचूंगी

एक हसीं आईना हो तेरी सूरत हो
मैं तेरा सनम दीदार करूं
एक हसीं आईना हो तेरी सूरत हो
मैं तेरा सनम दीदार करूं
मैं तुझको छू लूं महसूस करूं
और नयी अदा से प्यार करूं
तू शर्माई मैं छेड़ूँ तुझे
बाहों में जानम मैं भर लूं तुझे
ओ ओ ओ ओ ओ ओ
तो छम छम नाचूंगी मैं छम छम नाचूंगी
तो छम छम नाचूंगी मैं छम छम नाचूंगी

डू डू डू डू डू ऐ हे हे आ हा आ

एक शमा जली हो दो चेहरे हों
एक तेरा हो एक मेरा हो
एक शमा जली हो दो चेहरे हों
एक तेरा हो एक मेरा हो
धडकन की सदाएं साँसों की गर्मी
कुछ तेरी हों कुछ मेरी हों
दो साये मिलें एक हो जाएँ
प्यार में दोनों खो जाएँ
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
तो छम छम नाचूंगी मैं छम छम नाचूंगी
तो छम छम नाचूंगी मैं छम छम नाचूंगी

बरसात हो और रात हो तन्हाई हो तेरा साथ हो
तेरा आँचल हो लड़का पागल हो
नैनों वाले तीरों से दीवाना तेरा घायल हो
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
तो छम छम नाचूंगी मैं छम छम नाचूंगी
जी तो छम छम नाचूंगी मैं छम छम नाचूंगी
हाँ तो छम छम नाचूंगी मैं छम छम नाचूंगी
रे तो छम छम नाचूंगी मैं छम छम नाचूंगी
…………………………………………………
Chham chaam nachoongi-Dil pardesi ho gaya 2003

Artists: Artists: Kapil Jhaveri, Saloni Aswani

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Nov 2, 2019

तू कौन कहाँ से आई है-दिल परदेसी हो गया २००३

निर्माता निर्देशक सावन कुमार को बेवफा-सौतन जैसे
शब्दों से ज्यादा पहचाना जाता है. अब वो परदेसी शब्द
वाली फिल्म बनायें तो जनता का अचंभित होना लाजमी
है. एक और अचम्भे की बात उषा खन्ना का सन २००३
में भी सक्रीय होना है. गुज़रे ज़माने या यूँ कहें बॉलीवुड
में संगीत के गोल्डन पीरियड में अपना कैरियर शुरू
करने वाली उषा खन्ना ने काफी लंबे अरसे तक अपनी
उपस्थिति को बनाये रखा.

सन २००३ में एक फिल्म नए कलाकारों के साथ आई
जिसमें कपिल झवेरी और सलोनी असवानी ने प्रमुख
भूमिकाएं निभाईं.

गीत सावन कुमार ने लिखा है और इसे उदित नारायण
ने गाया है. फिल्म की हीरोईन के चेहरे में सनम बेवफा
फिल्म की नायिका की झलक मिलती है.

सोनी  वीवो को धन्यवाद इस वीडियो के लिए. अगर हमारी
पोस्ट पसंद/नापसंद आई हो तो कमेन्ट करें. 




गीत के बोल:

ये ताजगी ये नाज़ुकी ये सादगी
तू कौन कहाँ से आई है
ये हुस्न कहाँ से लाई है
तू कौन कहाँ से आई है
ये हुस्न कहाँ से लाई है
तेरा नूर नहीं इंसानों सा
क्या खुदा से मिल कर आई है
क्या खुदा से मिल कर आई है

तेरी आँखें बातें करती हैं
जैसे लहरें मचलती हैं
क्या गुज़र हुआ है गुलशन से
या फूलों से नहा कर आई है
तेरा नूर नहीं इंसानों सा
क्या खुदा से मिल कर आई है
क्या खुदा से मिल कर आई है

अमृत का रस होंठों में भरा
क्या पाकीज़ा है नाम तेरा
धडकन की तरह से चलती है
क्या दिल बन कर आई है
तेरा नूर नहीं इंसानों सा
क्या खुदा से मिल कर आई है
क्या खुदा से मिल कर आई है

इस जहां में किसकी अमानत है
तू किसके दिल की मोहब्बत है
है कौन नसीबों वाला जिसकी
तू दुल्हन बन कर आई है
तेरा नूर नहीं इंसानों सा
क्या खुदा से मिल कर आई है
क्या खुदा से मिल कर आई है

तू कौन कहाँ से आई है
ये हुस्न कहाँ से लाई है
तेरा नूर नहीं इंसानों सा
क्या खुदा से मिल कर आई है
क्या खुदा से मिल कर आई है
………………………………………………………………..
Too kaun kahan se-Dil pardesi ho gaya 2003

Artists: Kapil Jhaveri, Saloni Aswani

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Aug 29, 2019

वैसे तो ज़माने में-बेवफा से वफ़ा १९९२

अगर किसी फिल्म के नाम में ये शब्द आते हैं-सौतन, बेवफा
इत्यादि तो जनता कयास लगा लेती थी-सावन कुमार की फिल्म
है. आज के समय में तो ये भी मालूम करना मुश्किल होता है
कि फिल्म बनाने वाला एन आर आई है या एन आर ए है.
(NRA-Non resident American)

सावन कुमार भी समय के साथ चलने वाले फिल्मकार रहे हैं.
सन १९९२ की फिल्म में उन्होने विवेक मुशरान और नगमा को
बतौर हीरो हीरोईन लिया. फिल्म के निर्माता भी वही हैं. ऐसा
साहस करने वाले फिल्म मेकर कम हुए हैं फिल्म जगत में
जिनका निर्माण और निर्देशन दोनों पर बराबर का दखल रहा
हो.

गीत सावन कुमार ने लिखा है और धुन बनाई है उषा खन्ना
ने. गीत गाया है आशा भोंसले ने. सावन कुमार अपने गीतों
में सावन शब्द डालने के लिए प्रसिद्ध रहे हैं मगर इस गीत
में वो शब्द नहीं है.

गीत नगमा की कुची-कू से शुरू होता है, अब ये निर्देशक ने
करने को बोला या नायिका ने अपने मन से किया मालूम नहीं.
विवेक मुशरान भी एक मासूम से हीरो हुए हैं. सीधे साधे से
दिखने वाले और आकर्षक हंसी के स्वामी विवेक ९० के दशक
के बाद फिल्मों में नहीं दिखाई दिए.



गीत के बोल:

वैसे तो ज़माने में बड़े लोग मिले हैं
वैसे तो ज़माने में बड़े लोग मिले हैं
बस प्यार के काबिल तो जी हमें आप मिले हैं
बस प्यार के काबिल तो जी हमें आप मिले हैं
वैसे तो ज़माने में बड़े लोग मिले हैं

दिल के दरवाज़े पर दस्तक तो कई बार हुई
दिल के दरवाज़े पर दस्तक तो कई बार हुई
दिल-ए-नादान दिल मेहमान जी हमें आप मिले हैं
बस प्यार के काबिल तो जी हमें आप मिले हैं
वैसे तो ज़माने में बड़े लोग मिले हैं

दिल की हसरत है सितारों से कोई मांग भरे
दिल की हसरत है सितारों से कोई मांग भरे
ऐसे साजन तो हज़ारों में जी हमें आप मिले हैं
बस प्यार के काबिल तो जी हमें आप मिले हैं
वैसे तो ज़माने में बड़े लोग मिले हैं
बस प्यार के काबिल तो जी हमें आप मिले हैं
बस प्यार के काबिल तो जी हमें आप मिले हैं
जी हमें आप मिले हैं
हाँ हमें आप मिले हैं
जी हमें बाप मिले हैं
जी हमें आप मिले हैं
.................................................................
Waise to zamane mein-Bewafa se wafa 1992

Artists: Nagma, Vivek Mushran

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Jun 13, 2018

कराची नहीं जावांगी-दिल परदेसी हो गया २००३

दिल परदेसी हो गया से एक गीत सुनिधि चौहान की
आवाज़ में.

हर मुद्दे पर गीत बनाना ज़रूरी है हिंदी फिल्म में.
यहाँ नहीं जाना, वहाँ नहीं जाना, टेम्पो में जाना, बस
में जाना, पिलेन में जाना, क्या यही बचा है गीतों के
लिए. और भी बहुत कुछ है जो हमने ढंग से एक्सप्लोर
नहीं किया है.

गीत सावन कुमार का है और संगीत उषा खन्ना का.




गीत के बोल:

पिण्डी चली जावांगी उई हुई
लाहौर चली जावांगी उई हुई
पिण्डी चली जावांगी लाहौर चली जावांगी
जित्थे वी ले जायेगा यार चली जावांगी
कराची नहीं
कराची नहीं जावांगी कराची नहीं जावांगी
ओये कराची क्यूँ नहीं जायेंगी कुड़िये
कराची मैं गई तो वहाँ फड्डा हो जायेगा
रे बलवा हो जायेगा चक्कू चल जायेंगे
छुरियां चल जाएंगी तलवारें खिंच जायेंगी

कराची नहीं
कराची नहीं जावांगी कराची नहीं जावांगी
कराची नहीं जावांगी कराची नहीं जावांगी

कराची के छोरे
छोरे छोरे छोरे छोरे
कराची के छोरे बड़े मनचले हैं
आशिक मिजाजी में सबसे पहले हैं
आप अगर नहले वो नहले पे दहले हैं
नहले पे दहले
इस्लामाबाद जावांगी मुल्तान चली जावांगी
इस्लामाबाद जावांगी मुल्तान चली जावांगी
जित्थे वी ले जायेगा यार चली जावांगी
कराची नहीं जावांगी कराची नहीं जावांगी
उई हुई

तारिक़ रोड पर कुछ मिल गए दीवाने
दीवाने दीवाने दीवाने
तारिक़ रोड पर कुछ मिल गए दीवाने
पीछे पीछे आ गए बात करने के बहाने
छेड़खानी कर के लगे मुझको सताने
सताने सताने सताने
जिसकी तरफ देखो लगे गली में बुलाने
मैंने जरा डांटा तो सबने कट्टा निकाला
इतने में देखा मैंने एक पुलिस वाला
पुलिस को बुलाया जान अपनी बचाने
वह भी लगा राग मुझे प्यार का सुनाने
ओ तुझे कार ले जावांगा अपनी बेगम बनावांगा
एक किरकेट टीम की
चौका छक्का चौका छक्का
हो एक किरकेट टीम की अम्मा बनावांगा
रे एक किरकेट टीम की अम्मा बनावांगा
मीरपुर जावांगी शिकारपुर जावांगी
मीरपुर जावांगी शिकारपुर जावांगी
जित्थे वी ले जायेगा यारा चली जावांगी
कराची नहीं जावांगी कराची नहीं जावांगी

कराची नहीं
कराची मैं गई तो वहां फड्डा हो जायेगा
रे बलवा हो जायेगा चक्कू चल जायेंगे
छुरियां चल जाएंगी तलवारे खिंच जाएगी
कराची नहीं
कराची नहीं जावांगी कराची नहीं जावांगी
कराची नहीं जावांगी कराची नहीं जावांगी
उई हुई उई हुई
...............................................
Karachi nahin jawangi-Dil pardesi ho gaya 2003

Artist: Saloni Aswani

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Jun 30, 2017

मेरी पहले ही तंग थी चोली-सौतन १९८३

फिल्म सौतन के २-३ गीत काफी लोकप्रिय हुए हैं. फिल्म में एक
होली वाला गीत भी है. गीतों में किसी शब्द के प्रयोग से कभी कभी
अलग अर्थ भी निकलते हैं. गद्य और पद्य में यही अंतर है. पद्य
की महिमा को अक्सर सन्दर्भ सहित भावार्थ में बखाना जाता है.
कल्पना करने का स्कोप काफी होता है दोनों में अगर कन्फ्यूज़न
हो तो याद करने का एक तरीका है-जो गधे के भी समझ आ जाए
वो गद्य. वेरी सिंपल.

एक शब्द है-तंग. इसके दो अर्थ हैं-परेशान और टाईट. कपडे तंग
होते हैं और व्यक्ति भी तंग हो सकता है. गीत में प्रयुक्त शब्द से
दोनों अर्थ लगाये जा सकते हैं. दोनों ही अर्थ में गीत पर कोई
फर्क नहीं पड़ेगा. तंग शब्द का तंज कसने में भी इस्तेमाल
किया जाता है.



गीत के बोल:

रंग लाल पीला नीला हरा नीला नीला
रंग लाल पीला नीला हरा नीला नीला
ओ मेरी पहले ही तंग थी चोली
ऊपर से आ गई बैरन होली
ज़ुल्म तूने कर डाला
प्यार में रंग डाला
ओ हो
मैं तो सरम से पानी पानी हो ली

हो तुझको सिलवा दूंगा नई चोली
के अब तू सोलह बरस की हो ली
ज़ुल्म तूने कर डाला
प्यार में रंग डाला
ओ हो हो
बिना बन्दूक चल गई गोली
ओ मेरी पहले ही तंग थी चोली

नई ना नई ना नई ना नई ना नई नई नई
नई ना नई ना नई ना नई ना नई नई नई

रंगीला रंगीला मौसम रंगीला मौसम आया
रंगीला रंगीला मौसम रंगीला मौसम आया
तेरे मेरे प्यार के चर्चे
होने लगे हैं गली गली
तेरे मेरे प्यार के चर्चे
होने लगे हैं गली गली
दुनिया वाले करने लगे हैं
बातें अब तो जली जली
दुनिया वाले करने लगे हैं
बातें अब तो जली जली
ओ हो हो
ज़ुल्म तूने कर डाला
प्यार में रंग डाला
मैं तो सरम से पानी पानी हो ली
मेरी पहले ही तंग थी चोली

साजन अब तो तुम बिन
हमसे रहा न जाएगा
ओ साजन अब तो तुम बिन
हमसे रहा न जाएगा
जल्दी ही दीवाना तेरा
डोली लेकर आएगा
जल्दी ही दीवाना तेरा
डोली लेकर आएगा

ए हाँ
ज़ुल्म तूने कर डाला
प्यार में रंग डाला
बिना बन्दूक चल गई गोली
हो तुझको सिलवा दूंगा नई चोली
के अब तू सोलह बरस की हो ली
ज़ुल्म तूने कर डाला
प्यार में रंग डाला
ओ हो हो
ज़ुल्म तूने कर डाला
प्यार में रंग डाला
मैं तो सरम से पानी पानी हो ली
मेरी पहले ही तंग थी चोली
……………………………………………………………………
Meri pehle hi tang thi choli-Souten 1983

Artist: Rajesh Khanna, Tina Munim

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Jun 28, 2016

अब वफ़ा का नाम न ले कोई-ओ बेवफा १९८०

कभी कभी किसी गीत को सुन कर लगता है किसी दिलजले ने
लिखा है. ऐसा ही एक किस्सा है खूबसूरत अल्फाजों में फिल्म
ओ बेवफा से. ये कारनामा किया है सावन कुमार टाक ने. इन्हें
आप कम मत समझिए, इन्होने एक से बढ़ कर एक गीत लिखे
हैं. पार्ट टाइम गीतकार बन कर इन्होने जो गज़ब ढाया है अपनी
कलम से वो किसी के लिए भी जलन का सबब बन सकता है.

बेवफा शब्द से उनका इश्क पुराना है और पुरानी शराब सर चढ
कर बोलती है. इनके जीवन में ज़रूर कोई ऐसा वाकया हुआ होगा
जिससे उनकी अभिव्यक्ति पर दीर्घ कालिक असर हुआ और उन्होंने
अपनी फिल्मों और गीतों के माध्यम से उसे व्यक्त किया.

फिल्म का निर्देशन भी सावन कुमार ने किया है और इस फिल्म
का संगीत तैयार किया है वेदपाल ने. फिल्म के प्रमुख कलाकार हैं
राजेंद्र कुमार, अनिल धवन, योगिता बाली, नाजनीन, टी पी जैन,
पिंचू कपूर, सुन्दर, आई एस जौहर और पेंटल. फिल्म से आपको
दो गीत इसके पहले सुनवाए जा चुके हैं. इसे हेमलता ने गाया है.
गीत राजेंद्र कुमार और योगिता बाली पर फिल्माया गया है.




गीत के बोल:

अब वफ़ा का नाम न ले कोई
अब वफ़ा का नाम न ले कोई
हमें बेवफा की तलाश है
पत्थर का दिल सीने में हो
हमें उस खुदा की तलाश है
अब वफ़ा का नाम न ले कोई
हमें बेवफा की तलाश है

मारे ज़माना ठोकरें
तरसा करें हम प्यार को
तरसा करें हम प्यार को
कभी देखे मुंह न बहार का
हमें उस दुआ की तलाश है

अब वफ़ा का नाम न ले कोई
हमें बेवफा की तलाश है

हमें गम नहीं उस पार था
तूफ़ान हमको अज़ीज़ है
तूफ़ान हमको अज़ीज़ है
जो डुबो दे साहिल पर हमें
उस नाखुदा की तलाश है

अब वफ़ा का नाम न ले कोई
हमें बेवफा की तलाश है

लगे आग अपने करार को
रोये तो रोने दो प्यार को
रोये तो रोने दो प्यार को
जो न भर सके कभी ज़ख्म को
हमें उस दवा की तलाश है

अब वफ़ा का नाम न ले कोई
हमें बेवफा की तलाश है
पत्थर का दिल सीने में हो
हमें उस खुदा की तलाश है
अब वफ़ा का नाम न ले कोई.
...............................................
Ab wafa ka naam na le koi-Oh Bewafa 1980

Artists-Rajendra Kumar, Yogita Bali

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Jun 23, 2016

अरे देख ली तेरी बम्बई-ओ बेवफा १९८०

इस फिल्म से आपको एक बरसाती गीत सुनवाया था पहले.
आज सुनेंगे बम्बई शहर की मुश्किलों पर किशोर कुमार क्या
कहते हैं. गीत की स्क्रिप्ट लिखी है सावन कुमार ने और
इसके संगीतकार हैं वेदपाल.

फिल्म ओ बेवफा का निर्देशन सावन कुमार टाक ने किया है.
वे सामाजिक और पारिवारिक फ़िल्में बनाते थे विशेषकर ऐसी
जो सौतन, बेवफा इत्यादि थीम के इर्द गिर्द केंद्रित हो. उनकी
फ़िल्में समस्या-पूर्ति कितनी करती थीं ये तो कहा नहीं जा
सकता मगर दर्शकों को उनकी फ़िल्में और फिल्मों का संगीत
बेहद भाता था. फिल्म में राजेंद्र कुमार, अनिल धवन, नाजनीन,
योगिता बाली, टी पी जैन, पिंचू कपूर, सुन्दर तनेजा, आई एस
जौहर और पेंटल प्रमुख कलाकार हैं. तांगे पर एक बच्चे को
लेकर एक कलाकार गीत गाता चला जा रहा है. पहचानिये इसे.
बीचबीच में नायिका योगिता बाली का मुखडा दिखाई देता है.






गीत के बोल:

अरे देख ली तेरी बम्बई
रोज मुसीबत यहाँ नई
अरे देख ली तेरी बम्बई
रोज मुसीबत यहाँ नई

पत्थर दिल इंसान यहाँ
जाने मोहब्बत कहाँ गयी
जाने मोहब्बत कहाँ गयी
अरे देख ली तेरी बम्बई
रोज मुसीबत यहाँ नई

जितने हैं दौलत वाले यहाँ
बम्बई है जन्नत उनके लिए
सामान है दिल बहलाने को
मजबूरों की इज्ज़त उनके लिए
इन इज्ज़त लूटने वालों की
इन इज्ज़त लूटने वालों की
जाने इज्ज़त कहाँ गई
अरे जाने इज्ज़त कहाँ गई

अरे देख ली तेरी बम्बई
रोज मुसीबत यहाँ नई

प्यार सभी करते हैं यहाँ
पर दिल में किसी के प्यार नहीं
बस वफ़ा की बात करते हैं
पर कोई किसी का यार नहीं
बेवफा है क्यूँ सब लोग यहाँ
बेवफा है क्यूँ सब लोग यहाँ
जाने मोहब्बत कहाँ गयी
जाने मोहब्बत कहाँ गयी
अरे देख ली तेरी बम्बई
रोज मुसीबत यहाँ नई
पत्थर दिल इंसान यहाँ
जाने मोहब्बत कहाँ गयी
जाने मोहब्बत कहाँ गयी
अरे देख ली तेरी बम्बई
रोज मुसीबत यहाँ नई
………………………………………………………….
Are dekh li teri Bambai-Oh Bewafa 1980

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Jan 15, 2015

भरी बरसात में दिल जलाया-ओ बेवफा १९८०

खुशकिस्मत हैं वो लोग जिन्हें सहयोग मिलता है जीवन में. सहयोग मिले
न मिले हर व्यक्ति को अपना काम करते रहना ज़रूरी है, चाहे इसे आप -नेकी
कर कुँए में डालना बोलें या खुले दिमाग वाली सोच, सहयोग और सौजन्य
सफलता की कुंजियाँ हैं.


मैं इस ब्लॉग के मित्र मंडल से पूछना चाहूँगा कि वो इस ब्लॉग पर किस तरह
की प्रस्तुतियाँ चाहता है. आपके जवाब मेरे लिए महत्त्वपूर्ण हैं. आप अपना
कीमती समय देते हैं इसे पढ़ने में. गुणवत्ता सुधार जीवन का आवश्यक तत्त्व
है. आशा है आप मुझे निराश नहीं करेंगे.

आइये आपको सुनवाते हैं एक करारा गीत, जी हाँ, सन ८० में मैंने अपने एक
मित्र को इसे करारा कहते ही सुना था. ये उस समय का लोकप्रिय गीत था.
फिल्म ओ बेवफा का "भरी बरसात में दिल लगाया " गीत लिखा है फिल्म के
निर्देशक सावन कुमार टाक ने और संगीत है वेदपाल का, गा रही हैं इसे
हेमलता. सावन कुमार के लिखे गीतों में "सावन" शब्द न हो ऐसा कैसे
हो सकता है भला ? उन्होंने गर्मी पर भी गीत लिखा होगा तो उसमें सावन
शब्द  ज़रूर आया होगा.



गीत के बोल:



भरी बरसात में दिल जलाया
रे जा तेरा कुछ न रहे
भरी बरसात में दिल जलाया
रे जा तेरा कुछ न रहे
संग सावन के
मुझको रुलाया
रे जा तेरा कुछ न रहे
भरी बरसात में दिल जलाया
रे जा तेरा कुछ न रहे
 
प्रीत न करियो सबने कहा था 
मैं निकली नादान
मैंने तुझपे किया भरोसा
तू निकला बेईमान
अपना तू निकला पराया
रे जा तेरा कुछ न रहे
 
भरी बरसात में दिल जलाया
रे जा तेरा कुछ न रहे
 
मैं खुद को मीरा समझी थी 
तुझको समझा श्याम 
मैं खुद को मीरा समझी थी 
तुझको समझा श्याम 
पर तूने बेदर्दी मेरा 
प्यार किया बदनाम
तूने प्यार में ज़हर मिलाया
रे जा तेरा कुछ न रहे
 
भरी बरसात में दिल जलाया
रे जा तेरा कुछ न रहे
 
तोड़ के मेरे दिल को ज़ालिम 
चैन कहाँ तू पायेगा 
तोड़ के मेरे दिल को ज़ालिम 
चैन कहाँ तू पायेगा 
मैं पछताई पाकर तुझको 
तू खो कर पछतायेगा 
बैरी काहे को ब्याह रचाया 
रे जा तेरा कुछ न रहे
 
भरी बरसात में दिल जलाया
रे जा तेरा कुछ न रहे
भरी बरसात में दिल जलाया
रे जा तेरा कुछ न रहे
…………………………………………………….

Bhari barsaat mein dil jalaya-Oh bewafa 1980

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Apr 12, 2012

बरखा बैरन ज़रा थम के बरसो-सबक १९७३

हिंदी फिल्म जगत में अक्सर ऐसा हुआ है कि टैंडम सोंग्स
में मेल वर्ज़न ज्यादा सुने जाते हैं और लोकप्रिय होते हैं.
इस मिथक को हालांकि कुछ गीतों ने तोड़ने की कोशिश
ज़रूर की है मगर ट्रेंड जो चला आ रहा है उसमें कोई
खास बदलाव नहीं आया है.

फिल्म महबूबा के गाने-मेरे नैना सावन भादो को लीजिए,
तकनीकि रूप से लता मंगेशकर का वर्ज़न श्रेष्ठ है मगर
लोकप्रिय है किशोर कुमार वाला वर्ज़न.

सन १९७३ की फिल्म सबक में मुकेश का गाया एक गीत
है-बरखा रानी ज़रा जम के बरसो. ये गाना मुकेश के बड़े
लोकप्रिय गीतों में शुमार है. सावन कुमार का गीत है और
उषा खन्ना संगीतकार.

सबक में शत्रुघ्न सिन्हा और पूनम चंडीरामानी लीड पेयर
हैं जो आगे चल के असल जीवन में भी जोड़ी बन गए.

सुनते हैं सुमन कल्यानपुर का गाया ये मधुर और दुर्लभ
गीत.



गीत के बोल:

बरखा बैरन ज़रा थम के बरसो
………………………………………..
Barkha bairan-Sabak 1973

Artists: Shatrughan Sinha, Poonam

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Jan 20, 2012

साथ जियेंगे साथ मरेंगे-लैला १९८४

सन १९८४ के बड़े हिट गीतों में से एक है प्रस्तुत गीत.
नये गायक मनमोहन सिंह की आवाज़ जनता को खूब
भाई. साथ में लता मंगेशकर की जादुई आवाज़ तो है ही.

सावन कुमार के बढ़िया बोलों को सुरों में पिरोया है
उषा खन्ना ने. गीत का फिल्मांकन खूबसूरत लोकेशंस
पर हुआ है.



गीत के बोल:

साथ जियेंगे साथ मरेंगे
साथ जियेंगे साथ मरेंगे हम तुम दोनों लैला
मरने से नईयो डरना
तन भी तेरा मन भी तेरा जान भी तेरी है छैला
मरने से नईयो डरना
हो मरने से नईयो डरना मरने से नईयो डरना

लैला
देव

प्यार हमारा अमर रहेगा तन मिट जायेंगे
तन मिट जायेंगे
जो जिस्म बदल जायेंगे अपने नाम बदल जायेंगे
नाम बदल जायेंगे हो ओ ओ ओ
नये जनम में होगा अपना मधुर मिलन फिर लैला
मरने से नईयो डरना
हो मरने से नईयो डरना मरने से नईयो डरना

रब से मिलेंगे तो पूछेंगे कैसी है तेरी खुदाई
कैसी है तेरी खुदाई
प्यार की किस्मत में क्यूँ लिख दी तूने सिर्फ जुदाई
तूने सिर्फ जुदाई ओ ओ ओ ओ
रब के लिखे को सच कर देंगे मर के हम तुम छैला
मरने से नईयो डरना

साथ जियेंगे साथ मरेंगे हम तुम दोनों लैला
मरने से नईयो डरना
तन भी तेरा मन भी तेरा जान भी तेरी है छैला
मरने से नईयो डरना
हो मरने से नईयो डरना मरने से नईयो डरना
मरने से नईयो डरना मरने से नईयो डरना
…………………………………………………
Sath jiyenge sath marenge-Laila 1984

Artists: Anil Kapoor, Poonam Dhillon

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Jan 15, 2012

हो गये दीवाने तुमको देख कर-लैला १९८४

फिल्म लैला का सबसे लोकप्रिय गीत इसका युगल गीत है
उसके बाद इस गीत का नंबर आता है. ये है किशोर कुमार
का गाया हुआ.

सावन कुमार के बोल हैं और उषा खन्ना का संगीत. नायक
अनिल कपूर भी बड़े खुशकिस्मत हैं कि उन्हें किशोर कुमार
के गाने मिल गए.

चौदहवीं का चाँद को बहुत दिनों बाद किसी गीतकार ने याद
किया है. नायक नायिका को सोलहवें साल में ही दुल्हन बना
रहा है. सरकारी कानून फिल्मों में नहीं चला करता.

इतनी  सुन्दर हीरोईन को देख के कौन दीवाना नहीं हो जायेगा.
उस ज़माने के दर्शकों से पूछो ज़रा.



गीत के बोल:

हो गये दीवाने
हो गये दीवाने तुमको देख कर इस हाल में
चौदहवीं का चाँद हो तुम चौदहवें ही साल में
हो गये दीवाने तुमको देख कर इस हाल में
चौदहवीं का चाँद हो तुम चौदहवें ही साल में
हो गये हे हे हो गये आ हा हो गये दीवाने

ये मचलती कमसिनी और उसपे चढ़ता ये शबाब
एक नकली तिल लगा लो गाल पर अपने जनाब
ये मचलती कमसिनी और उसपे चढ़ता ये शबाब
एक नकली तिल लगा लो गाल पर अपने जनाब
बदनज़र से बच के पहुंचोगे पन्द्रहवें साल में

हो गये दीवाने तुमको देख कर इस हाल में
चौदहवीं का चाँद हो तुम चौदहवें ही साल में
हो गये हे हे हो गये आ हा हो गये दीवाने

आ गई तुमको हया मेरी ज़रा सी बात पर
लीजिए रख लीजिए दिल मेरा अपने हाथ पर
आ गई तुमको हया मेरी ज़रा सी बात पर
लीजिए रख लीजिए दिल मेरा अपने हाथ पर
हम बना लेंगे तुम्हें दुल्हन सोलहवें साल में

हो गये दीवाने तुमको देख कर इस हाल में
चौदहवीं का चाँद हो तुम चौदहवें ही साल में
हो गये हे हे हो गये आ हा हो गये दीवाने
……………………………………………….
Ho gaye deewane tumko dekh kar-Laila 1984

Artist: Anil Kapoor

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Jan 10, 2012

गीतों से सरगम कलियों से शबनम-लैला १९८४

उषा खन्ना के संगीत से सजी फिल्म लैला के गाने अपने
समय के हिट गाने हैं. एक दशक तक तो नियमित रूप से
बजे थे ये गाने.

एक गीत सुनते हैं लता मंगेशकर और मनमोहन सिंह की
आवाजों में. गीत अनिल कपूर और पूनम ढिल्लों पर फिल्माया
गया है.

गीत सावन कुमार टाक का लिखा हुआ है. गीत के पञ्च लाइन
है-दूर रहे तो दूर रहे.



गीत के बोल:

गीतों से सरगम कलियों से शबनम दूर रहे तो दूर रहे
पर तुम ना रहना दूर ओ सनम मर जायेंगे हम अपनी कसम
सावन से बदली फूलों से तितली दूर रहे तो दूर रहे
पर तुम ना रहना दूर ओ सनम मर जायेंगे हम अपनी कसम
सावन से बदली फूलों से तितली दूर रहे तो दूर रहे

मेहँदी से हथेली दूर रहे तो दूर रहे
बागों से चमेली दूर रहे तो दूर रहे
अंखियों से कजरा जुल्फों से गजरा
पर तुम ना रहना दूर ओ सनम मर जायेंगे हम अपनी कसम
गीतों से सरगम कलियों से शबनम दूर रहे तो दूर रहे

नदिया से किनारा दूर रहे तो दूर रहे
अम्बर से सितारा दूर रहे तो दूर रहे
चन्दा से चकोरी पतंग से डोरी
पर तुम ना रहना दूर ओ सनम मर जायेंगे हम अपनी कसम
सावन से बदली फूलों से तितली दूर रहे तो दूर रहे

सीप से मोती दूर रहे तो दूर रहे
दीप से ज्योति दूर रहे तो दूर रहे
कानों से बाली होंठों से लाली दूर रहे तो दूर रहे
पर तुम ना रहना दूर ओ सनम मर जायेंगे हम अपनी कसम
सावन से बदली फूलों से तितली दूर रहे तो दूर रहे
…………………………………………………
Geeron se sargam kaliyon se shabnam-Laila 1984

Artists: Anil Kapoor, Poonam Dhillon

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Nov 22, 2010

सासू तीरथ ससुरा तीरथ-सौतन १९८३

आपने तरह तरह के तीर्थ स्थलों के बारे में सुना होगा और गए भी
होंगे शायद कुछ जगहों पर। हिंदी फिल्मों में कुछ अलग तीरथ भी
मिला। राजेश खन्ना और टीना मुनीम पर फिल्माया गया रोचक
और मनोरंजक गीत देखिये सावन कुमार टाक की फिल्म सौतन से।

वैसे भी राजेश खन्ना पर फिल्माए गए अधिकतर गीत जीवंत लगते हैं।
ये एक हिट फिल्म है और शायद राजेश खन्ना की सबसे सफल
फिल्मों में से एक।

सावन कुमार टाक ने बहुतेरे फ़िल्मी गीत लिखे हैं। उनके कई गीत सुन
कर लगता है जैसे वे कोई पेशेवर फ़िल्मी गीतकार हों। तुकबंदी के मामले
में वे कहीं कहीं आनंद बक्षी से होड़ करते नज़र आते हैं।




गीत के बोल:

अरे सासू तीरथ, अरे ससुरा तीरथ
सासू तीरथ, ससुरा तीरथ
तीरथ साला साली है
अरे दुनिया के सब तीरथ झूठे
चारों धाम घरवाली है
अरे चारों धाम घरवाली है

सासू तीरथ, ससुरा तीरथ
तीरथ साला साली है
अरे दुनिया के सब तीरथ झूठे
चारों धाम घरवाली है
अरे चारों धाम घरवाली है

बीबी जब रूठे तो याद आती है साली
बीबी जब रूठे तो याद आती है साली
साली जीजा को प्यारी है, वो गोरी हो या काली
लेकिन अपनी किस्मत में तो साला है ना साली है
अरे चारों धाम घरवाली है
चारों धाम घरवाली है

अरे सासू तीरथ, अरे ससुरा तीरथ
तीरथ साला साली है
अरे दुनिया के सब तीरथ झूठे
चारों धाम घरवाली है
अरे चारों धाम घरवाली है

बीबी तो अच्छी वो होती जो नखरे वाली
बीबी तो अच्छी वो होती जो नखरे वाली
दूजों से प्यारी लगती है देती है जब जब गाली
त्वाडी तो सानू पता नहीं
त्वाडी तो सानू पता नहीं
पर साडी ते मखणा वाली है
अरे चारों धाम घरवाली है
चारों धाम घुरवाली है

अरे सासू तीरथ, अरे ससुरा तीरथ
तीरथ साला साली है
ए दुनिया के सब तीरथ झूठे
चारों धाम घरवाली है
अरे चारों धाम घरवाली है

बोलो घरवाली की जय
बोलो मखणा वाली की जय
बोलो अपनी भी,.......नहीं नहीं नहीं
घरवाली की......जय
...................................................................
Sasu teerath sasura teerath-Sautan 1983

Artists-Rajesh Khanna, Tina Munim

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Nov 10, 2010

कौन सुनेगा-सौतन की बेटी १९८९

आइये आज आपको सुनवाया जाए एक गीत जो सन १९८९ की
फिल्म 'सौतन की बेटी' से लिया गया है। गीत लोकप्रिय गीत है
लेकिन इसके संगीतकार का नाम ज्यादा प्रसिद्ध नहीं। ये गीत
किशोर कुमार के अवसान के बाद प्रकट हुआ सन १९८९ में और
उनके गाये आखिरी कुछ गीतों में से एक है। इस गीत को लिखा
है सावन कुमार टाक ने और इसकी धुन बनाई है वेदपाल ने।
गीत फिल्माया गया है सुमीत सहगल नाम के नायक पर जो खुद
भी ज्यादा प्रसिद्ध नहीं हैं। वो इस मामले में भाग्यशाली हैं कि
किशोर का गाया एक श्रेष्ठ दर्दीला गीत उनके हिस्से आया। कुछ
संगीत प्रेमी किशोर का हर गीत राजेश खन्ना, अमिताभ या देव
आनंद पर फिल्माया गाया देखना चाहते हैं। इस गीत में कोई भी
अभिनेता होता तो भी कोई फर्क नहीं पढता। गीत दमदार है और
इसे पहचान के लिए किसी नामचीन अभिनेता की ज़रुरत नहीं।
ये बात और है कि किसी बड़े नायक के खाते में ये गीत आया होता
तो वो फख्र महसूस करता। वैसे हमारी देसी फिल्लम इंडस्ट्री में
शम्मी कपूर जैसे ईमानदार कलाकार कम है जो खुद की प्रसिद्धि
में गायक के योगदान को ह्रदय से स्वीकार करें। नंबर १-२-३ की कुर्सी
पर बैठे कलाकारों का अहम् इतना ऊंचा हो जाता है की वे "मैं" और
"हम" के दायरे में सिमट जाते हैं।

जिनका ये मानना है कि किशोर कुमार केवल खुशनुमा और हास्य
गीत के लिए जाने जाते हैं उनको शायद एक बाद किशोर के गाये
गीतों की विविधता पर शोध की आवश्यकता है। ये वाकया उन संगीत
प्रेमियों के लिए है जिन्होंने किशोर के २०-३० गीत सुन रखे हैं।
हिंदी फिल्म सिनेमा के खजाने में किशोर के गाये लगभग ३०००
गीत मौजूद हैं ।

वेदपाल ने काफी अच्छा संगीत दिया है इस फिल्म में। उनकी शैली
कुछ कुछ उषा खन्ना की शैली से मिलती है । फिल्म सावन कुमार की
है और इस मामले में शायद सावन कुमार से बेहतर जवाब कोई नहीं
दे सकता की ऐसा क्यूँ है। विडियो गीत से एक अन्तरा गायब है लेकिन
उसके बोल मैं यहाँ दे रहा हूँ।



गीत के बोल:

कौन सुनेगा किसको सुनाएँ
इसलिए चुप रहते हैं

कौन सुनेगा किसको सुनाएँ
कौन सुनेगा किसको सुनाएँ
इसलिए चुप रहते हैं
हमसे अपने रूठ ना जाएँ
हमसे अपने रूठ ना जाएँ
इसलिए चुप रहते हैं

मेरी सूरत देखनेवालों
मैं भी एक आइना था
मेरी सूरत देखनेवालों
मैं भी एक आइना था
टूटा जब ये शीशा ये दिल
सावन का महिना था
टुकड़े दिल के किसको दिखाएँ
टुकड़े दिल के किसको दिखाएँ
इसीलिए चुप रहते है
हमसे अपने रूठ ना जाएँ
हमसे अपने रूठ ना जाएँ
इसलिए चुप रहते हैं

आज ख़ुशी की इस महफ़िल में
अपना जी भर आया है
आज ख़ुशी की इस महफ़िल में
अपना जी भर आया है
गम की कोई बात नहीं हैं
हमें ख़ुशी ने रुलाया है
आंख से आंसू बह ना जाएँ
आंख से आंसू बह ना जाएँ
इसीलिए गुप रहते हैं
हमसे अपने रूठ ना जाएँ
हमसे अपने रूठ ना जाएँ
इसलिए चुप रहते हैं

प्यार के फूल चुने थे हमने
ख़ुशी की सेज सजाने को
प्यार के फूल चुने थे हमने
ख़ुशी की सेज सजाने को
पतझड़ बन कर आई बहारें
घर में आग लगाने को
आग में गम की जल ना जाएँ
आग में गम की जल ना जाएँ
इसीलिए चुप रहते है
कौन सुनेगा किसको सुनाएँ
कौन सुनेगा किसको सुनाएँ
इसीलिए चुप रहते हैं
इसीलिए चुप रहते हैं
...........................................................
Kaun sunega-Souten ki beti 1989

Artist: Sumit Sehgal

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